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श्री रामलीला मंचन में श्री राम को शबरी ने ख िलाये जूठे बेर

ग्रेटर नोएडा। श्री रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला कार्यक्रम ग्रेटर नोएडा के साइट-4 स्थित पेट्रोल पम्प के पीछे सेन्ट्रल पार्क में विजय महोत्सव 2016 का भव्य आयोजन चल रहा है। सातवें दिन दीप प्रजवल्लित कर रामलीला मंचन उद्घाटन किया गया ।

मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया रविवार को शबरी प्रसंग,सुग्रीव से मित्रता, बाली वध, सुग्रीव राज्याभिषेक, लंका दहन का मंचन किया गया।
मंचन की शुरुआत श्री राम और लक्ष्मण सीता जी खोजने निकल पड़ते हैं। जंगल में उन्हें एक कुटिया दिखाई देती है,जिसमें शबरी नाम की महिला श्रीराम का इंतजार करते हुए मिलती है। श्रीराम उनसे परिचय पूछते और अपना परिचय देते हैं। श्रीराम को सम्मुख पाकर वह बहुत प्रसन्न होती हैं। श्रीराम-लक्ष्मण को आदर सहित अपने आश्रम में बिठाती हैं। प्रेम से श्रीराम को बेर चख कर खिलाती हैं। श्रीराम लक्ष्मण को बेर खाने के लिए कहते हैं लेकिन वह झूठे बेर खाने में हिचकिचाते हैं। शबरी राम को सुग्रीव से मैत्री की सलाह देती है।। दोनों भाई किष्किंधा के पर्वत की ओर जाते हैं। इधर सुग्रीव उन दोनों को बाली का भेजे हुए जानकार हनुमान जी को उनका भेद जानने के लिए भेजते है। हनुमान जी ब्राह्मण का भेष धर कर श्री राम के पास जाते हैं।
> श्री राम के पास हनुमान कहते हैं- "को तुम श्यामल गौर शरीरा, क्षत्रिय रूप धरेहूं वन वीरा कठिन भूमि कोमल पद गामी काबन हेतु विचरण बन स्वामी ।" यह चौपाई सुन दर्शक मन्त्रमुग्ध हो गए।
हनुमान जी श्री राम को सुग्रीव के पास ले जाते हैं वहां दोनों उनकी मित्रता हो जाती है। तब सुग्रीव उन्हें बाली के में बताते हुए रक्षा मायावी की कहानी सुनाते हैं। इसके बाद बाली सुग्रीव के युद्ध के दृश्य का मंचन किया गया। श्री राम बाली का वध कर देते हैं और सुग्रीव का राजतिलक करते हैं। सुग्रीव ने सीताजी के खोज में बानरों को दक्षिण दिशा में भेज दिया। रास्ते में संपाती नामक गिद्ध से बंदरों से मुलाकात होती है तो वह बताता है कि समुद्रपार लंका है। हनुमानजी समुद्र लांघकर लंका पहुंचते हैं। यहाँ उनकी मुलाकात विभीषण से होती है। सीतजी को खोजते हुए हनुमानजी अशोक वाटिवा पहंचते हैं। हनुमान जी अगूठी गिराकर सीताजी को श्रीराम का स्मरण कराते हैं। भूखे हनुमानजी अशोक बाटिका उजाड़ते हैं तो रावण का बेटा मेघनाद हनुमानजी को बांधकर रावण के पास ले जाता है। हनुमानजी सीताजी को वापस करने के लिए कहते हैं लेकिन रावण हनुमानजी के पूछ में आग लगवा देता है। हनुमानजी विकराल रूप धारण कर लंका में आग लगा देते हैं।

रामलीला मन्चन में लंकादहन की लीला को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी रामलीला देखने के साथ साथ लोगों ने मेले में खूब खरीदारी की व झूले सर्कस मोत का कुवा कोलम्बस नाव ड्रेगन जैसे मनोरंजन के साधनों का जमकर आनन्द लिया ।

इस मौके पर अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह , महासचिव बिजेंद्र सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग,
सयुक्त महासचिव सौरभ बंसल, मीडिया प्रभारी , विनोद कसाना, ओमप्रकाश अग्रवाल , मुकेश शर्मा अमित गोयल, हरेन्द्र भाटी, मुकुल गोयल जतन भाटी, अलोक नागर श्यामवीर भाटी, श्रीचन्द भाटी अजय रामपुर , चाचा हिंदुस्तानी , सतवीर गुर्जर , कपिल गुप्ता , कुलदीप शर्मा , अतुल जिंदल , विजेन्द्र भाटी, अरुण गुप्ता , आदी लोग मौजूद रहै