ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 15 साल पुराने अवैध कब्जे को ढहाया, 28 हजार वर्ग मीटर से अधिक एरिया से हटाया अतिक्रमण

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने खेड़ा चौगानपुर में 15 साल पुराने अवैध निर्माण को वृहस्पतिवार ढहा दिया। वहीं बिसरख जलालपुर में भी बन रही अवैध कॉलोनी को भी गिरा दिया गया। दोनों जगह की कार्रवाई से करीब 28 हजार वर्ग मीटर जमीन खाली करा ली गई है। इसकी कीमत करीब 57 करोड़ रुपये होने का आकलन है। इन जगहों पर किसानों के लिए छह फीसदी आबादी भूखंड नियोजित किए गए हैं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के प्रभारी महाप्रबंधक सलिल यादव ने बताया कि वर्क सर्किल तीन के प्रभारी चेतराम सिंह के नेतृत्व में प्रबंधक राजेश कुमार निम, सहायक प्रबंधक राजीव कुमार, प्राधिकरण के पुलिस इंस्पेक्टर फतेह सिंह व उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कलयाण बोर्ड के सुरक्षा बलों की टीम ने बृहस्पतिवार को खेड़ा चौगानपुर में 20, 243 वर्ग मीटर जमीन खाली कराई है। यहां पर 2008 से अतिक्रमण हो रखा था। कालोनाइजर इस जमीन पर अवैध कालोनी काट रहे थे। इस जमीन कीमत करीब 41 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके बाद इसी टीम ने बिसरख जलालपुर में करीब 8000 वर्ग मीटर जमीन खाली कराई। यह प्राधिकरण की अर्जित और कब्जा प्राप्त जमीन है। यहां भी अवैध कालोनी काटी जा रही थी। इस जमीन कीमत भी करीब 16 करोड़ रुपये आंकी गई है। पांच जेसीबी, पांच डंफर व 25 कर्मचारियों की टीम ने इन दोनों कार्रवाई को अंजाम दिया। इन दोनों जगहों पर किसानों की छह फीसदी आबादी भूखंड नियोजित किए गए हैं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ व मेरठ मंडलायुक्त सुरेन्द्र सिंह ने कहा है कि अधिसूचित एरिया में अवैध निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने इन कालोनाइजरों से सस्ते रेट के चक्कर में जमीन खरीदने वालों को आगाह किया है कि वे अपनी गाढ़ी कमाई को इस तरह न फंसाएं।

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