मरीजों के बेहतर इलाज हेतु छात्रों को निरंतर शोध करना जरूरी: डाॅ0 एच0एम0एस0 रेहान | आईटीएस डेंटल काॅलेज, ग्रेटर नोएडा

दिनांक 29.04.2022 को आई0 टी0 एस0 डेंटल काॅलेज, ग्रेटर नोएडा द्वारा ‘‘रिसर्च मैथडोलोजी’’ पर वर्कशाॅप का आयोजन किया गया। जिसमें उत्तर भारत के कई संस्थानों से 150 से अधिक एम0डी0एस0 के छात्रों एवं शिक्षकों ने भाग लिया।

इस अवसर पर वर्कशाॅप के मुख्य वक्ता लेडी हार्डिंग मेडिकल काॅलेज, नई दिल्ली के निदेशक एवं फार्माकाॅलोजी विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ एच0एम0एस0 रेहान ने दंत चिकित्सा के क्षेत्र में शोध की सम्भावनाओं एवं इससे मरीजों को होने वाले लाभ के बारे में विस्तापूर्वक प्रकाश डालते हुए सभी शिक्षकों एवं छात्रों को बताते हुए कहा कि निरंतर छोटे से छोटे इलाजों के तरीकों पर भी नियमित रूप से इलाज के तरीकों एवं मरीजों को दी जाने वाली दवाओं पर बराबर शोध करते रहने चाहिए जिससे इलाजों के नए-नए तरीकों का ज्ञान होता है और इससे मरीजों को काफी फायदा होता है।

डाॅ0 रेहान ने शोध के विभिन्न प्रकारों एवं शोध करने के आसान तरीकों पर प्रकाश डालते हुए सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को समझाया कि शोध करना तब तक बंद नही करना चाहिए जब तक वांछित परिणाम न मिले।

डाॅ0 अरोरा ने बताया कि वर्कशाॅप का आयोजन संस्थान द्वारा नियमित रूप से विभिन्न विषयों पर वर्कशाॅप का आयोजन किया जाता है। जिससे छात्रों एवं शिक्षकों को उनके सम्बंधित विषयों पर शोध करने में काफी मदद मिलती है तथा इससे उनको मरीजों के इलाज में भी काफी सहायता मिलती हैं।

इस अवसर पर संस्थान के वाइस चेयरमैन  सोहिल चडढा ने हुए कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु संस्थान का यह हमेशा से प्रयास रहा है कि इस तरह के वेबिनार एवं वर्कशाॅप का नियमित रूप से आयोजन किया जाए। श्री चडढा ने बताया कि गत वर्ष लाॅकडाउन के दौरान भी कई आॅनलाइन वेबिनार का अयोजन किया गया था। श्री चडढा ने कहा कि इस तरह के वर्कशाॅप एवं वेबिनार के माध्यम से शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं को ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक विषयों पर जानकारी प्राप्त होती है जिससे सभी को काफी फायदा होता है।

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