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बजट से निराश बायर्स ने शुरू की “नो टू नेता, यस तो नोटा” मुहीम

बजट से निराश बायर्स ने शुरू की "नो टू नेता, यस तो नोटा" मुहीम
नेफोवा के नेतृत्व में आम्रपाली के घर खरीदारों ने आज से शुरू की  ‘नो हाउस नो वोट’ मुहिम
बजट से निराश सैकड़ों की संख्या में खरीदारों ने लगाए ‘नो टू नेता, यस टू नोटा’ के नारे। फ्लैट न मिलने से निराश बायर्स ने आगामी लोकसभा चुनावों में मतदान न करने का प्राण लिया है।
बायर्स का कहना है कि जिस सरकार को जनता चुनती है वही सरकार जनता की एवज में काम नहीं करती है। कई सालों से बायर्स का पैसा फंसा हुआ है। बैंकों से लिए हुए लोन से उन्होंने फ्लैट खरीदा था, लेकिन बिल्डरों ने बायर्स को अभ तक नहीं दी है पजेशन।  बायर्स का कहना है कि जब तक उन्हें घर की पजेशन नहीं मिल जाती है, तब तक वे वोट नहीं देंगे । सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में भी फ्लैट बायर्स को कोई मदद नहीं मिली है।

एओए बनाकर हक हासिल करें ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी : एमएम माथुर

एओए बनाकर हक हासिल करें ग्रेनो वेस्ट के निवासी : एमएम माथुर
गौर सिटी में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन का गठन करने या नहीं करने के मुद्दे पर गतिरोध चल रहा है। समाधान तलाशने के लिए शनिवार को मीडिया कनेक्ट टीम और नोएडा अपार्टमेंट ऑनर्स फेडरेशन (नोफा) ने जागरूकता शिविर आयोजित किया।
नोफा के विधिक विशेषज्ञ और पूर्व कस्टम कमिश्नर एमएम माथुर ने गौर सिटी के निवासियों के सवालों के जवाब दिए। एमएम माथुर ने बताया कि एओए का गठन करना मौलिक जरूरत है। घर बेचने के लिए बिल्डर ने जो वादे किए थे, वह अधूरे हैं। अब यहां आकर बसे लोगों को यह पता लग रहा है। उन वादों को पूरा करवाने के लिए निवासियों को संगठन बनाना होगा। सोसायटी के रखरखाव की जिम्मेदारी एओए तब ले जब बिल्डर बायर एग्रीमेंट की शर्त पूरी हो जाएं।
नोफा के अध्यक्ष प्रोफेसर ब्रजेश सहाय, जिला न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शर्मा ने भी एओए से जुड़े सवालों का जवाब दिया। शिविर में आरएस उप्पल, विवेक रमन, विकास शर्मा मौजूद रहे।

बीजेपी सरकार के बजट से 3 लाख फ्लैट खरीदारों की उम्मीदों पर फिरा पानी

बीजेपी सरकार के बजट से 3 लाख फ्लैट खरीदारों की उम्मीदों पर फिरा पानी

आज पीयूष गोयल द्वारा पेश चुनावी बजट ने घर खरीदारों को पूर्ण रूप से निराश किया। जैसा कि पिछले कुछ दिनों से खबर आ रही थी कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें मिलकर नोएडा ग्रेटर नोएडा के तीन लाख फंसे हुए फ्लैट को जल्द पूरा कराने की जिम्मेवारी लेंगे। फ्लैट खरीदारों में आज सुबह से ही बजट को लेकर काफी उत्सुकता थी और ये उम्मीद जताई जा रही थी कि जो तीन लाख फंसे हुए फ्लैट खरीदार है उनके लिए सरकार इस बार के चुनावी बजट में राहत की खबर लेकर आएगी। लेकिन एक बार फिर उन तमाम फ्लैट खरीदारों को निराशा ही हाथ लगी।

सितंबर 2017 में मुख्यमंत्री योगी द्वारा जो तीन मंत्रियों की कमिटी बनाई गई थी। उस कमिटी द्वारा भी नेफोवा तथा सभी फ्लैट खरीदारों के आग्रह पर आम्रपाली, जेपी, अर्थ, यूनिटेक जैसे तमाम ठप्प पड़े प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य शुरू कराए जाने के लिए सरकार द्वारा स्ट्रेस फण्ड मुहैया कराए जाने की बात स्वीकार की गई थी तथा कमिटी ने सभी घर खरीदारों को उनका घर दिलाये जाने का वायदा किया था। लेकिन सारे वादे धरे रहे गए।

नेफोवा एक लंबे समय से ठप्प पड़े प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए संघर्ष करती आई है। कई दफा निर्माण शुरू कराने के लिए स्ट्रेस फण्ड और ईएमआई बंद कराने की मांग को लेकर धरने प्रदर्शन भी किये गए। मुख्यमंत्री, बड़े नेताओं, एमपी, एमएलए, मंत्रियों के सामने बार बार मांग रखी गई। लेकिन फ्लैट खरीदारों की, विशेषकर फंसे हुए प्रोजेक्ट के फ्लैट खरीदारों की मांग को आज के बजट में पूरी तरह खारिज कर दिया गया। ना ही स्ट्रेस फण्ड के बारे में कोई चर्चा हुई और न ही ठप्प पड़े प्रोजेक्ट के फ्लैट खरीदारों के इएमआई माफ किये जाने पर सरकार ने कोई निर्णय लिया। पिछले दस साल से रेंट और इएमआई की दोहरी मार झेल रहे तीन लाख से भी अधिक फ्लैट खरीदारों के लिए आज का बजट सिर्फ और सिर्फ निराशापूर्ण रहा।

जेपी इंफ्राटेक के फ्लैट खरीदारों को जल्द फ्लैट पर कब्ज़ा मिलने की उम्मीद

जेपी इंफ्राटेक के फ्लैट खरीदारों को जल्द फ्लैट पर कब्ज़ा मिलने की उम्मीद
सरकारी क्षेत्र की रियल एस्टेट कंपनी एनबीसीसी, जेपी इंफ्राटेक के प्रोजेक्ट खरीदने से बस एक कदम दूर रह गई है। एनबीसीसी की कारोबारी सूची में ये प्रोजेक्ट सबसे ऊपर हैं। कंपनी ने इन प्रोजेक्ट के लिए समाधान की योजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस महीने के आखिर तक कंपनी को समाधान योजना सौंपनी है।
कर्ज में बुरी तरह डूबी इस कंपनी के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्रोजेक्ट में घर खरीदारों को राहत दिलाने के लिए नई योजना पर चल रहा काम अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। जेपी इंफ्राटेक के विश टाउन और यमुना एक्सप्रेस-वे के प्रोजेक्ट के लिए पिछले महीने बोलियां मंगाई गई थीं जिसमें एनबीसीसी ने भी ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट’ दिया था। एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट के आधार पर एनबीसीसी समेत चार कंपनियां चुनी गई हैं।
इनसे अब घर खरीदारों के लिए समाधान की योजना बनाकर 27 जनवरी तक सौंपने को कहा गया है। एनबीसीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये प्रोजेक्ट कंपनी की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर हैं। कंपनी इन प्रोजेक्ट को एक बड़े कारोबारी अवसर और सामाजिक क्षेत्र के लिए अहम योगदान के तौर पर देख रही है।