कचैडा के किसानों ने पुलिस पर महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने का लगाया आरोप

प्रदर्शन करने व अधिग्रहण के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में जेल में बंद किए गए कचैडा के किसान तेरह दिनों के बाद लुक्सर जेल से बुधवार रात साढ़े 11 बजे छूटने के बाद सीधे खेतों पर पहुंचे और ट्रैक्टर चलाकर जमीन पर कब्जा लेने की मुहीम शुरू कर दी है।

किसानों ने गांव में पंचायत कर पुलिस प्रशासन और बिल्डर के खिलाफ आंदोलन चलाने के लिए 50 सदस्यों की टीम गठित की है। किसानों ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप भी लगाया है। किसानों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेताओं ने उनकी कोई मदद नहीं की। किसान 50-50 हजार रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर खुद छूटकर आए हैं। किसानों ने लिखित में प्रशासन को बॉन्ड दिया है कि वे 6 महीने तक कोई आंदोलन नहीं करेंगे और न ही किसी आंदोलन में हिस्सा लेंगे।

कचैड़ा के पूर्व प्रधान व किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुशील नागर ने बताया कि किसी भी राजनीतिक पार्टी ने उनकी कोई मदद नहीं की। बीजेपी ने प्रशासन और पुलिस पर दबाव बनाकर किसानों को 13 दिनों तक जेल में बंद रखा गया। 62 किसान धारा 151 और 24 किसानों पर 7 धाराओं में बीजेपी ने मुकदमे लगवाए। किसानों का कहना है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान महिलाओं के साथ छेड़छाड़ व अश्लील हरकतें कीं। किसानों ने कहा है कि डीएम व दादरी एसडीएम को बर्खास्त करने की मांग को लेकर वे कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने के लिए अपील दायर करेंगे।