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चाक़ू की नोक पर इंजीनियर से बदमाशों ने की लूटपाट

ग्रेटर नोएडा : देर रात चार मूर्ति गोलचक्कर के समीप इंजीनियर विवेक बिष्ट से चाकू की नोंक पर नकदी, मोबाइल, एटीएम कार्ड लूट ले गए बदमाश, ऑटो में सवारी बनकर बैठे थे बदमाश, चालक भी था शामिल। ग्रेटर नोएडा वेस्ट, बिसरख थाना क्षेत्र की घटना।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ACE सोसाइटी के फ्लैट में लगी आग

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ACE सोसाइटी के फ्लैट में लगी आग

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के ACE सोसाइटी में लगी आग….सोसायटी के बी टावर के 14 वें फ्लोर पर लगी   आग, बचाव कार्य जारी। टावर बी के 1401 फ्लैट संख्या में लगी है आग। फ्लैट के मालिक विभोर रस्तोगी किसी काम से शहर के बाहर गए हुए थे। शार्ट सर्किट आग लगने का कारण बताया जा रहा है।

बजट से निराश बायर्स ने शुरू की “नो टू नेता, यस तो नोटा” मुहीम

बजट से निराश बायर्स ने शुरू की "नो टू नेता, यस तो नोटा" मुहीम
नेफोवा के नेतृत्व में आम्रपाली के घर खरीदारों ने आज से शुरू की  ‘नो हाउस नो वोट’ मुहिम
बजट से निराश सैकड़ों की संख्या में खरीदारों ने लगाए ‘नो टू नेता, यस टू नोटा’ के नारे। फ्लैट न मिलने से निराश बायर्स ने आगामी लोकसभा चुनावों में मतदान न करने का प्राण लिया है।
बायर्स का कहना है कि जिस सरकार को जनता चुनती है वही सरकार जनता की एवज में काम नहीं करती है। कई सालों से बायर्स का पैसा फंसा हुआ है। बैंकों से लिए हुए लोन से उन्होंने फ्लैट खरीदा था, लेकिन बिल्डरों ने बायर्स को अभ तक नहीं दी है पजेशन।  बायर्स का कहना है कि जब तक उन्हें घर की पजेशन नहीं मिल जाती है, तब तक वे वोट नहीं देंगे । सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में भी फ्लैट बायर्स को कोई मदद नहीं मिली है।

एओए बनाकर हक हासिल करें ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी : एमएम माथुर

एओए बनाकर हक हासिल करें ग्रेनो वेस्ट के निवासी : एमएम माथुर
गौर सिटी में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन का गठन करने या नहीं करने के मुद्दे पर गतिरोध चल रहा है। समाधान तलाशने के लिए शनिवार को मीडिया कनेक्ट टीम और नोएडा अपार्टमेंट ऑनर्स फेडरेशन (नोफा) ने जागरूकता शिविर आयोजित किया।
नोफा के विधिक विशेषज्ञ और पूर्व कस्टम कमिश्नर एमएम माथुर ने गौर सिटी के निवासियों के सवालों के जवाब दिए। एमएम माथुर ने बताया कि एओए का गठन करना मौलिक जरूरत है। घर बेचने के लिए बिल्डर ने जो वादे किए थे, वह अधूरे हैं। अब यहां आकर बसे लोगों को यह पता लग रहा है। उन वादों को पूरा करवाने के लिए निवासियों को संगठन बनाना होगा। सोसायटी के रखरखाव की जिम्मेदारी एओए तब ले जब बिल्डर बायर एग्रीमेंट की शर्त पूरी हो जाएं।
नोफा के अध्यक्ष प्रोफेसर ब्रजेश सहाय, जिला न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शर्मा ने भी एओए से जुड़े सवालों का जवाब दिया। शिविर में आरएस उप्पल, विवेक रमन, विकास शर्मा मौजूद रहे।

बीजेपी सरकार के बजट से 3 लाख फ्लैट खरीदारों की उम्मीदों पर फिरा पानी

बीजेपी सरकार के बजट से 3 लाख फ्लैट खरीदारों की उम्मीदों पर फिरा पानी

आज पीयूष गोयल द्वारा पेश चुनावी बजट ने घर खरीदारों को पूर्ण रूप से निराश किया। जैसा कि पिछले कुछ दिनों से खबर आ रही थी कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें मिलकर नोएडा ग्रेटर नोएडा के तीन लाख फंसे हुए फ्लैट को जल्द पूरा कराने की जिम्मेवारी लेंगे। फ्लैट खरीदारों में आज सुबह से ही बजट को लेकर काफी उत्सुकता थी और ये उम्मीद जताई जा रही थी कि जो तीन लाख फंसे हुए फ्लैट खरीदार है उनके लिए सरकार इस बार के चुनावी बजट में राहत की खबर लेकर आएगी। लेकिन एक बार फिर उन तमाम फ्लैट खरीदारों को निराशा ही हाथ लगी।

सितंबर 2017 में मुख्यमंत्री योगी द्वारा जो तीन मंत्रियों की कमिटी बनाई गई थी। उस कमिटी द्वारा भी नेफोवा तथा सभी फ्लैट खरीदारों के आग्रह पर आम्रपाली, जेपी, अर्थ, यूनिटेक जैसे तमाम ठप्प पड़े प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य शुरू कराए जाने के लिए सरकार द्वारा स्ट्रेस फण्ड मुहैया कराए जाने की बात स्वीकार की गई थी तथा कमिटी ने सभी घर खरीदारों को उनका घर दिलाये जाने का वायदा किया था। लेकिन सारे वादे धरे रहे गए।

नेफोवा एक लंबे समय से ठप्प पड़े प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए संघर्ष करती आई है। कई दफा निर्माण शुरू कराने के लिए स्ट्रेस फण्ड और ईएमआई बंद कराने की मांग को लेकर धरने प्रदर्शन भी किये गए। मुख्यमंत्री, बड़े नेताओं, एमपी, एमएलए, मंत्रियों के सामने बार बार मांग रखी गई। लेकिन फ्लैट खरीदारों की, विशेषकर फंसे हुए प्रोजेक्ट के फ्लैट खरीदारों की मांग को आज के बजट में पूरी तरह खारिज कर दिया गया। ना ही स्ट्रेस फण्ड के बारे में कोई चर्चा हुई और न ही ठप्प पड़े प्रोजेक्ट के फ्लैट खरीदारों के इएमआई माफ किये जाने पर सरकार ने कोई निर्णय लिया। पिछले दस साल से रेंट और इएमआई की दोहरी मार झेल रहे तीन लाख से भी अधिक फ्लैट खरीदारों के लिए आज का बजट सिर्फ और सिर्फ निराशापूर्ण रहा।

कथित तौर पर तेंदुआ गाँव में घुसने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल

ग्रेटर नोएडा :- कथित तौर पर तेंदुआ दिखने से मचा हड़कंप, युवक को किया चोटिल, ग्रामीणों ने एक बाउंड्री में कथित तेंदुए को घेरा, पिछले सप्ताह वन विभाग के अधिकारियों ने बताया था फिशिंग कैट, ग्रामीणों में दहशत का माहौल, पिछले सप्ताह ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक निवासी ने फोटो खींचकर तेंदुआ होने की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की थी। थाना इकोटेक-3 क्षेत्र के सादुल्लापुर गांव की घटना।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सड़क पर देखा गया तेंदुआ, लोगों में भय का माहौल

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सड़क पर देखा गया तेंदुआ, लोगों में भय का माहौल
ग्रेटर नोएडा की सड़क पर बुधवार रात को एक तेंदुए को देखकर राहगीरों में सनसनी फैल गई।  ग्रेटर नोएडा में स्टेलर जीवन सोसाइटी के पास रात को कुछ राहगीरों ने कार और रोड लैंप की रोशनी में तेंदुए को सड़क पार करते हुए देखा।
जल्द ही यह सूचना नोएडा एक्सटेंशन की रेजिडेंशियल सोसाइटीज के वॉट्सऐप ग्रुप पर फैल गई। कुछ लोगों ने इस मामले पर ट्वीट करके उत्तर प्रदेश पुलिस को भी जानकारी दी। जिस सड़क पर यह तेंदुआ देखा गया, उस सड़क पर अमूमन आधी रात तक ट्रैफिक रहता है।
रात करीब आठ बजे यह तेंदुआ सड़क पार करता हुआ दिखाई दिया। यह तेंदुआ सड़क के किनारे चल रहे नाले के ऊपर बने पुल से गुजर रहा था।
एक ट्विटर यूजर ने पुलिस को इसकी जानकारी दी और फोटो के साथ ट्वीट किया कि सड़क पर तेंदुआ देखा गया है। इस पर पुलिस की ओर से तुरंत प्रतिक्रिया मिली।
मामले की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस के ट्विटर हैंडल से नोएडा पुलिस को ट्वीट करके कहा गया कि मामले को देखें। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस के कंट्रोल रूम से जानकारी दी गई कि पुलिस की मदद मौके पर पहुंच रही है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मिला अपना पिनकोड एवं पोस्ट ऑफिस

ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मिला अपना पिनकोड एवं पोस्ट ऑफिस
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों के लिए ये हफ्ता खुशी की खबर लेकर आया। लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार ग्रेटर नोएडा वेस्ट को अपना पोस्ट ऑफिस और पिन कोड मिल गया। थाना बिसरख रोड पर विधिवत रूप से नए पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन हुआ।
आज से पूरे ग्रेटर नोएडा वेस्ट का पिन कोड 201318 है और इलाके के लिए अब से यही पिन कोड लागू होगा। चीफ पोस्ट मास्टर जनरल उत्तर प्रदेश द्वारा इस पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन हुआ।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राम नरेश सिकारिया (एसएसपी गाजियाबाद), अजित प्रसाद सैनवाल (असिस्टेंट एसपी), राकेश रैना (जनसंपर्क अधिकारी), शिवशंकर शर्मा (एमओएस), विनय पांडेय और सचिन (सिस्टम मैनेजर) मौजूद रहे।
देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा एक्सटेंशन में करीब 2 लाख से ज्‍यादा अपार्टमेंट हैं। यहां तमाम अपार्टमेंट में लोग रहने भी लगे हैं। आने वाले वक्‍त में यहां की आबादी कई गुना बढ़ने वाली है। लेकिन यहां रहने वाले लोगों को ऑनलाइन सामान की डिलीवरी या दस्‍तावेजों में पिन कोड की जानकारी देने में दिक्कत महसूस होती है।
इस इलाके के अपार्टमेंट बिसरख गांव की अधिग्रहित जमीन पर बने है।  ऐसे में इन अपार्टमेंट्स के लिए भी बिसरख गांव का पिन कोड यानी 201306 लागू होता है। लेकिन अब यह गांव एक मिनी टाउन में तब्दील हो चुका है और गांव का पिन कोड शहरी रिहायशी इलाकों पर लागू नहीं होता।
वैसे तो नोएडा एक्सटेंशन में रहने वाले ज्यादातर लोग अपने दफ्तरों के पते पर ही डाक या कोरियर मंगाते हैं, लेकिन यहां घरों के रजिस्ट्रेशन के दस्तावेजों में भी पिन कोड का जिक्र नहीं होता है। ऐसे में घरों का रजिस्ट्रेशन बिना पिन कोड के ही हो रहा है। ऑनलाइन कंपनियां यहां सामान पहुंचाने लगी थीं लेकिन पिन कोड के लिए उनका आग्रह बना रहता था।
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा और नोएडा में वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान कुल तीन नए डाक घर खोले जा चुके हैं. बीते साल 8 मार्च को ग्रेटर नोएडा में गुरजिंदर विहार पोस्ट ऑफिस खोला गया. इसके अलावा सेक्टर 122 पोस्ट ऑफिस नोएडा और सेक्टर-128 पोस्ट ऑफिस नोएडा खोले गए हैं। O

फ्लैटों में चोरी का किया विरोध, बिल्डर ने निवासियों को भेजा मानहानि का नोटिस

फ्लैटों में चोरी का किया विरोध, बिल्डर ने निवासियों को भेजा मानहानि का नोटिस
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एक सोसायटी में निवासियों को बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोलना भारी पड़ गया। आरोप है कि बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले निवासियों को बिल्डर प्रबंधन ने लीगल नोटिस भेजा है, जिससे सोसायटी के लोगों में आक्रोश है।
लोगों का कहना है मूलभूत सुविधाओं के साथ बिल्डर की गलत नीतियों का विरोध करना उनका अधिकार है, लेकिन बिल्डरों ने लीगल नोटिस नाम का नया हथियार बना लिया है। मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील ग्रीन्स दो सोसायटी का है। मालूम हो कि पिछले दिनों सोसायटी के तीन फ्लैटों में दिनदहाड़े चोरी हो गई थी। जिससे आक्रोशित लोगों ने बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए लगातार तीन दिन तक प्रदर्शन किया था।
इस दौरान लोगों ने सोसायटी में मूलभूत सुविधाओं व सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोला था। जिससे नाराज बिल्डर प्रबंधन ने प्रदर्शनकारियों को लीगल नोटिस भेजा है।

सोसाइटी के लोगों ने किया पंचशील बिल्डर के खिलाफ हल्लाबोल

सोसाइटी के लोगों ने किया पंचशील बिल्डर के खिलाफ हल्लाबोल

ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित पंचशील ग्रीन्स 2 सोसाइटी में बिल्डर के खिलाफ सिक्योरिटी को लेकर लोगों का जबरदस्त हल्लाबोल, 3 दिन पहले सोसाइटी के अंदर 3 फ्लैटों में हुई थी चोरी। मामले की शिकायत थाना बिसरख में दर्ज करा दी गई थी। सोसाइटी के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद चोर चोरी करने में हुए थे कामयाब।