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1 died in an auto accident in Greatet Noida

ग्रेटर नॉएडा के तिलपता गाव के पास दादरी से सुरजपूर जा रहा आटो अनियंत्रण होकर पलट गया जिसमे आटो सवारियो से खचा खच भरा हुआ था जिसमे कई लोग घायल एक की मौत

1 died in an auto accident in Greatet Noida

ग्रेटर नॉएडा के तिलपता गाव के पास दादरी से सुरजपूर जा रहा आटो अनियंत्रण होकर पलट गया जिसमे आटो सवारियो से खचा खच भरा हुआ था जिसमे कई लोग घायल एक की मौत

Beta 1 RWA GREATER NOIDA TAKES LEAD IN TENANT VERIFICATION @sspnoida

आर० डब्लू ० ए एवं एक्टिव सिटीजन टीम के संयुक्त सहयोग से चलाये जा रहे किरायेदार सत्यपन मुहीम में आज आर० डब्लू ० ए के कार्यालयों में सत्यापन फॉर्म पहुचाने का काम शुरू किया गया। आज सर्वप्रथम अल्फा १ सेक्टर में अध्य्क्ष जितेंद्र भाटी को सौंपे गए। जितेंद्र भाटी ने बताया की विगत कई दिनों से फॉर्म आर ० डब्लू ० ए कार्यालय में रखे गए है और मुख्य सिक्योरिटी गेट से भी लोगो को उपलब्ध करवाये जा रहे है। अब दो तीन दिन के अंदर सेक्टर के समस्थ घर में फॉर्म भिजवा दिए जाएंगे। साथ ही साथ सेक्टर के अंदर लोगो को जागरूक भी किया जाएगा। हरेन्द्र भाटी ने बताया की पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव द्वारा शुरू किये गए इस अभियान से सेक्टर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और सेक्टर की आर० डब्लू ० ए के पास सेक्टर के अंदर रहने वालो का पूरा लेख जोखा होगा। इस प्रक्रिया टीम के सदस्यों ने लगभग ४० हज़ार फॉर्म छपवाने लिए जे ० आर हॉस्पिटल बीटा एक का आभार जताया। जल्द ही इन फॉर्मो को अन्य सेक्टर के आर०डब्लू०ए तक पहुंचा दिया जाएगा जिससे सत्यापन प्रक्रिया और गति पकड़ सके. आज इस मुहीम में आलोक सिंह , हरेन्द्र भाटी , जितेंद्र भाटी , आलोक नागर , सुनील प्रधान , सिद्दार्थ आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे

साधु,संस्कृति,राष्ट्रवादिता , य मुना एवं कन्हैया—-श्रवण शर्मा

दिनांक ११ मार्च से यमुना के किनारे श्री श्री रविशंकर द्वारा स्थापित संस्था `आर्ट ऑफ लीविंग`द्वारा`विश्व संस्कृति उत्सव`का आयोजन किया जा रहा है .यह भव्य आयोजन तीन दिन चलेगा और इसमें विश्व तथा भारत की विभिन्न संस्कृतियों को रूपायित करने वालें कार्यक्रमों को बड़े स्तर पर दिखाया जा रहा है.इस कार्यक्रम के प्रारम्भ होने से पूर्व बड़ा विवाद उत्पन्न कर इसे रूकवाने की कोशिश, कुछ लोगों द्वारा की गयी और वे यमुना में संभावित प्रदूषण के नाम पर राष्ट्रिय हरित प्राधिकरण गये.अंततः प्राधिकरण ने ठीक एक दिन पहले ५ करोड का प्रतिकर या दंड लगाते हुए आयोजन को अनुमति दे दी.प्रदूषण की चिन्ता करने वाले ये लोग कौन हैं और इनकी चिंताएं कितनी सही है, यह तो स्पष्ट नहीं है,पर इतना साफ है की मीडिया और चैनल्स ने इसआयोजन के विरूद्ध प्रचार करने में कोई कमी नहीं उठा रखी है.यहां तक कि जब आयोजन से पहले जब बारिश होने लगी तो इस गैंग के पत्रकारों ने ट्वीट कर इस आयोजन की विफलता की का ज़शन मनाना शुरू कर दियाऔर कुछ को `अन्य शक्ति `का अस्तित्व भी याद आ गया .आखिर ये लोग इस आयोजन के विरुद्ध इतने पूर्वाग्रही क्यों हैं?.यह तो स्पष्ट है कि इन लोगों को भारतीय संस्कृति , धर्म परम्पराओं सेमोटे तौर पर बेहद चिढ है और ये मिल कर एक एजंडे के अंतर्गत कार्य कर रहे हैं.जहाँ तक आयोजन की बात है ,हम इस बात से सहमत नहीं है कि संतों को इतने आडम्बर और प्रचारोंमुख कार्यक्रम आयोजित करने चाहियें.भारतीय ऋषि परम्परा में त्याग और तप का महत्व है ,यह आरण्यक परंपरा है. पहले ऋषि और मुनि थे, बाद में साधु और संयासी आये. परिव्राजक स्वामी दयानंद और स्वामी विवेकानंद आये और अब?आज के साधु या सन्यासी में प्रचार की इतनी भूख क्यों है , क्यों इतने अधिक शिष्य और साधन चाहियें. यह दुनिया तो किसी की सुनती नहीं है , ना बुद्ध की मानी ,ना ईशा की ना कबीर की , ना नानक की . इतने गुरु तो पहले से हैं ,अब इस इंसान को कितने गुरु औए अवतार चाहियें?आडम्बर से सनातन धर्म को हानि होती है .अब यमुना पर आयें, दिल्ली में यमुना को नदी कहना उचित नहीं है , यमुना का पानी तो पहले ही कम हो जाता है. दिल्ली में उसे भी निकाल कर सीवर का पानी डाल दिया जाता है. जो आगरा तक जाता है, अचानक मीडिया को यमुना की याद आ गयी.यमुना के किनारे पर अवैध बस्तियों की भरमार है , कोई नहीं बोलता , क्या यह देश ठगों और धूर्तों का देश बनता जा रहा है ?मीडिया के ये लोग वही है जो अभी एक दिन पूर्व तक जेल से छूटने से पहले और बाद जेएन यू के छात्र नेता कन्हैया के साथ खड़े थे और उसे देश का महान् क्रांतिकारी बता रहे थे . वे अचानक कन्हैया से यमुना की और ऐसे भागे जैसे गिद्ध नये शव की औरभागते है .कन्हिया के नाम पर राष्ट्रवाद की नयी बहस शुरू की गयी, जिससे यह साफ की एक राष्ट्र के विचार को कमजोर करने के लिए एक बड़ी बोद्धिक बहस का माहौल बनाया जा रहा है,जो निश्चय ही किसी षडयत्र का हिस्सा है , जिसमें देश के राजनीतिक दल. कुछ छात्र और प्रोफेसर फंस रहें हैं. पढ़े लिखें और लालच में फंसे इंसानो को समझाना कठिन है.

Tenant verification forms

किरायेदार सत्यापन की मुहीम को गति देने के लिए एक्टिव सिटीजन टीम ने लगभग ४० हज़ार फॉर्म की फोटोकॉपी एक हॉस्पिटल के सौजन्य से करवा दी है। इन फॉर्म को जे० आर ० हॉस्पिटल के तरफ से छपवाया गया है। ये फॉर्म कल तक शहर के लगभग १५ आर ० डब्लू ० ए को सौंप दिया जाएगा। फिर आर ० डब्लू ० ए इनको घर घर तक पहुंचवाने का कार्य करेंगी। हरेन्द्र भाटी ने बताया की ये सत्यापन का कार्य सुरक्षा की दृष्टि से बहुत जरुरी है और प्रयास ये रहेगा की हर घर तक ये फॉर्म पहुँच जाए.

Vijaya Malya leaves the country on 2nd March:A case of ugly connivance.Shravan Sharma

A Very late Application moved before the Recovery Tribunal, to impound the Passport of Vijay Malya ,that was not allowed by the Tribunal,the Banks approach the High Court.The High Court also refuses to pass the requisite order .The matter reaches to the Supreme Court and on 9th of March the A.G .informs the Apex Court that he has already left the country last week.Is not a big Drama being played in the country..?What the banks have been doing in all these years or weeks and why the Recovery Tribunal granted almost 70 adjournments in this case?How the loan was sanctioned without adequate securities and even when he was a defaulter?Who are behind the scene?,Netas of UPA and other political parties,Officers of all the Banks involved in the Scam and Juges of the Recovery Tribunal?If this Tribunal is destined to function in this way what is the need for this Tribunal?If the escape saga of the King of Good days,is all meticulously planned Drama?

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Kanhiya Kumar ,the new hero of Indian LEFT,shouts on his Professor-ShravanSharma

When Professor Pranjpe of JNU said in a meeting that the JNU represents the hagemonic space of left and if you disagree here,you are silenced.His speech was interrupted and he was shouted at by Mr Kahaiya Kumar ,the President of the Student Union and accused in the recent Sedition case.Though he is being portrayed as the new voice of dissent and Azadi of speech, but he proved it again that there is no space for disagreement and sanity in JNU.

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International women’s day

International Women’s Day is celebrated in many countries to commemorate the social, economic, cultural and political achievement of women around the world. It is also a day to remember the struggles women face and honour the accomplishments they have made. A woman is an epitome of tenderness, care, and wisdom. Let us salute ourselves..The woman in us who plays all roles so beautifully and with poise and grace! !
Vinnie Khanna Mathur
Dean Student Affairs & Clubs
Galgotias University

International women’s day

International Women’s Day is celebrated in many countries to commemorate the social, economic, cultural and political achievement of women around the world. It is also a day to remember the struggles women face and honour the accomplishments they have made. A woman is an epitome of tenderness, care, and wisdom. Let us salute ourselves..The woman in us who plays all roles so beautifully and with poise and grace! !
Vinnie Khanna Mathur
Dean Student Affairs & Clubs
Galgotias University

Chetan Bhagat on the Budget in TOI-Shravan K.Sharma

So now even Chetan is attempting to be an economist and advise the Modi government on its economic policies.In the Budget 2016 Modi government announced some schemes for rural sector and farmers of India.Though these schemes are not big in comparison to what the different governments have been dolong out to the corporate world,yet even this tokenism has annoyed our right wing champions.The budget has helped ;start a war of perception.Chetan considered theBJ P a right wing and pro-business party and is now shocked to see that the same party is showing unwanted courage of doing something for the poor farmers and rural infrastructure.This is populist ,according to him.It shows his little knowledge of economics and the country.His perceptions are flimsy andbased on the gossips of his club- going friends in Mumbai.He must be certainly knowing that more than 50% of Indian population is depending on agricultural for its livelihood and the purchasing power of rural population has dwindled considerably,resulting into poor production in factories.If you have no demand in’the market who will give jobs to youths of middle class or for that matter of any such classThis aspect of the Budget has been appreciated by all the doyens of the Industry.For him restrain on fiscal spending is a trivial thing,whereas the biggest victim of the inflation is always the middle class.Can’nt we stop thinking in jargons, in terms ofleft and right and think in totality .

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