शिक्षा विभाग मे बडा घोटाला 89 शिक्षण संस्था ओं ने फर्जी प्रमाण पत्रो के सहारे ली मान्यता

ग्रेटर नोएडा में शिक्षा विभाग मे बडे स्तर पर घोटाला सामने आया है जनपद मे वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरन 89 शिक्षण सस्थानो ने फर्जी प्रमाण पत्रो के सहारे मान्यता ली जिसकी जॉंच के बाद कलई ख्ुल है अब इनकी मान्यता को निरस्त करने की काचर्यवाही की जा रही है। जिलाधिकारी एन पी सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश से किसी भी शिक्षण संस्थान को शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त लेने के लिये स्कूल के भवन का नेशलन बिल्डिंग कोड(एन0बी0सी0) प्रमाण पत्र संलग्न करना होता है । जिसमे नेशलन बिल्डिंग कोड(एन0बी0सी0) प्रमाण पत्र उन्हर भवचनो को जारी किया जाता है जिनके भवन लैंटर के बने हो व जिनमे नीव मजबूती के साथ पिलर लगाकर बनायी गयी हो लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 मे सैकडो ऐसे विद्यालये को भी मान्यता दे दी गयी जिनके भवन गाटर पटिया से बने हुए थे जब इसकी शिकायत जिलाधिकारी एन पी सिंह के पास आयी तो जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी माखन लाल गुप्ता को प्रकरण की जॉच सौपी। मुख्य विकास अधिकारी माखन लाल गुप्ता ने जॉंच मे पाया कि जनपद मे वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान 184 शिक्षण संस्थाओं को शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता प्रदान की गयी। जिसमे 89 शिक्षण संस्थाओ ने मान्यता लेने के लिये आवेदन मे फर्जी नेशलन बिल्डिंग कोड(एन0बी0सी0) प्रमाण पत्र को संलग्न किया था। जबकि ये भवन नेशलन बिल्डिंग कोड के अनुसार नही बने है। इन स्कूलो ने फर्जी एनबीसी प्रमाण पत्र लगाकर मान्यता हासिल की गयी है। जॉच मे पाया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा 4 प्रामण पत्र , ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग द्वारा जारी किये गये 45, उॅपरी मांट शाखा खण्ड गंगानहर खुर्जा द्वारा जारी 7, लघु सिंचाई द्वारा जारी 2 ,डूडा द्वारा जारी किये गये 20 व विसरख विकास खण्ड द्वारा जारी किये गये 11 प्रमाण पत्र फर्जी पाये गये। जिलाधिकारी ने बताया कि इन 89 स्कूलो की मान्यता निरस्त करने के लिये आयुक्त मेरठ मण्डल मेरठ को पूर्ण रिर्पोट भेजी जा रही है ताकि उनके विरु़द्व कानूनी कार्यवाही की जा सके। जिसके बाद शिक्षा विभाग व शिक्षण संस्थानो मे हंडकम्प मचा हुआ है।