नरेंद्र भूषण ने ड्राई वेस्ट कलेक्शन सेंटर का किया उद्घाटन, प्लास्टिक कचरे से मिलेगा निजात

ग्रेटर नोएडा, 5 अगस्त 2021: हम चारों ओर प्लास्टिक से घिरे हुए हैं। आधुनिक जीवन के लिए यह बहुत जरूरी है, लेकिन प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल और इसके डिस्पोजल के गलत तरीके ने प्लास्टिक से होने वाली प्रदूषण की समस्या को जन्म दिया है। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है और कुदरती माहौल खराब होता है। प्लास्टिक से पैदा होने वाले कूड़ा-करकट के मुद्दे से निपटने के लिए एसबीआई कार्ड एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड (एसबीआई कार्ड) और भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संघ (आईपीसीए) में एक समझौता किया गया है, जिसके चलते वह प्लास्टिक कचरे से निजात पाने का तात्कालिक उपाय प्रदान करेंगे। एसबीआई कार्ड की सीएसआर शाखा की पहल के तहत इस प्रोजेक्ट को “इनोवेटिव मैकेनिज्म फॉर मैनेजमेंट ऑफ प्लास्टिक वेस्ट” कहा गया है। इस परियोजना का लक्ष्य प्लास्टिक वेस्ट के निपटारे के लिए एक स्थायी प्लास्टिक रिकवरी सप्लाई चेन विकसित करना है। ग्रेटर नोएडा में प्लास्टिक वेस्ट रिसाइक्लिंग के प्लांट से इस लक्ष्य की पूर्ति की जाएगी।

प्लास्टिक वेस्ट का यह रिसाइक्लिंग प्लांट स्थायी वैल्यू चेन विकसित करने का अपनी तरह का पहला नजरिया है, जिसमें सर्कुलर इकॉनमी विकसित करने के लिए प्लास्टिक कचरे का एक खास दिशा में निपटारा किया जाता है, जिससे एक बार इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक को नए तरीके से फिर प्रयोग में लाया जा सके। प्लास्टिक वेस्ट रिसाइक्लिंग प्लांट का उद्घाटन 5 अगस्त 2021 को ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और आईएएस नरेंद्र भूषण ने किया। वह निम्न क्वॉलिटी से प्लास्टिक चिप बोर्ड विकसित होने की पर्यावरण के अनुकूल तकनीक को देखकर काफी प्रसन्न हुए। उन्होंने विश्वास जताया कि इस रिसाइक्लिंग प्लांट के संचालन के बाद प्लास्टिक कचरे से कुछ हद तक निजात मिलेगी और इससे समाज को एक बार प्रयोग किए गए अन्य संसाधनों को भी रिसाइकिल कर नए तरीके से प्रयोग में लाने के लिए उत्साहित किया जा सकेगा।

एसबीआई कार्ड और पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग अफसर रिछपाल सिंह और भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संघ के निदेशक आशीष जैन भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के निपटारे से जुड़ी समस्या को हल करने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास करते रहने का प्रण लिया। इसके साथ ही उन्होंने प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल करने के लिए समाज को भी जागरूक और संवेदनशील बनाने की लगातार कोशिश करने का संकल्प लिया।

प्लास्टिक वेस्ट की रिसाइक्लिंग का यह प्लांट उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में इकोटेक-12 में स्थित है। इस प्लांट की क्षमता एक महीने में 900 मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट की रिसाइक्लिंग की है । इसे निम्न दर्जे से लेकर कई लेयर वाले प्लास्टिक (एमएलपी), जैसे पैकिंग मटीरियल, स्नैक रैपर्स और प्रॉडक्ट लेबल के प्लास्टिक वेस्ट को खासतौर पर रिसाइकिल करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह रिसाइक्लिंग प्लांट निम्न दर्जे के प्लास्टिक वेस्ट को प्लास्टिक चिप बोर्ड में तब्दील कर देता है, जिसका इस्तेमाल ऑटोमोबाइल सेक्टर, फर्नीचर इंडस्ट्री समेत कई अन्य उद्योगों में किया जा सकता है। इसके अलावा यह संयंत्र आधुनिक टेक्नोलॉजी और पीएनजी बेस्ड थर्मल हीटर का इस्तेमाल करता है, जिससे इस संयंत्र से उत्सर्जन नहीं (जीरो एमिशन) होता है। इस प्लांट से प्रदूषित तरल पदार्थ भी प्रवाहित नहीं होता या जीरो लिक्विड वेस्ट डिस्चार्ज (जेडएलडी) होता है। इस रिसाइक्लिंग प्लांट का उद्देश्य लोगों को निम्न दर्जे के प्लास्टिक कचरे से पैदा होने वाली परेशानी को कम करना और कुल प्लास्टिक वेस्ट की रिसाइक्लिंग दर में सुधार लाना है।

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