खिलौना इंडिया फेयर’23 18 अगस्त से शुरू, भारत के खिलौने सेक्टर की निर्यात क्षमता को मिलेगा बढ़ावा

ग्रेटर नोएडा/ दिल्ली एनसीआर – 17 अगस्त 2023 – हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा आयोजित खिलोना-इंडिया टॉयज एंड गेम्स फेयर के दूसरे संस्करण का आयोजन 18-20 अगस्त 2023 तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर किया जा रहा है। ईपीसीएच की अवधारणा पर हो रहे इस बी2बी आयोजन को कपड़ा मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय खिलौनों और खेल क्षेत्र के व्यापक प्रतिनिधित्व को एक साथ लाना है।

ईपीसीएच के अध्यक्ष दिलीप बैद ने बताया, “खिलौना-इंडिया टॉयज एंड गेम्स फेयर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी के खिलौनों और खेलों में ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है। जैसा कि भारत इस सेगमेंट में भी मैन्यूफैक्चरिंग में अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर रहा है, ऐसे इस सेगमेंट में एक वैश्विक सोर्सिंग हब बनने के लक्ष्य के साथ यह आयोजन किया जा रहा है।” अपनी बात को विस्तार देते हुए उन्होंने कहा, “खिलोना का उद्देश्य एक ऐसे पूरे स्पेक्ट्रम को एक मंच पर लगाना है जिसमें 150 से अधिक उद्योग- व्यवसाय, छोटे और मझौले निर्यातकों, कारीगरों, उद्यमियों, डिजाइनरों और शिल्पियों से लकेर भारत के अग्रणी निर्माता निर्यातकों तक का क्रास सेक्शन शामिल हो। इस आयोजन में 12 डिस्प्ले सेगमेंट में 24 उत्पाद श्रेणियां शामिल होंगी जिनमें बच्चों के कमरे के लिए सहायक उपकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स, बैक टू स्कूल श्रेणियां, साइकिल और पैडल व्हील, बोर्ड गेम्स, भवन और निर्माण, पात्र और संग्रहणीय वस्तुएं, गुड़िया और अन्य समान खिलौने, शैक्षिक खिलौने , इलेक्ट्रॉनिक और सटीक खिलौने, खेल और पहेलियाँ, विरासत खिलौने, हॉबी सेट, शिशु खिलौने, अभिनव खिलौने, संगीत वाद्ययंत्र, आउटडोर अवकाश और खेल, सवारी और खींचने वाले खिलौने, रिमोट नियंत्रित खिलौने, नरम खिलौने, सदस्यता किट, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल खिलौने, पारंपरिक और शिल्प खिलौने और विशेष रूप से विकलांग बच्चों के लिए खिलौने जैसे उत्पाद शामिल होंगें।

इस अवसर पर आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने साझा किया,“खिलौना भारत के खिलौने और खेल उद्योग के भविष्य के लिए बड़ी महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। इसके साथ ही यह आयोजन खिलौना निर्माताओं, मुख्य रूप से एमएसएमई और पारंपरिक खिलौना निर्माताओं को अपने आकर्षण को बढ़ाने के लिए आवश्यक बाजार लिंकेज प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा। ऐसी उम्मीद है कि यह आयोजन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की उपस्थिति और विदेशी बाजारों में खिलौनों ,गेम्स व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ” अपनी बात को विस्तार देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित खिलौनों और खेलों की श्रृंखला सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती है, वे कालातीत, एजलेस और इंटरैक्टिव हैं। गुड़िया, सॉफ्ट टॉयज, छोटे बच्चों और शिशुओं, प्री-स्कूल और बोर्ड गेम जैसी खिलौनों की श्रेणियों में कारीगरों का बहुत अधिक श्रम लगता है और इन श्रेणियों में मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ाने की बहुत संभावना है। खिलौना आयोजन दुनिया भर के खरीदारों और व्यवसायियों के लिए पारंपरिक, आधुनिक और भविष्य के खिलौनों के निर्माताओं के साथ नेटवर्क और साझेदारी करने का एक विशेष अवसर है। इसके अलावा यह आयोजन भारतीय खिलौने और गेम्स उद्योग से संबंधित विभिन्न प्रमुख पहलुओं के बारे में मशहूर नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और शिक्षाविदों से समझने; नए रुझानों और अवसरों के बारे में जानने और रणनीतिक बी 2 बी गठबंधन बनाने का भी बहुत बड़ा अवसर है।

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आर. के. वर्मा ने इस अवसर पर कहा,”उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शकों की एक प्रभावशाली श्रृंखला के साथ, यह आयोजन खिलौनों और खेलों में नवीनतम रुझानों, डिजाइनों और खिलौनों और गेम्स सेक्टर में हो रही प्रगति से रूबरू होने के लिए एक प्रमुख मंच होने का वादा करता है। आगंतुक पारंपरिक खिलौनों और खेलों, कलेक्टिबल उत्पादों, नवाचारों और उच्च गुणवत्ता वाले निर्मित खिलौनों में भारत की ताकत देख सकते हैं। शानदार और जीवंत थीम क्षेत्र क्षेत्रीय खिलौना निर्माण शिल्प और पारंपरिक गुड़िया सहित भारत के खिलौना क्लस्टर्स और हब की ताकत को उजागर करेंगे। प्राकृतिक सामग्रियों से बने उत्पाद फोकस क्षेत्रों में होंगे। शो के दौरान खिलौना शिल्प प्रदर्शन और ‘मेड इन इंडिया टॉयज- इंस्पायरिंग क्रिएटिविटी एंड एनकरेजिंग न्यू एज इनोवेशन’ शीर्षक से एक पैनल चर्चा जैसे अतिरिक्त आकर्षण की भी योजना बनाई गई है।”

इस बी2बी शो में कनाडा, जर्मनी, घाना, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कुवैत, लेबनान, नीदरलैंड, ओमान, फिलिस्तीनी, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, ताइवान, ताजिकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के विदेशी खरीदार आएंगे। यूएसए, उज्बेकिस्तान, वियतनाम आदि और प्रमुख भारतीय खुदरा विक्रेताओं जैसे हेमलेज़-रिलायंस, लुलु इंटरनेशनल शॉपिंग मॉल, मोर रिटेल्स, टॉयज़स्टेशन, ट्रेंड्स एंड गिफ्ट्स, मावेरिक्स, शॉपर्स स्टॉप और कई अन्य से आने की पुष्टि भी प्राप्त हुई है।

पारंपरिक खिलौना समूह जैसे चन्नापटना लैकरवेयर खिलौने, कोंडापल्ली लकड़ी के खिलौने, एटिकोपाका लैकरवेयर खिलौने, वाराणसी लकड़ी के खिलौने, अशरिकांडी टेराकोटा खिलौने, जयपुर कठपुतली, किन्हाल लकड़ी के खिलौने, निर्मल लकड़ी के खिलौने, तंजौर टेराकोटा गुड़िया, इंदौर चमड़े के खिलौने, कडपा राजा रानी लकड़ी की गुड़िया, चित्रकोट की लकड़ी खिलौने, बिष्णुपुर खिलौना और गुड़िया भी शिल्पकारों द्वारा प्रस्तुत अपने शिल्प का प्रदर्शन करेंगे, वर्मा ने आगे कहा।

मेलों में आने वाले संभावित आगंतुकों में आयातक, थोक विक्रेता, ब्रांड मालिक, स्पेशलिटी स्टोर, खुदरा विक्रेता और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, किंडरगार्टन और स्कूल, डिजाइनर और व्यापारी, खेल और विशेष शिक्षण समूह आदि शामिल हैं।.

भारतीय खिलौना उद्योग विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ने वाले उद्योगों में से एक है, जिसके 2028 तक 3 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2022-28 के बीच 12% की सीएजीआर से बढ़ रहा है। घरेलू बाज़ार का आकार वर्तमान में अनुमानित मूल्य $1.5 बिलियन है। भारत का खिलौना निर्यात 2018-19 में 203.42 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2022-23 में 325.72 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है ।

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