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जीबीयू में हुई कार्यशाला में आइआइटी दिल्ली के प्रोफेसरों ने दी मशीन लर्निंग तकनीकियों के बारे में जानकारी

जीबीयू में हुई कार्यशाला में आइआइटी दिल्ली के प्रोफेसरों ने दी मशीन लर्निंग तकनीकियों के बारे में जानकारी
ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वधायलय के स्कूल ऑफ़ आई सी टी में मशीन लर्निंग और उसके अनुप्रयोगो के विषय पर डी.आर.डी.ओ. द्वारा प्रायोजित एक सप्ताह तक चलने वाले लघु अवधि के कोर्स का उद्घाटन मुख्य अतिथि जी.बी.यू. के कुलपति प्रोफेसर भगवती प्रकाश शर्मा द्वारा किया गया। जिसमे सम्मानीय अतिथि मिया दींन अनुरागी, प्रोफेसर जी.पी.एस. राघवा, प्रोफेसर तपोव्रता लहरी तथा डीन स्कूल ऑफ़ आई.सी.टी. डॉ इंदु उप्रेती अन्य सम्मिलित हुए।
इस कोर्स को डॉ नीता सिंह, डॉ विदुषी शर्मा एवं आरती गौतम दिनकर ने कोआर्डिनेट किया। इस दौरान प्रोफेसर बी.पी. शर्मा ने अपने विचार रखे और बताया की कैसे मशीन लर्निंग टेक्नोलॉजी का उपयोग आई.सी.टी. में किया जा सकता है। एक सप्ताह तक चलने वाले इस कोर्स के प्रथम दिन आईआईआईटी दिल्ली और आईआईआईटी इलाहाबाद के प्रोफेसर ने व्याख्यान में बायोटेक्नोलॉजी में उपयोग में आने वाली मशीन लर्निंग तकनीकियों के बारे में चर्चा की।
प्रोफेसर राघव ने बताया कि बायोटेक्नोलॉजी में प्रोटीन एवं जीनोम विश्लेषण के लिए मशीन लर्निंग कैसे उपयगी है के बारे में विभिन्न विधियों जैसे कि ए न न, स वी एम आदि को प्रयोग करके कम समय में उचित जानकारी ओपन सोर्स के द्वारा प्रयोग कर्ता को कैसे उपलब्ध कराई जाये।  उन्होंने यह भी बताया कि भारत विश्व स्तर पर बायोमेडिकल डेटाबेस बनाने में चौथे स्थान पर है जबकि भारत में इमटेक चंडीगढ़ वह आईआईआईटी दिल्ली दूसरे स्थान पर प्रोफेसर राघवा व उनकी टीम के मार्गदर्शन में है । आईआईआईटी इलाहाबाद से आये प्रोफेसर लहरी ने अपने व्याख्यान में बताया कि कैसे मशीन लर्निंग बिग डाटा विश्लेषण में लाभदायक है।
उन्होंने डाटासेट का तुलनात्मक अध्यन करने के बारे में चर्चा की। इस कार्यक्रम में डॉ अमित अवस्थी ने रिग्रेशन एनालिसिस विषय पर व्याख्यान दिया और डाटा एनालिसिस में मशीन लर्निंग के महत्व के बारे में चर्चा की। इस कार्यक्रम में डॉ मनीष मेश्राम, डॉ सियाराम, डॉ अनुराग सिंह बघेल, डॉ राजेश मिश्रा, डॉ प्रदीप तोमर, डॉ नावेद ज़फर रिज़वी, डॉ विमलेश कुमार, डॉ संदीप शर्मा अन्य शामिल रहे।

गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के भारतीय दृष्टिकोण विषय पर 2 दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के भारतीय दृष्टिकोण विषय पर 2 दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन
Greater Noida (02/02/19) : ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय अध्धयन विभाग स्कूल ऑफ ह्यूमिनुटीज एंड सोशल सांइस स्कूल द्वारा अंतरराष्ट्रीय संबंधों के भारतीय दृष्टिकोण विषय पर दिनांक 1 ओर 2 फरवरी को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस सेमिनार के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आम्बेकर थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो भगवती प्रकाश शर्मा ने की। मुख्य अतिथि सुनील आम्बेकर जी ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय प्राचीन परम्परा के आधार पर समझने व पढ़ने पर बल दिया। आज अंतरराष्ट्रीय अध्धयन पर पश्चिमी देशों का अकादमिक प्रभुत्व है क्योंकि प्रथम विश्व युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय संबंधों को पढ़ाने के लिये एक विषय के रूप में अमेरिका तथा अन्य पश्चिमी देशों ने अपने पाशचात मूल्यों को पिरोया तथा विश्व पर अपने दृष्टिकोण तथा सभ्यता को लागू किया इस प्रभाव से भारत भी प्रभावित है। अतः अंतरराष्ट्रीय अध्धयन को भारतीय द्रष्टिकोण से समझने की आवश्यकता है।
भारत मे आधुनिक अंतरराष्ट्रीय विचार के शुरुआती प्रभुत्व व्यक्तियों में एक बंगाली राजनीतिक सिद्धांतकार विनय कुमार सरकार ने “अमेरिकन पोलिटिकल साइंस रिव्यु” जनरल में हिन्दू थ्योरी ऑफ़ इंटरनेशनल रिलेशन्स” में कौटिल्य ओर कमेदक के नीतिशार  की शिक्षाओ को मंडल के सिंद्धान्तों के साथ मिश्रित किया गया था।
इसे उन्होंने हिन्दू आइडिया ऑफ बेलेंस ऑफ पावर बताया वैदिक ग्रंथो को पश्चमी अंतरराष्ट्रीय विचारों के संबंध में देखने की आवश्यकता है। राय ने पश्चिमी ज्ञान को एक गंभीर चुनोती दी। लेकिन  विगत 60 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय अध्ययन पर कोई भारतीय विद्वान अधिक सकारात्मक योगदान नही दे पाए। अतः आज अंतरराष्ट्रीय अध्धयन को भारतीय दृष्टि कोण से समझने की आवश्यकता है। तभी हम लोग पाशचात दृष्टि कोण से छुटकारा पा सकेंगे। अपने राष्ट्रीय भाषण में कुलपति प्रो भगवती प्रकाश शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्राचीन भारतीय ज्ञान/पम्परा के माध्यम से नए सिंद्धान्तों का प्रतिपादन करने पर बल दिया।
अधिष्ठाता डॉ नीति राणा ने सेमिनार में आये सभी अथितियों एवं मुख्य अतिथि  का स्वागत किया तथा भारतीय परम्परा को पाठ्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा समाहित करने पर बल दिया। जवाहर लाल नेहरु विश्व विद्यालय के प्रो0 अश्विनी महापात्रा ने  की नोट स्पीकर के रूप में अंतरराष्ट्रीय अध्ययन को वैदिक ज्ञान तथा कौटिल्य दुवारा प्रतिपादित-कूटनीति तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय पाठ्यक्रमो में लागू करने पर बल दिया।
सेमिनार के दूसरे दिन का आरम्भ “आर्गनाइजर” थे संपादक प्रफुल्ल केतकर के उदबोधन से हुई। प्रफुल्ल केतकर ने भारतीय सभ्यता को केंद्र में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय संबंधों को समझने पर बल दिया।
सेमिनार के अगले सत्र की अध्यक्षता डॉ0 उत्तम कुमार सिन्हा ने शुरुआत की इसमें दक्षिण एशिया तथा भारतीय दृष्टिकोण पर प्रकाश पर प्रकाश डाला दो दिवसीय सेमिनार का समापन डॉ0 सच्चीदानंद जोशी, सदस्य सचिव, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र नई दिल्ली के समापन भाषण के साथ हुई।

जीबीयू में कराया जाएगा प्रो रेसलिंग के चौथे सीजन का आयोजन

जीबीयू में कराया जाएगा प्रो रेसलिंग के चौथे सीजन का आयोजन
गौतमबुद्ध नगर में प्रो रेसलिंग के चौथे संस्करण का आयोजन 24 जनवरी से 31 जनवरी तक होगा। प्रो के सेमीफाइनल व फाइनल मैच भी यहीं खेले जाएंगे। इस आयोजन से एक बार फिर खेल के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। यहां राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के रेसलिंग खिलाड़ियों का जमावड़ा देखने को मिलेगा।
ग्रेटर नोएडा स्थित के कासना स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के इंडोर स्टेडियम में एक बार फिर रेसलिंग के खिलाड़ियों का जमावड़ा देखने को मिलेगा। 21 जनवरी को इंडोर स्टेडियम आयोजक को दे दिया जाएगा। इसके बाद यहां कोर्ट बनाने का काम शुरू होगा। जल्द ही दर्शकों व खिलाड़ियों के आने-जाने का ले आउट भी तैयार कर लिया जाएगा।
जीबीयू के स्पो‌र्ट्स आफिसर डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि प्रो रेसलिंग के पहले सीजन का आयोजन 2015 में जीबीयू में किया गया था। एक बार फिर से यहां चौथे संस्करण का आयोजन किया जाएगा। इससे जिले कुश्ती खिलाड़ियों को खेल की बारीकियां सीखने का मौका मिलेगा।