आत्मनिर्भर भारत विश्वपोषण के लिए आवश्यक, Galgotias University में बोले भारतीय शिक्षण मण्डल के संगठन मंत्री मुकुल कानिटकर

भारतीय शिक्षण मण्डल के युवा आयाम एवं रिसर्च फॉर रिसर्जेन्स फाउंडेशन, नागपुर द्वारा ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया विश्वविद्यालय में आयोजित युवा शोधवीर समागम के द्वितीय दिन युवा शोधवीरों को सम्बोधित करते हुए भारतीय शिक्षण मण्डल के अखिल भारतीय संगठन मंत्री मुकुल कानिटकर ने कहा कि भारत आज भी तपस्वियों का देश है, यह शोध रुपी तप ही है जो आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त कर रहा है | भारत ने राह में आने वाली प्रत्येक चुनौती को अवसर में बदला है | जिस दिन देश का युवा देशभक्ति की ज्वाला में तपने को पूरी तरह तैयार हो जायेगा, हमारा देश सर्वोच्च शिखर पर होगा | आत्मनिर्भर भारत विश्वपोषण के लिए आवश्यक है |

उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि जब देश के अधिकाधिक युवा राष्ट्रनिर्माण में आहुति देंगे, भारत विश्वगुरु बन जायेगा | कानिटकर ने प्राचीन भारत के गौरवशाली इतिहास पर भी प्रकाश डाला एवं कहा कि यदि भारत पराधीन नहीं होता तो विश्व कल्याण को सर्वोपरी मानने वाला भारत सभी क्षेत्रों में अग्रणी होता | वर्तमान सरकार भारत के गौरव को स्थापित करने का प्रयास कर रही है |

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