ग्रेटर नोएडा के युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार, प्राधिकरण के सीईओ ने दिए ये ज़रूरी निर्देश

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम व उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की संयुक्त पहल से स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने का दायरा और बढ़ेगा। उनको कई और ट्रेड में प्रशिक्षण दिलाने की कोशिश की जाएगी। प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने युवाओं को रोजगार दिलाने की इस मुहिम के प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए सहयोगी संस्थाओं को ये निर्देश दिए हैं।

दरअसल, ग्रेटर नोएडा के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण की पहल पर बीते साल राष्ट्रीय कौशल विकास निगम से सहयोग से ग्रेटर नोएडा में छह प्रशिक्षण केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया। इनमें से चार प्रशिक्षण केंद्र बीते साल ही खोल दिए गये। इनमें से पहला प्रशिक्षण केंद्र सेक्टर अल्फा वन के ट्रेडिक्स टॉवर में शुरू हुआ। इस प्रशिक्षण केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दूसरा केंद्र, गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल, मुबारकपुर में शुरू हुआ। इसमें टेलीकॉम सेक्टर में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तीसरा केंद्र नॉलेज पार्क थ्री में खोला गया। इस प्रशिक्षण केंद्र में ऑटोमोबाइल सेक्टर में छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और अब चौथा केंद्र नोएडा आईटीआई , मेन रोड चिपियाना बुजुर्ग में शुरू हुआ । यहां इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पांचवां केंद्र नॉलेज पार्क टू और छठां उद्योग केंद्र वन में खोलने की तैयारी थी, लेकिन कोरोना के चलते ये शुरू नहीं हो सके। इन प्रशिक्षण केंद्रों की अब तक की प्रगति रिपोर्ट की ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने मंगलवार को समीक्षा की। इस बैठक में एसीईओ दीप चंद्र व अमनदीप डुली, ओएसडी सचिन कुमार सिंह, डीजीएम सीके त्रिपाठी के अलावा नेशनल स्किल डेवलपमेंट कार्पोरेशन और उत्तर प्रदेश कौशल मिशन और उनके ट्रेनिंग पार्टनर संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रतिनिधियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में छह केंद्रों पर कुल 1170 युवाओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण देने का लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें से कोरोना के चलते दो केंद्र शुरू नहीं किए जा सके। इस वजह से चार केंद्रों पर 740 युवाओं को प्रशिक्षण का लक्ष्य तय किया गया, जिसमें से 265 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 322 युवाओं की ट्रेनिंग चल रही है। 153 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाना शेष है। इन युवाओं को ऑटोमेटिव, टेलीकाॅम और इलेक्ट्राॅनिक्स सेक्टर में प्रशिक्षण दिया गया। जिन युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, उनमें अधिकांश को रोजगार भी मिल चुका है। सीईओ ने आगामी वित्तीय वर्ष में और भी अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने सभी संस्थाओं से अपैरल, एलईडी रिपेयर, सोलर पैनल रिपेयर, वेस्ट मैनेजमेंट समेत अन्य सेक्टरों में युवाओं को प्रशिक्षण देने को कहा। नरेंद्र भूषण ने प्लेसमेंट प्रक्रिया को और कारगर बनाने के लिए चयनित युवाओं से फीडबैक लेने के निर्देश दिए।

सीईओ ने मांगा प्रशिक्षण कार्यक्रम का एक्शन प्लान

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की बैठक के बाद सीईओ ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की प्रगति रिपोर्ट भी देखी। बीते साल सूरजपुर में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की संयुक्त पहल पर आयोजित रोजगार प्रशिक्षण मेले से प्राप्त आवेदनों पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने बताया कि इस मेले में करीब 717 छात्रों ने प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कराया था और बाद में इनकी संख्या बढ़कर 1122 हो गई। इन युवाओं को उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के ट्रेनिंग पार्टनर्स के जरिए प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। दोनों समीक्षा बैठकों में सीईओ ने और अधिक युवाओं को प्रशिक्षण व रोजगार दिलाने पर जोर दिया। सीईओ ने और युवाओं के प्रशिक्षण के लिए एक्शन प्लान शीघ्र बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस मुहिम से औद्योगिक संगठनों को भी जोड़ने के निर्देश दिए।

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