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एक्वा लाइन मेट्रो जल्द शुरू होने की जगी आस, 15 जनवरी को हो सकता है उद्घाटन

एक्वा लाइन मेट्रो जल्द शुरू होने की जगी आस, 15 जनवरी को हो सकता है उद्घाटन
नोएडा-ग्रेनो मेट्रो 15 जनवरी तक शुरू करने की योजना है। केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने गुरुवार को बताया कि कॉरिडोर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करवाने के लिए पत्र लिखा है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच सफर आसान बनाने वाली ऐक्वा मेट्रो लाइन पर केन्द्र, राज्य सरकार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने 5530 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि मैंने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर बताया है कि नोएडा-ग्रेनो के बीच मेट्रो लाइन का काम पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री से सेवा की शुरुआत करने का आग्रह किया है। वहीं, यूपी सीएम कार्यालय के अधिकारी भी पीएमओ से बात कर रहे हैं। 15 जनवरी तक मेट्रो शुरू होगी।

ग्रेटर नोएडा से जीटी रोड तक जाना हुआ आसान

 ग्रेटर नोएडा से दादरी होते हुए जीटी रोड तक जाना अब आसान हो गया है। करीब एक किमी लंबा रास्ता बनने से रूपवास बाईपास जीटी रोड से जुड़ गया है। 2-2 लेन की इस रोड को बनाने में करीब 2.28 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। मंगलवार को दादरी विधायक मास्टर तेजपाल नागर और एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक एके दास ने इसका शुभारंभ किया।
इस दौरान दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर ने कहा कि क्षेत्र के विकास और युवाओं के रोजगार के लिए प्रयासरत रहूंगा। कंपनियों में 30 फीसदी नौकरी स्थानीय युवाओं को दिलाने के लिए काम कर रहा हूं। उन्होंने रेलवे फाटक पर बनने वाले आरओबी को भी करीब दो माह में शुरू कराने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि ग्रेनो से दादरी के लिए बस सेवा भी जल्द शुरू होगी।

14 जनवरी को नई आवासीय स्कीम लाने की तैयारी में यमुना प्राधिकरण

यमुना प्राधिकरण 14 जनवरी को फिर आवासीय भूखंडों की योजना लाने की तैयारी कर रहा है।
यमुना प्राधिकरण 14 जनवरी को फिर आवासीय भूखंडों की योजना लाने की तैयारी कर रहा है। वहीं, 20 दिसंबर को आवासीय योजना ड्रा में सफल आवेदकों को एक हफ्ते में आवंटन पत्र दे दिया जाएगा। पहली योजना से उत्साहित यमुना प्राधिकरण एक और आवासीय भूखंड योजना लाने की तैयारी में है। 14 जनवरी को यह योजना आ सकती है। इसमें 60, 90 और 120 मीटर के भूखंड होंगे। इसकी तैयारी चल रही है।
दूसरी तरफ, यमुना प्राधिकरण ने 2009 की योजना के आवंटियों को चरणबद्ध तरीके से कब्जा देना शुरू कर दिया है। अक्टूबर माह तक यीडा ने 4500 आवंटियों को पजेशन लेटर भेज दिया था। अब 31 दिसंबर तक 5 हजार और आवंटियों को यह पत्र भेजा जाएगा। इसके बाद लोग रजिस्ट्री करा सकेंगे। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से आवंटियों को कब्जा दिया जा रहा है।

परीक्षा केन्द्रो में नहीं किए गए पूरे प्रबंध तो रोका जाएगा वेतन : डॉ. पी के उपाध्याय

परीक्षा केन्द्रो में नहीं किए गए पूरे प्रबंध तो रोका जाएगा वेतन : डॉ. पी के उपाध्याय
उत्तर प्रदेश माध्यमिक बोर्ड की सात फरवरी से शुरू हो रही परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने सख्ती शुरू कर दी है। गौतम बुद्ध नगर के 46 केंद्रों में 31 स्कूलों ने समयावधि के बावजूद सीसीटीवी कैमरे और वाइस रिकॉर्डर नहीं लगाया है। ऐसे में बृहस्पतिवार को जिला विद्यालय कार्यालय ने स्कूलों को 31 दिसंबर तक कार्य पूरा करने का नोटिस दिया है। इसके बाद भी स्कूल नहीं माने तो प्रबंधन का वेतन रोका जाएगा। बोर्ड ने जिले में 46 केंद्र बनाए हैं।
जिन क्लासरूम में परीक्षाएं होनी हैं, वहां सीसीटीवी और वाइस रिकॉर्डर लगने थे। यह परीक्षा के दौरान उचित निगरानी के लिए शासन के आदेशानुसार लगाए जाने हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने स्कूलों को दिसंबर माह का समय दिया था। मात्र 15 स्कूलों ने ही सीसीटीवी और वाइस रिकॉर्डर लगाए जाने की जानकारी कार्यालय को दी है। 31 दिसंबर तक दी गई समयावधि भी बीतने को है, जिसे लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से बाकी बचे 31 स्कूलों को नोटिस भेजा गया है। जनवरी में कार्यालय की ओर से सभी केंद्रों पर टीमें निरीक्षण करेंगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ, पी के उपाध्याय, ने कहा कि 46 केंद्रों में अभी तक केवल 15 स्कूलों ने सीसीटीवी और वाइस रिकॉर्डर लगाने की सूचना दी है। बाकी स्कूलों को नोटिस भेजा गया है। जनवरी माह में सभी केंद्रों की व्यवस्था टीमें जांचेंगी। यदि कहीं उचित संख्या में सीसीटीवी-वाइस रिकॉर्डर नहीं मिले तो प्रबंधन का वेतन रोका जाएगा।

ग्रेटर नोएडा में मल्टी पॉइंट कन्वर्शन चार्ज के विरोध में शुरू हुई मुहीम

ग्रेटर नोएडा में मल्टी पॉइंट कन्वर्शन चार्ज के विरोध में शुरू हुई मुहीम 10 अगस्त को उत्तर प्रदेश विद्युत् नियामक आयोग ने 13 वा अमिडमेंट जारी करते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में 31 मार्च 2019 तक सिंगल पॉइंट कनेक्शन खत्म करके मल्टी पॉइंट कनेक्शन देने का आदेश जारी किया था। मल्टी स्टोरी में रहने वाले प्रदेश के लगभग सभी निवासियो ने खुले दिल से इसका स्वागत किया। परंतु नोटिफिकेशन की 2 मुख्य शर्तो की वजह से इस महात्त्वकांशी योजना पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए। नोटिफिकेशन के अनुसार सिंगल पॉइंट से मल्टी पॉइंट में परिवर्तन में जो भी खर्चा आएगा वो बिल्डर द्वारा बायर्स से वसूला जाएगा। हालांकि इसके लिए विद्युत् वितरण कंपनी की सहमति ज़रूरी होगी। पिछले दिनों गौर सिटी में बिल्डर द्वारा ई-मेल के माध्यम से बताया गया कि इसमें लगभग 60 हज़ार रु लगेंगे । हालाँकि निवासियो के कड़े विरोध एवं एनपीसीएल की आपत्ति के बाद इसको वापस ले लिया गया । इसके अतिरिक्त एक दुसरे नियम के अनुसार मल्टी पॉइंट में परिवर्तन के बाद भी सोसाइटी में आतंरिक नेटवर्क मेंटेनेंस की ज़िम्मेदारी बिल्डर की ही रहेगी । इस नियम की वजह से बिल्डर पर निर्भरता बनी रहेगी और मल्टी पॉइंट कनेक्शन का पूर्ण फायदा मिलना असंभव है। ऐसे में संभव है कि बिल्डर मेंटेनेंस शुल्क बढ़ा दे । अब नेफोवा ने इसके विरोध में ऑनलाइन पिटीशन शुरू की है जिसे 24 घंटो से कम समय में 1100 से अधिक लोग साइन कर चुके है। यह पिटीशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा एवं सचिव विद्युत् नियामक आयोग को भेजी जा रही है । पिटीशन शुरू करने वाले नेफोवा सदस्य विकास कुमार ने बताया कि मल्टी पॉइंट कनेक्शन हमारी लंबे समय से प्रतीक्षारत मांग थी । सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है , परंतु जिस तरह इस नोटिफिकेशन के माध्यम से विद्युत् वितरण कंपनी ने अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया है वह बिलकुल स्वीकार्य नहीं है । मल्टी पॉइंट कनेक्शन अब हमारा अधिकार है और हम इसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के चाहते है । विकास कुमार ने बताया की ग्रेटर नोएडा वेस्ट की बहुमंजिला इमारतों में फ्लैट लेने के लिए बायर्स ने बिजली मीटर के नाम पर 50 हज़ार से 1.5 लाख रु तक बिल्डर को भरा है । ऐसे में फिर से बिजली कनेक्शन के लिए यदि पैसे भरने पड़े तो इससे आम उपभोक्ता का क्या फायदा होगा ? नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा कि नेफोवा बायर्स का संगठन है और फ्लैट बायर्स के हित के लिए हमेशा संघर्ष करेगा । उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पिटीशन के अतिरिक्त नेफोवा ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से भी मिलने का समय मांगा है जिससे विस्तार से उनसे चर्चा कर इस समस्या का समाधान निकाला जा सके । यदि आवश्यकता पड़ी तो हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाएंगे । इस ऑनलाइन पेटिशन को नॉएडा , ग्रेटर नोएडा की अनेको सोसाइटी में शेयर किया जा चुका है और लोग बहुत उत्साह के साथ इसमें भाग ले रहे है । नेफोवा सदस्य सुमिल जलोटा का कहना है कि अब यह पेटिशन एक आंदोलन बन चुका है । 1 दिन में 1000 से अधिक लोगो का इसमें जुड़ना यह दिखाता है कि यह कितना संवेदनशील मुद्दा है । विकास कुमार का कहना है कि सरकार और उत्तर प्रदेश विद्युत् नियामक आयोग को नोटिफिकेशन जारी करने से पहले उपभोक्ताओं के बीच सर्वे करना चाहिए था और अनुमानित खर्चे के बारे में भी पहले से जानकारी लेनी चाहिए थी । ऐसा लगता है कि यह नोटिफिकेशन बिना तैयारी , बिना किसी सर्वे के सिर्फ त्वरित वाहवाही लूटने के लिए ले आया गया , जबकि इसके नियमो की वजह से आम जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा । ऐसे में इस मल्टी पॉइंट कनेक्शन योजना का भविष्य अनिश्चतता में है।

10 अगस्त को उत्तर प्रदेश विद्युत् नियामक आयोग ने 13 वा अमिडमेंट जारी करते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में 31 मार्च 2019 तक सिंगल पॉइंट कनेक्शन खत्म करके मल्टी पॉइंट कनेक्शन देने का आदेश जारी किया था। मल्टी स्टोरी में रहने वाले प्रदेश के लगभग सभी निवासियो ने खुले दिल से इसका स्वागत किया। परंतु नोटिफिकेशन की 2 मुख्य शर्तो की वजह से इस महात्त्वकांशी योजना पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए।

 

नोटिफिकेशन के अनुसार सिंगल पॉइंट से मल्टी पॉइंट में परिवर्तन में जो भी खर्चा आएगा वो बिल्डर द्वारा बायर्स से वसूला जाएगा। हालांकि इसके लिए विद्युत् वितरण कंपनी की सहमति ज़रूरी होगी। पिछले दिनों गौर सिटी में बिल्डर द्वारा ई-मेल के माध्यम से बताया गया कि इसमें लगभग 60 हज़ार रु लगेंगे । हालाँकि निवासियो के कड़े विरोध एवं एनपीसीएल की आपत्ति के बाद इसको वापस ले लिया गया ।

 

इसके अतिरिक्त एक दुसरे नियम के अनुसार मल्टी पॉइंट में परिवर्तन के बाद भी सोसाइटी में आतंरिक नेटवर्क मेंटेनेंस की ज़िम्मेदारी बिल्डर की ही रहेगी । इस नियम की वजह से बिल्डर पर निर्भरता बनी रहेगी और मल्टी पॉइंट कनेक्शन का पूर्ण फायदा मिलना असंभव है। ऐसे में संभव है कि बिल्डर मेंटेनेंस शुल्क बढ़ा दे ।  अब नेफोवा ने इसके विरोध में ऑनलाइन पिटीशन शुरू की है जिसे 24 घंटो से कम समय में 1100 से अधिक लोग साइन कर चुके है।

 

यह पिटीशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा एवं सचिव विद्युत् नियामक आयोग को भेजी जा रही है ।

पिटीशन शुरू करने वाले नेफोवा सदस्य विकास कुमार ने बताया कि मल्टी पॉइंट कनेक्शन हमारी लंबे समय से प्रतीक्षारत मांग थी । सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है , परंतु जिस तरह इस नोटिफिकेशन के माध्यम से विद्युत् वितरण कंपनी ने अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया है वह बिलकुल स्वीकार्य नहीं है । मल्टी पॉइंट कनेक्शन अब हमारा अधिकार है और हम इसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के चाहते है । विकास कुमार ने बताया की ग्रेटर नोएडा वेस्ट की बहुमंजिला इमारतों में फ्लैट लेने के लिए बायर्स ने बिजली मीटर के नाम पर 50 हज़ार से 1.5 लाख रु तक बिल्डर को भरा है । ऐसे में फिर से बिजली कनेक्शन के लिए यदि पैसे भरने पड़े तो इससे आम उपभोक्ता का क्या फायदा होगा ?

 

नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा कि नेफोवा बायर्स का संगठन है और फ्लैट बायर्स के हित के लिए हमेशा संघर्ष करेगा । उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पिटीशन के अतिरिक्त नेफोवा ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से भी मिलने का समय मांगा है जिससे विस्तार से उनसे चर्चा कर इस समस्या का समाधान निकाला जा सके । यदि आवश्यकता पड़ी तो हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाएंगे ।

 

इस ऑनलाइन पेटिशन को नॉएडा , ग्रेटर नोएडा की अनेको सोसाइटी में शेयर किया जा चुका है और लोग बहुत उत्साह के साथ इसमें भाग ले रहे है । नेफोवा सदस्य सुमिल जलोटा का कहना है कि अब यह पेटिशन एक आंदोलन बन चुका है । 1 दिन में 1000 से अधिक लोगो का इसमें जुड़ना यह दिखाता है कि यह कितना संवेदनशील मुद्दा है । विकास कुमार का कहना है कि सरकार और उत्तर प्रदेश विद्युत् नियामक आयोग को नोटिफिकेशन जारी करने से पहले  उपभोक्ताओं के बीच सर्वे करना चाहिए था और अनुमानित खर्चे के बारे में भी पहले से जानकारी लेनी चाहिए थी । ऐसा लगता है कि यह नोटिफिकेशन   बिना तैयारी , बिना किसी सर्वे के सिर्फ त्वरित वाहवाही लूटने के लिए ले आया गया , जबकि इसके नियमो की वजह से आम जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा ।

 

ऐसे में इस मल्टी पॉइंट कनेक्शन योजना का भविष्य अनिश्चतता में है।

किसानों ने किया जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

ग्रेटर नोएडा - किसान यूनियन ने किया ज़िला अधिकारी कार्यालय का घेराव , किसानों द्वारा बढ़ते हुए मुआवज़े की माँग को लेकर ज़िला अधिकारी कार्यालय के अंदर धरना जारी किसानों द्वारा 30 मिनट का दिया गया अल्टिमेट, अधिकारी आकर करे बात वरना होगा बड़ा उग्र आंदोलन , मौक़े पर पुलिस बल तैनात
ग्रेटर नोएडा – किसान यूनियन  ने किया  ज़िला अधिकारी कार्यालय का घेराव , किसानों द्वारा बढ़ते हुए मुआवज़े की माँग को लेकर ज़िला अधिकारी कार्यालय के अंदर धरना जारी
किसानों द्वारा 30 मिनट का दिया गया अल्टिमेट, अधिकारी आकर करे बात वरना होगा बड़ा उग्र आंदोलन , मौक़े पर पुलिस बल तैनात

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ ने अधिकारियों को दिए अवैध कट बंद करने के निर्देश

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ ने अधिकारियों को दिए अवैध कट बंद करने के निर्देश
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ के के गुप्ता ने परियोजना विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा हैं कि पूरे प्राधिकरण क्षेत्र में अनेक स्थलों पर सड़क के किनारे लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार जगह-जगह अवैध कट बना लिए हैं।  उस कट से कभी अचानक मोटरसाइकिल, कभी पैदल राहगीर तो कभी कोई जानवर किसी भी वाहन के सामने आ टपकता है।  जिससे लगातार दुर्घटनाएं घट रही हैं।
उन्होंने कहा कि इधर ठण्डी बढ़ने के साथ दुर्घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं।  उन सभी अवैध कटों को 48 घण्टे के अन्दर विशेष अभियान चलाकर बन्द कराया जाए।  उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों अरोड़ा एवं पी के कौशिक को कल शाम को उक्त आशय की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया हैं ।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि सोमवार 24 दिसम्बर से यदि किसी भी क्षेत्र में अवैध कट पाये जाते हैं तो सम्बन्धित वरिष्ठ प्रबंधक / एरिया इंचार्ज के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायगी । 24 दिसम्बर 2018 को मध्याह्न 12 बजे तक सभी वरिष्ठ प्रबंधकगण इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे कि उनके क्षेत्र में अब कोई अवैध कट नहीं है ।
अवैध कट बनाने वाले अराजक तत्वों की सप्रमाण पहचान सुनिश्चित की जाय और ऐसे विधिविरुद्ध आचरण वाले बदमाशो के विरुद्ध लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3/4 के अधीन एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवाया जाय ।

पटाखों की अवैध रूप से बिक्री करने वाले लोगों पर की जाएगी कार्रवाई

पटाखों की अवैध रूप से बिक्री करने वाले लोगों पर की जाएगी कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट एवं केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड दिल्ली के निर्देशों के तहत जनपद में पटाखों की बिक्री एवं चलाने को लेकर जिला प्रशासन सक्रियता के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।
इसी को लेकर अब जिला प्रशासन की ओर से दीपावली के अवसर पर जिन लाइसेंस धारकों के द्वारा पटाखों की बिक्री में न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन किया गया है, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी जिला प्रशासन की ओर से की जा रही है। जिला अधिकारी ने इस संबंध में नगर मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी ने समस्त जनपद वासियों का आह्वान करते हुए कहा है कि इस समय पूरे जनपद में पटाखों की बिक्री करने के लिए कोई भी लाइसेंस धारक अधिकृत नहीं है। यदि कोई व्यक्ति पटाखे बेचता हुआ पाया जाएगा या कोई खरीदते हुए पाया जाएगा तो माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुक्रम उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जाएगी।

दिवाली पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने को लेकर प्रशासन सख्त, नोएडा में 38 और लोगों के खिलाफ की कार्रवाई

दिवाली पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने को लेकर प्रशासन सख्त, नोएडा में 38 और लोगों के खिलाफ की कार्रवाई
दिवाली पर आतिशबाजी को लेकर न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से अधिकारियों द्वारा अपने अपने स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। नोएडा क्षेत्र में आतिशबाजी करने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने, प्रदूषण फैलाने एवं शांति भंग करने के संबंध में जिला प्रशासन की ओर से निरंतर रूप से कार्रवाई की जा रही है।
इसी को लेकर नगर मजिस्ट्रेट नोएडा शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि आतिशबाजी करने में माननीय न्यायालय की अवहेलना करने को लेकर 38 और लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि थाना-20 के अंतर्गत 20 लोगों के खिलाफ, थाना फेस 3 में 6, थाना 39 में 7 एवं थाना 24 में पांच व्यक्तियों के विरुद्ध न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की गई है। सभी के द्वारा माननीय न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए आतिशबाजी की जा रही थी और शांति भंग करने तथा प्रदूषण फैलाने में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की गई है।
नगर मजिस्ट्रेट ने समस्त जनपद वासियों का आह्वान किया है कि माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुक्रम में आतिशबाजी करने का समय समाप्त हो चुका है और इस संदर्भ में बार बार जनता को जागरूक किया जा रहा है। अतः कोई भी व्यक्ति अब पटाखे न छोड़ें, यदि कहीं पर माननीय न्यायालय के आदेशों की अवहेलना होते हुए पाई जाएगी तो पटाखे छोड़ने वालों के विरूद्ध इसी प्रकार कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
वहीं नगर मजिस्ट्रेट ग्रेटर नोएडा गुंजा सिंह ने भी जानकारी दी है कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के थाना सूरजपुर के द्वारा 5 लोगों के खिलाफ तथा थाना कासना में 2 लोगों के खिलाफ नियमों का उल्लंघन करने पर पटाखे छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

कचैडा के किसानों ने पुलिस पर महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने का लगाया आरोप

कचैडा के किसानों ने पुलिस पर महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने का लगाया आरोप

प्रदर्शन करने व अधिग्रहण के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में जेल में बंद किए गए कचैडा के किसान तेरह दिनों के बाद लुक्सर जेल से बुधवार रात साढ़े 11 बजे छूटने के बाद सीधे खेतों पर पहुंचे और ट्रैक्टर चलाकर जमीन पर कब्जा लेने की मुहीम शुरू कर दी है।

किसानों ने गांव में पंचायत कर पुलिस प्रशासन और बिल्डर के खिलाफ आंदोलन चलाने के लिए 50 सदस्यों की टीम गठित की है। किसानों ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप भी लगाया है। किसानों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेताओं ने उनकी कोई मदद नहीं की। किसान 50-50 हजार रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर खुद छूटकर आए हैं। किसानों ने लिखित में प्रशासन को बॉन्ड दिया है कि वे 6 महीने तक कोई आंदोलन नहीं करेंगे और न ही किसी आंदोलन में हिस्सा लेंगे।

कचैड़ा के पूर्व प्रधान व किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुशील नागर ने बताया कि किसी भी राजनीतिक पार्टी ने उनकी कोई मदद नहीं की। बीजेपी ने प्रशासन और पुलिस पर दबाव बनाकर किसानों को 13 दिनों तक जेल में बंद रखा गया। 62 किसान धारा 151 और 24 किसानों पर 7 धाराओं में बीजेपी ने मुकदमे लगवाए। किसानों का कहना है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान महिलाओं के साथ छेड़छाड़ व अश्लील हरकतें कीं। किसानों ने कहा है कि डीएम व दादरी एसडीएम को बर्खास्त करने की मांग को लेकर वे कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने के लिए अपील दायर करेंगे।