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यमुना प्राधिकरण औद्योगिक भूखंडों का जल्द देगा पजेशन

यमुना प्राधिकरण औद्योगिक भूखंडों का जल्द देगा पजेशन
Greater Noida ( 14/04/19) : यमुना प्राधिकरण ने औद्योगिक भूखंडों के आवंटियों को पजेशन देना शुरू कर दिया है। सबसे पहले प्राधिकरण 450 वर्ग मीटर से 4000 वर्ग मीटर साइज तक के भूखंड के आवंटियों को पजेशन देगी। यमुना प्राधिकरण ने सेक्टर 32 और 33 को औद्योगिक सेक्टर बनाया है। इन सेक्टरों में प्राधिकरण ने उद्यमियों को 450 से 4000 वर्ग मीटर साइज के भूखंड आवंटित किए हैं।
सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह ने बताया कि सेक्टर-32 में 450, 595 और 1000 वर्ग मीटर के प्लॉट इन प्लॉट आवंटियों को कब्जा देने की शुरूआत की गई है। 30 जून तक सभी आवंटियों को कब्जा दे दिया जाएगा। इसी तरह सेक्टर 33 के आवंटियों को पजेशन दिया जाएगा।

यमुना प्राधिकरण की फाइलें अब होंगी ऑनलाइन, लागू होगी ई – प्रणाली

यमुना प्राधिकरण औद्योगिक भूखंडों का जल्द देगा पजेशन
यमुना प्राधिकरण जल्द ही एक नई पहल करने जा रहा है, या यूँ कहिये कि यमुना प्राधिकरण एक मई से पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगा। एक मई के बाद से यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने फाइलें नजर नहीं आएंगी। फाइलें डिजिटल होकर अधिकारियों तक पहुंचेगी। इन फाइलों पर ही अधिकारी अपनी टिप्पणी व आदेश अंकित करेंगे। प्राधिकरण की फाइलों की फाइल ट्रैकिग सिस्टम के जरिए निगरानी की जाएगी। कार्यशैली में दक्षता एवं पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्राधिकरण ई ऑफिस व्यवस्था लागू करने जा रहा है।
यमुना प्राधिकरण द्वारा आवंटियों की सुविधा के लिए एप्लीकेशन ट्रैकिग प्रणाली भी लागू करने की तैयारी है।  यमुना प्राधिकरण में करीब 57 हजार फाइलें हैं। इसमें 42 हजार फाइलें डिजिटल हो चुकी हैं। एक मई तक सभी फाइलें डिजिटल करने का लक्ष्य है। इसके बाद डिजिटल प्रारूप में ही फाइलें अधिकारी तक पहुंचेंगी।
इसके अलावा सारी फाइलें सर्वर पर पीडीएफ फाइल के रूप में भी सुरक्षित की जाएगी। सीईओ ने सभी फाइलों को एक मई से पहले डिजिटल करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों को नई व्यवस्था में कार्य करने में कोई दिक्कत न हो, उन्हें प्रतिदिन दो घंटे के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेन्द्र कुमार भाटिया ने जानकारी देते हुए बताया ई-प्रणाली लागू होने से कार्य में दक्षता व पारदर्शिता बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा आवंटियों को होगा। फाइलों की निगरानी के लिए फाइल ट्रैकिग प्रणाली के साथ आवंटियों की सुविधा के लिए एप्लीकेशन ट्रैकिग सिस्टम भी लागू किया जा रहा है। इसके तहत जब कोई उपभोक्ता प्राधिकरण संबंधित सेवाओं के लिए प्रार्थना पत्र देगा तो उसका मोबाइल फोन नंबर भी लिया जाएगा। एप्लीकेशन स्वीकार होने के साथ ही उसके मोबाइल फोन पर उसका यूनिक आइडी नंबर का एसएमएस आएगा। इस नंबर की मदद से आवंटी व अधिकारी जान सकेंगे कि प्रार्थना पत्र से संबंधित विषय के निस्तारण की क्या स्थिति है।

जेवर एयरपोर्ट के लिए कानूनी अड़चन हुई दूर

जेवर एयरपोर्ट के लिए कानूनी अड़चन हुई दूर

जेवर एअरपोर्ट की क़ानूनी अड़चन दूर। इलाहबाद हाई कोर्ट ने जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को सही ठहराया। सोमवार को कोर्ट ने सुनाया फैसला। जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को 8 याचिका दायर  कर दी गई थी चुनौती

यमुना प्राधिकरण के ठेकेदार से मांगी 50 लाख की रंगदारी

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यमुना प्राधिकरण के ठेकेदार से मांगी गई 50 लाख की रंगदारी, बदमाशों ने ठेकेदार से फोन पर मांगी रंगदारी,  रंगदारी न देने पर जान से मारने की दी धमकी, ठेकेदार का दनकौर में चल रहा निर्माण कार्य, दनकौर थाना में की मामले की शिकायत।

यमुना प्राधिकरण ने बकायेदारों को भेजा अंतिम नोटिस

यमुना प्राधिकरण ने बकायेदारों को भेजा अंतिम नोटिस
यमुना  प्राधिकरण ने 28 बिल्डर और 13 एजुकेशनल सोसायटियों के आवंटियों को  अंतिम नोटिस भेजे हैं। प्राधिकरण का इन आवंटियों पर करीब 5 हजार करोड़ रुपये का बकाया है। प्राधिकरण ने नोटिस में कहा है कि 28 फरवरी तक बकाया जमा नहीं किया तो आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।
बकाएदारों की सूची में बिल्डर थ्री सी होम, थ्री सी रेजिडेंसी, ग्रीनबे इंफ्रा, सुपरटेक टाउनशिप, सुपरटेक लिमिटेड, ओरीस डिवेलपर्स, सन वर्ल्ड और एटीएस रियलिटी शामिल हैं। इसके साथ ही प्राधिकरण कई बिल्डर और इंस्टिट्यूशल के आवंटियों के खिलाफ वसूली के लिए आरसी जारी करने जा रही है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने कहा कि 28 बिल्डरों पर 4 हजार करोड़ और एजुकेशन सोसायटियों पर 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। बिल्डर और इंस्टिट्यूशनल के सभी आवंटियों को अंतिम नोटिस भेजे गए है। यदि बकाया जमा नहीं कराया तो आवंटन निरस्त करने और बकाया वसूली के लिए आरसी जारी करने की कार्रवाई की जाएगी।

यमुना प्राधिकरण की आवसीय भूखंड योजना के लिए आवेदन की अंतिम तारिख हुई 22 फरवरी

यमुना प्राधिकरण की आवसीय भूखंड योजना के लिए आवेदन की अंतिम तारिख हुई 22 फरवरी
यमुना प्राधिकरण ने आवासीय भूखंड की स्कीम में आवेदन की तारीख 15 से बढ़ाकर 22 फरवरी कर दी है। इस स्कीम में अब तक 1500 से ज्यादा लोग आवेदन कर चुके हैं। स्कीम का ड्रॉ पहले से तय समय पर 28 फरवरी को ही निकाला जाएगा। ऑनलाइन आवेदन में तकनीकी समस्या आने की वजह से कई लोग आवेदन नहीं कर पाए।
सिस्टम की खराबी दूर होने के बाद यमुना प्राधिकरण ने योजना की तारीख बढ़ाई है। यमुना प्राधिकरण ने 28 जनवरी को जेवर एयरपोर्ट के पास आवासीय भूखंड की स्कीम निकाली थी। इसमें 60, 120, 162 और 300 वर्ग मीटर साइज के भूखंड शामिल किए गए हैं। ये सभी भूखंड आवासीय सेक्टर-18 में हैं। ये सेक्टर पूरी तरह से विकसित हो चुके हैं।

जेवर एसडीएम ने किया गौशाला का निरिक्षण, यमुना प्राधिकरण के अधिकारीयों को दिए कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश

जेवर तहसील एरिया के फलैंदा बांगर और जहांगीरपुर में बने गोशाला का निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण जेवर एसडीएस प्रसून द्विवेदी ने किया। इस दौरान उन्होंने गोशाला में गायों के लिए समुचित व्यवस्था नहीं पाई। उन्होंने 2 दिनो में शेष कार्यों को समाप्त करने के निर्देश यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों को दिए। गोशाला के निरीक्षण के दौरान यमुना अथॉरिटी के तहसीलदार और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भी मौजूद रहे।

यमुना प्राधिकरण में मनाया गया 70वां गणतंत्र दिवस, स्कूली छात्रों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

यमुना प्राधिकरण में मनाया गया 70वां गणतंत्र दिवस, स्कूली छात्रों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
आज 70वे गणतंत्र दिवस के अवसर पर यमुना प्राधिकरण में मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ अरुण वीर सिंह ने प्राधिकरण में ध्वजारोहण किया। प्राधिकरण के कार्मिकों और स्कूली बच्चों ने देश प्रेम से ओतप्रोत नृत्य, गीत और कविताओं सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। 
डॉ सिंह ने प्रतिभागियों को पुरष्कृत किया। सभा को विशेष कार्याधिकारी शैलेन्द्र भाटिया ने संबोधित करते हुए भारत की पिछले 70 वर्षों में की गईं प्रगति एवं शासन के नीतियों पर प्रकाश डाला। अंत मे मुख्य कार्यपालक डॉ अरुण वीर सिंह ने गणतंत्र के इतिहास और इसके मायने बताते हुए आम जन की समस्याओं को सुनने और उसके त्वरित निस्तारण करने के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

यमुना अथॉरिटी ने पहली बार आवंटित किए 164 औद्योगिक भूखंड, 49 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

यमुना अथॉरिटी ने पहली बार आवंटित किए 164 औद्योगिक भूखंड, 49 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
यमुना अथॉरिटी ने अपनी स्थापना के बाद पहली बार एक साथ 164 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए हैं। इन कंपनियों को 11 लाख 52 हजार वर्ग मीटर जमीन दी गई है। ये कंपनी 6427.13 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
49 हजार लोगों को अगले दो साल में रोजगार मिलने की उम्मीद है। इन कंपनियों के लिए अथॉरिटी यमुना सिटी में पांच अलग-अलग इंडस्ट्रियल सेक्टर विकसित कर रही है। 164 कंपनियों में से करीब 38 कंपनियों ने अपने प्लॉट की रजिस्ट्री भी करा ली है। ये कंपनी मार्च से निर्माण कार्य शुरू करेंगी। यमुना अथॉरिटी की स्थापना हुए 16 साल हो गए। इस दौरान अथॉरिटी यमुना सिटी में एक भी इंडस्ट्री नहीं लगा पाई।

14 जनवरी को नई आवासीय स्कीम लाने की तैयारी में यमुना प्राधिकरण

यमुना प्राधिकरण 14 जनवरी को फिर आवासीय भूखंडों की योजना लाने की तैयारी कर रहा है।
यमुना प्राधिकरण 14 जनवरी को फिर आवासीय भूखंडों की योजना लाने की तैयारी कर रहा है। वहीं, 20 दिसंबर को आवासीय योजना ड्रा में सफल आवेदकों को एक हफ्ते में आवंटन पत्र दे दिया जाएगा। पहली योजना से उत्साहित यमुना प्राधिकरण एक और आवासीय भूखंड योजना लाने की तैयारी में है। 14 जनवरी को यह योजना आ सकती है। इसमें 60, 90 और 120 मीटर के भूखंड होंगे। इसकी तैयारी चल रही है।
दूसरी तरफ, यमुना प्राधिकरण ने 2009 की योजना के आवंटियों को चरणबद्ध तरीके से कब्जा देना शुरू कर दिया है। अक्टूबर माह तक यीडा ने 4500 आवंटियों को पजेशन लेटर भेज दिया था। अब 31 दिसंबर तक 5 हजार और आवंटियों को यह पत्र भेजा जाएगा। इसके बाद लोग रजिस्ट्री करा सकेंगे। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से आवंटियों को कब्जा दिया जा रहा है।