Daily Archive: April 16, 2019

जेवर एयरपोर्ट के किसानों को मुआवजा देने के लिए प्रशासन ने की तैयारी

Greater Noida : जेवर के पास बनने वाले इंटरनैशलनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए किसानों को मुआवजा बांटने के लिए जल्दी फाइलें बननी शुरू हो जाएंगी। जिला प्रशासन ने किसानों मुआवजे के लिए जरूरी दस्तावेज मांगने शुरू कर दिए हैं।
उन्हें फोटो, बैंक पासबुक, जमीन की खसरा-खतौनी, शपथ पत्र आदि जमा कराना होगा। किसानों को मुआवजे का पैसा सीधे आरटीजीएस से खाते में भेजा जाएगा। जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद अब प्रशासन ने किसानों से जमीन अधिग्रहण करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
पहले चरण में जेवर तहसील के 6 गांव रोही, पारोही, रन्हेरा, किशोरपुर, बनवारीबास और दयानतपुर की 1334 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण होनी है। एडीएम बलराम सिंह का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट की जमीन अधिग्रहण करने में कोई दिक्कत अब नहीं रही है।

Expert talk / Workshop on Application of Machine learning to Brain Computer Interface

Greater Noida : The Expert talk/Workshop on Application of Machine learning to Brain-Computer Interface was held by MS. AYESHA TOOBA KHAN who is an Assistant Professor in Aligarh Muslim University.

It was graced by Executive Director: I.T.S Education Group- Dr. Vikas Singh; Dean-AA, Dr. Gagandeep Arora; Dean-SW, Dr. Sanjay Yadav; HOD-ECE, Dr. Dinesh Chandra and HODs of all the departments; faculties; and students.

Dr. Dinesh Chandra ( HOD ECE) motivated the students for using the outcomes of this hands on workshop in their future life. He inspired students to not only know about their branch but also other branches. He added; “learning about every branch is what makes you a true engineer.”He further inspired the students to take up projects that includes machine learning.

The Expert talk/Workshop has been divided into two parts; lecture and hands on workshop. The Expert talk/Workshop started by some biology part including functions of brain, evolution of brain, recording the brain signals, EEG rhythms which proceeded to the introduction of BRAIN COMPUTER INTERFACE which expanded to MACHINE LEARNING.

After that, students moved to the laboratory to use MATLAB software for analysis of real time problem. All the students of ECE enthusiastically participated in the workshop/expert talk.  Students felt overwhelmed  after attending the hands on workshop.  By this Expert talk/Workshop , students learned much about various applications of Machine learning in real time.

साइट – 5 में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव

ग्रेटर नोएडा थाना क्षेत्र में आज सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस उपाधीक्षक (ग्रेटर नोएडा) अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रेटर नोएडा थाना क्षेत्र के साइट-5 के पास पुलिस को 50 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस शव की पहचान करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।

समाजवादी पार्टी में शामिल हुईं पूनम सिन्हा, लखनऊ से राजनाथ सिंह के खिलाफ लड़ेंगी चुनाव

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मेट्रो के गेट में फंसी साड़ी, मेट्रो चल पड़ी और घिसटते-घिसटते महिला ट्रैक पर गिरी

मोती नगर में महिला ट्रेन से उतर रही थी तो गेट बंद होते समय साड़ी गेट में फंस गई और मेट्रो चल पड़ी और घिसटते-घिसटते महिला ट्रैक पर गिरी

ईस्टर्न पेरीफ़ेरल एक्सप्रेस वे पर दर्दनाक हादसा, एक की मौत

ग्रेटर नोएडा :-  एक मौत एक घायल, ईस्टर्न पेरीफ़ेरल एक्सप्रेस वे पर तेज रफ़्तार ट्रक ने सरिये से भरे ट्रक में पीछे से मारी टक्कर, चालक की मौके पर ही हुई दर्दनाक मौत, पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, परिचालक गम्भीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती, थाना बादलपुर क्षेत्र की घटना।

सराहनीय हैं डायल 100 की तत्परता …. @updgp @sspnoida

Dr Avdesh Kumar Shrotiya

Greater Noida 15/0419 किसी आवश्यक कार्य से तुग़लपुर की ओर जाते हुए रास्ते मे एक गाड़ी को पेड़ से टकराता देख जब अन्य मददगारों की तरह मैं भी रुका तो देखा कि क्षतिग्रस्त गाड़ी में दो युवक बुरी तरह से लहूलुहान थे,जो मदद के लिए चिल्ला रहे थे, रास्ते से गुजरने वाले काफी लोगो ने उन घायलों की मदद की । स्वयं मैंने अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए पुलिस की मदद के लिए 100 नम्बर पर 22:28 पर फ़ोन कर घटना की जानकारी दी और ठीक 22:31 पर मेरे पास स्थानीय डायल 100 की गाड़ी के प्रभारी का घटना की लोकेशन पूछने के लिए फोन आया और 22:35 पर डायल 100 की गाड़ी आकर रुकी और इंस्पेक्टर साहब ने थोड़ी सी मुझसे तफ़्तीश (आवश्यक) करी फिर घायलों को गाड़ी में लेटाकर यथार्थ अस्पताल की और ले गए। एक घायल व्यक्ति का लहू ज्यादा बह चुका था अगर थोड़ी देर भी मदद न मिलती तो उस व्यक्ति की ज़िंदगी में संघर्षपूर्ण दौर आ सकता था। इस पूरे प्रकरण में जिस तत्परता के साथ पुलिस ने अपने कार्य को निर्वहन किया वो काबिले तारीफ़ हैं । तब मुझे और भी अच्छा लगा जब लखनऊ कॉल सेंटर से ठीक 22:41 पर डायल 100 की गाड़ी से मदद मिल जाने की पुष्टि के लिए भी फ़ोन आया /
डायल 100 एक बहुत ही अच्छा तंत्र विकसित हुआ हैं जिसका प्रभाव आज किसी की जान को बचते हुए देख समझ आया ।


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