Greater Noida Latest News

नवरात्र में नहीं खुलने देंगे अंडा और मीट क ी दुकानें

ग्रेटर नोएडा में गोरक्षक हिन्दू दल और विश्व हिन्दू महासंघ के प्रदेश मंत्री वेद नागर ने बताया कि उन्होंने डीएम को नवरात्र में अंण्डे और मीट की दुकानें बंद करने और मस्जिदों से लाऊड स्पीकर उतरवाने की मांग को लेकर लेटर सौंपा है। उन्होंने होटल, ढाबो में भी नवरात्र के चलते नॉनवेज पर भी रोक लगाने की मांग की है नवरात्र 21 सितंबर से शुरू होने वाला है ऐसे में किसी भी जीव की हत्या नहीं होनी चाहिये।
प्रशाशन को चेतावनी देते हुए कहा कि बुधवार 10 बजे के बाद जिले में कोई भी अंडे और मीट की दुकानें खुली रही तो दोनों संघठनो के लोग सड़क में उतरेंगे ।मीट और अंडे की दुकान बंद कराने के लिये 4 टीम बनाई गई है मस्जिद में लगे लाउडस्पीकर को उतरवाने के संबंध में संगठन के लोगो का कहना है सपा के शासन काल में रमजान के वक़्त कई स्थानों पर मंदिरों के लाउडस्पीकर बंद करवा दिया गया था इसलिये मस्जिदों के भी लाउडस्पीकर बंद होने चाहिये।

कूड़े को जलाने को लेकर प्रशासन सख्त , एक कम्प नी पर लगाया जुर्माना

कूड़े को जलाने के लिए जिला प्रशासन सख्त कार्यवाही कर रही है | वही एनजीटी के आदेश का उल्लंघन करने पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कूड़ा जलाने पर एक कंपनी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। डीएम वार रूम को इसकी सूचना मिली थी और इसकी शिकायत प्राधिकरण से की थी। जिस पर प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की है। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि प्राधिकरण के औद्योगिक सेक्टर इकोटेक वन में डायमंड वैली प्रा. लि. कंपनी है। कंपनी से निकलने वाले कूड़े को बाहर डालकर जलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में किसी भी स्थान पर एनजीटी के आदेश का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।

पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश को पुलिस ने मार ग िराया वही उसके 2 साथी फरार हो गए हैं ।

नॉएडा के 58 थाना क्षेत्र से होंडा गाड़ी व 1.5 लाख रूपए लूट कर भाग रहे बदमाशों की सुचना मिलने पर 58 थाने में हड़कंप मज गया 58 थाने के इंस्पेक्टर अनिल प्रताप की टीम ने बदमाशों को ट्रैक कर उनका पीछा शुरू कर दिया, बदमाश पुलिस से घिरते हुए देख ग्रेटर नॉएडा की तरफ भागने लगे जहाँ उनका सामना चेकिंग कर रही बिसरख थाना प्रभारी अजय शर्मा की टीम से हुआ, चारो तरफ से घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाही करते हुए फायरिंग की जिसमे एक बदमाश ढेर हो गया और उसके दो साथी फरार हो गए । मुठभेड़ में पुलिस का सिपाही सुबोध भी घायल हो गया । पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश की पहचान अलीगढ निवासी बविन्दर के रूप में हुई है।

CANCEL PLOT OF UNITECH IN MU SECTOR IN GREATER NOIDA : FLAT BUYERS

अथॉरिटी द्वारा यूनिटेक के सेक्टर म्यू ग्रेटर नोएडा के प्लाट निरस्तीकरण को बोर्ड मीटिंग में रद्द करने के सन्दर्भ में

महोदय
निवेदन यह हैं कि हम ३५२ लोग यूनिटेक बिल्डर के प्रोजेक्ट युनिहोम सेक्टर म्यू के प्लाट बायर्स हैं जिनको २००९ में यूनिटेक से १०० एवं १६० मीटर के प्लॉट्स अलॉट हुए थे|ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने २००६ में यूनिटेक बिल्डर को १०० एकड़ का आवासीय ग्रुप हाउसिंग का प्लाट सेक्टर म्यू में Rs ५५५.७३ करोड़ में अलॉट किया था जिसको यूनिटेक ने जनवरी २००७ में ३०% रूपये १६६.९३ करोड़ एवं रूपये ६१.१३ करोड़ एक मुस्त लीज रेंट जमा करके लीज डीड करा ली|

इसके बाद शेष राशि ६ किस्तों रूपये ७६.७४ में देनी थे. बिल्डर ने केवल एक क़िस्त जमा की| कुल धन राशि ऑथोर्टी के अकाउंट में Rs ३०४ करोड़ सन २००७ से अथॉरिटी के खाते में हैं जो की प्रीमियम का Rs ५५५.७३ करोड़ का लगभग ५५% हैं | बिल्डर ने सन २००९ में हम ३५२ लोगो को १०० एकड़ में से २५ एकड़ में ३५२ प्लाट अलॉट कर दिएI २०१२ तक बिल्डर ने लगभग ७०% कार्य करके प्लाट अलोटीस से लगभग ७५% प्लाट का प्रीमियम ले लिया. इसके बाद बिल्डर ने काम बंद कर दिया एवं अथॉरिटी को भी कोई आगे किसी क़िस्त का पेमेंट नहीं दिया.

हम लोग कई बार बिल्डर के पास एवं अथॉरिटी के पास गए परन्तु बिल्डर ने आगे कोई काम नहीं किया एवं अथॉरिटी के अधिकारी हमेशा ये कहते रहे कि हमारा आप लोगो से कोई मतलब नहीं हैं| नवम्बर २०१५ को अथॉरिटी जानते हुए भी कि इसमें ३५२ प्लाट होल्डर्स हे इस प्लाट का अलॉटमेंट केंसल कर देती हैंi जब से हम लोग दर दर की ठोकरे खा रहे हे परन्तु न बिल्डर पर कोई फर्क हैं न ही अथॉरिटी पर. दुर्भाग्य से, अथॉरिटी के अधिकारी कोई हल निकालने की जगह अलॉटीज को कहते हैं कि यूनिटेक के पास जाओ. हमसे कोई मतलब नहीं|बिल्डर ने जहा प्लाट होल्डर्स के साथ धोखा किया हे

वही अथॉरिटी ने भी बायर्स के साथ बहुत दोषपूर्ण व्यवहार किया हैं | इन बिन्दुओ पर ध्यान दे:
१) बिल्डर एवं अथॉरिटी की लीज डीड के अनुसार अथॉरिटी के अधिकारिओ को समय समय पर जाकर साइट पर इंस्पेक्शन करना था कि बिल्डर १८ महीने की समय सीमा के हिसाब से कार्य पूरा कर रहा हैं की नहीं. परन्तु किसी भी सम्बंधित अधिकारी ने कभी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया. यही समय रहते इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया होता तो ये हालत नहीं होते

२) बिल्डर एवं अथॉरिटी की लीज डीड में, लीज डीड के निरस्तीकरण का क्लॉज़ तो हे परन्तु ये कही भी नहीं जिक्र किया गया हे यदि निरस्तीकरण हुआ तो उन प्लाट बायर्स का क्या होगा जिन्होंने बिल्डर को पैसा दिया हैं| दुर्भाग्य से, प्लाट बायर्स के हित के लिए लीज डीड में कोई क्लॉज़ नहीं हे

३) लीज डीड के अनुसार, बिल्डर केवल एक डेवलपमेंट एजेंट की तरह काम करेगा जब तक की सम्पूर्ण डेवलपमेंट होकर अथॉरिटी सब अलॉटी को लीज डीड न कर दे| शर्मनाक सिथिति यह हैं की अथॉरिटी के एक जिम्मेदार अधिकारी श्री अरविन्द मोहन सिंह आज भी यही कह रहे हे की यूनिटेक के पास जाओ| आपका अथॉरिटी से कोई मतलब नहीं हे

४) नवम्बर २०१५ में, केवल हमारे प्रोजेक्ट को कैंसिल क्या गया जिसका ५५% पैसा अथॉरिटी के पास आठ साल से था एवं लीज डीड भी हो रखा था| जबकि ऐसे बहुत से बिल्डर थे जिन्होंने १०-20% पैसा देने के बाद कुछ भी अथॉरिटी नहीं दिया| ये भेदभाव पूर्ण व्यवहार केवल इसलिए किया गया कियोकि केवल यही प्रोजेक्ट खाली प्लाट का था जिसको अथॉरिटी दोबारा से बेच कर धन कमा सकती थी|

५) अक्टूबर २०१६ को अथॉरिटी को प्रेषित लेटर के अनुसार, अथॉरिटी अपने पास इस प्रोजेक्ट की जमा राशि में से प्लाट होल्डर्स के मूल धन रस ६७ करोड़ को रख कर शेष धन अन्य प्रोजेक्ट में ट्रांसफर कर देती हे जो की कही से भी तर्क संगत नहीं हे| जबकि बिल्डर खुद अथॉरिटी को लेटर देकर कह चूका हे कि अथॉरिटी बची जमा धनराशि में से प्लाट होल्डर्स के 25 एकड़ लैंड एरिया में समायोजित करने के बाद ही धनराशि अन्य प्रोजेक्ट में ट्रांसफर करे|

6) “माननीय मंत्रीओ की कमेटी” ने भी हमारे विषय का संज्ञान लेकर, प्लाट बायर्स के हित को ध्यान में रखते हुए बोर्ड मीटिंग में निर्णय लेने का निर्देश दिया गया | दुर्भाग्य यह हे कि माननीय मुख्यमंत्री जी एवं मंत्री जी की कमेटी जो की बायर्स के हित में कार्य करना चाहती हे परन्तु श्री अरविन्द मोहन जैसे अधिकारी अपने निजी अजेंडे के कारण प्लाट बायर्स के हितो को अनदेखा कर रहे हैं| हम लोग 15 सितम्बर को इन अधिकारी से माननीय मंत्री जी के निर्देशों के साथ मिले तो इनका कहना था कि ऐसे निर्देशों की कोई वैल्यू नहीं हैं

हमारा विनम्र करबद्ध निवेदन हैं

अथॉरिटी के पास १०० एकड़ का Rs ५५५ करोड़ के सापेक्ष ५५% ३०४ करोड़ रूपए पिछले १० सालो से हे| यह धन १० सालो में कम से कम ७०० करोड़ हो चूका होगा|

प्लाट बायर्स एवं बिल्डर दोनों लिखित में दे चुके हे कि २५ एकड़ एरिया जिसमे ३५२ अलोटिस के प्लाट हे उसमे इस धन समायोजित करके २५ एकड़ का निरस्तीकरण रद्द करके प्लॉट्स को डवलप कराने के निर्देश दे तथा शेष पैसे को अन्य प्रोजेक्ट में ट्रांसफर कर सकती हे| बचे ७५ एकड़ को सेल करके अथॉरिटी धनोपार्जन कर सकती हैं|इसमें न तो कोई वित्तीय पेच हे न ही कोई अड़चन हैं| फिर भी अथॉरिटी इसको हल नहीं करना चाहती| हमारे २५ एकड़ का निरस्तीकरण रद्द होने से प्लाट बायर्स को प्लाट मिल जायेगा एवं अथॉरिटी को भी 75 एकड़ लैंड बैंक मिल जायेगा|

अथॉरिटी श्री अरविंद मोहन जैसे अधिकारिओ को भी चिन्हित करके कड़ी कार्यवाही करे जो निजी अजेंडे पर काम करते हे तथा अपनी मन मर्जी से बायर्स एवं अन्य लोगो को मिसगाइड कर रहे हे|

( )
यूनिटेक बिल्डर के प्रोजेक्ट युनिहोम सेक्टर म्यू के प्लाट बायर्स

Note : Representation submitted at GREATER NOIDA AUTHORITY

नेफोमा के प्रतिनिधि मंडल ने बायर्स की समस ्या को लेकर दादरी विधायक तेजपाल नागर को ज्ञा पन सौपा

ग्रेटर नोएडा। मंगलवार को फ्लैट बायर्स की संस्था नेफोमा का प्रतिनिधि मंडल दादरी विधायक तेजपाल नागर से मिलाकर इन दिनों बायर्स की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट आपका ही छेत्र है। जहां लाखों फ्लैट खरीददार इधर- उधर की ठोकरें खा रहे हैं। बायर्स लगातार कभी मंत्री के पास जा रहे हैं तो कभी प्राधिकरण के पास और कभी सड़को पर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर हो रहे हैं।
इस दौरन नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने विधायक को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जिस तरह बायर्स ने प्रधानमंत्री पर विश्वास करते हुए उनकी पार्टी को विजयी बनाया था। बॉयर्स ने यह सोचकर भाजपा को वोटे दिया था कि सत्ता में आने पर उन्हें उनके घर जल्दी मिल जाएंगे। लेकिन चुनाव के बाद और सभी पार्टियों की तरह यह ही यह सरकार भी सब भूल गई।
हम सरकार से मांग करते है कि वह बायर्स के हक के लिए गंभीरता से सोचे और उनके द्वारा बैंकों को दी जाने वाली ईएमआई तुरंत बंद की जाए। साथ ही जिन बायर्स को पजेशन लेट मिला है उन्हें लेट पैनल्टी दी जाए।
इस दौरान विधायक के सामने चार सवाल रखे गए। यहां उनसे पूछा गया कि क्या हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ग़ाज़ियाबाद की चुनावी सभा मे किए गए वादों को भूला दिया गया है। जिसमें उन्होंने लाखों फ्लैट/घर बनाने की बात कही थी। लेकिन आज लाखों बायर्स 9 साल से अपने फ्लैट का इंतजार कर रहे हैं।
यूपी में सरकार बने 6 महीने बीत गए और मंत्री भी प्राधिकरण में कई बार मीटिंग कर चुके हैं। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी द्वारा बिल्डरों को आदेश दिया गया कि तीन महीने में बायर्स को 50 हजार फ्लैट की पजेशन दिया जाए। लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि पजेशन कैसे दिया जाएगा। इसके अलावा रेरा कानून पर सरकार का कोई स्पस्टीकरण नहीं है। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि लाखों फ्लै बायर्स को इसका कैसे फायदा मिलेगा।

नेफोमा का प्रतिनिधि मंडल दादरी विधायक ते जपाल नागर से मिलाकर ज्ञापन सौपा

ग्रेटर नोएडा। मंगलवार को फ्लैट बायर्स की संस्था नेफोमा का प्रतिनिधि मंडल दादरी विधायक तेजपाल नागर से मिलाकर इन दिनों बायर्स की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट आपका ही छेत्र है। जहां लाखों फ्लैट खरीददार इधर- उधर की ठोकरें खा रहे हैं। बायर्स लगातार कभी मंत्री के पास जा रहे हैं तो कभी प्राधिकरण के पास और कभी सड़को पर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर हो रहे हैं।
इस दौरन नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने विधायक को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जिस तरह बायर्स ने प्रधानमंत्री पर विश्वास करते हुए उनकी पार्टी को विजयी बनाया था। बॉयर्स ने यह सोचकर भाजपा को वोटे दिया था कि सत्ता में आने पर उन्हें उनके घर जल्दी मिल जाएंगे। लेकिन चुनाव के बाद और सभी पार्टियों की तरह यह ही यह सरकार भी सब भूल गई।
हम सरकार से मांग करते है कि वह बायर्स के हक के लिए गंभीरता से सोचे और उनके द्वारा बैंकों को दी जाने वाली ईएमआई तुरंत बंद की जाए। साथ ही जिन बायर्स को पजेशन लेट मिला है उन्हें लेट पैनल्टी दी जाए।
इस दौरान विधायक के सामने चार सवाल रखे गए। यहां उनसे पूछा गया कि क्या हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ग़ाज़ियाबाद की चुनावी सभा मे किए गए वादों को भूला दिया गया है। जिसमें उन्होंने लाखों फ्लैट/घर बनाने की बात कही थी। लेकिन आज लाखों बायर्स 9 साल से अपने फ्लैट का इंतजार कर रहे हैं।
यूपी में सरकार बने 6 महीने बीत गए और मंत्री भी प्राधिकरण में कई बार मीटिंग कर चुके हैं। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी द्वारा बिल्डरों को आदेश दिया गया कि तीन महीने में बायर्स को 50 हजार फ्लैट की पजेशन दिया जाए। लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि पजेशन कैसे दिया जाएगा। इसके अलावा रेरा कानून पर सरकार का कोई स्पस्टीकरण नहीं है। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि लाखों फ्लै बायर्स को इसका कैसे फायदा मिलेगा।

फ्लेट बॉयर्स की संस्था नेफोमा ने दादरी वि धायक तेजपाल नागर के सामने खड़े किए चार सवाल क् या हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी चुनावी वादा भू ल गए ।

फ्लेट बॉयर्स की संस्था नेफोमा का प्रतिनिधि मंडल दादरी विधायक तेजपाल नागर मिला, नेफोमा टीम ने विधायक जी से कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट आपका ही क्षेत्र है जहां लाखों फ्लेट खरीददार दर बदर की ठोकरें खा रहे है कभी मंत्री के पास कभी प्राधिकरण के पास और कभी सड़को पर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर हो रहे है नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने विधायक को चार सूत्रीय ज्ञापन सौपते हुए कहा कि जिस तरह बॉयर्स ने प्रधानमंत्री पर विश्वास करते हुए उनको पार्टी को विजयी बनाया था कि बॉयर्स को घर जल्दी मिल जाएंगे, बॉयर्स पर रेंट और ब्याज व लेट पोजेशन की तेहरी मार पर कम से कम सरकार सोचेगी लेकिन चुनाव के बाद और सभी पार्टियों की तरह यह सरकार भी सब भूल गयी वो तो इतने धरने प्रदर्शन के बाद भी जो मीटिंग होती है उसमें बॉयर्स के लिए कुछ भी स्पष्ट नही होता, हम सरकार से मांग करते है बॉयर्स के हक के लिए गंभीरता से सोचे, उनकी ईएमआई तुरंत बंद की जाए और जिन बॉयर्स की पोजेशन लेट है उनको लेट पेनाल्टी अतिशीघ्र दी जाए, नेफोमा ने चार सवाल विधायक के सामने रखे है जिनमें प्रमुख है
1. क्या हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा ग़ाज़ियाबाद की चुनावी सभा मे किया गया वादा भूल गए है लाखों फ्लेट/घर नए बनाने की बात होती है जबकि लाखों फ्लेट बॉयर्स 9 साल से अपने फ्लैट का इंतजार कर रहे है ।
2. सरकार बने 6 महीने बीत गए प्राधिकरण में मीटिंग भी सरकार के मंत्री बार बार कर रहे है, मुख्यमंत्री द्वारा बिल्डरों को आदेश दिया गया कि तीन महीने में बॉयर्स को 50 हजार फ्लेट की पोजेशन दे लेकिन यह स्पष्ट नही किया गया कि पोजेशन कैसे देगे, क्या आधे अधूरी सोसायटी मिलेगी रहने के लिए ।
3. रेरा कानून पर सरकार का कोई स्पस्टीकरण नही है, अभी तक यह साफ नही है लाखो फ्लेट बॉयर्स को कैसे फायदा मिलेगा, प्राधिकरण में अभी तक रेरा का प्रतिनिधि नियुक्ति नही हुआ है, बॉयर्स ने रेरा साईट पर हजारो कंप्लेंट दर्ज की है किसी की समस्या का समाधान नही हुआ है ।
4. सरकार द्वारा सभी सुभिधाये (एफ०ए०आर०, ब्याज माफ़) बिल्डरों को दी जाती है लेकिन 9 साल से पूरा पैसा दिए हुए बॉयर्स की ईएमआई रोकने, लेट पेनाल्टी मुआवजा दिलवाने के लिए के लिए कभी सरकार नही बोलती ।
मिलने वालों में दिनेश ठाकुर, संदीप तेवतिया, आरिफ खान, गौरव अग्रवाल आदि बॉयर्स शामिल रहे ।

राज्य स्तरीय बालीबाॅल प्रतियोगिता जीत कर आये सेंट जोसेफ स्कूल के प्रधानाचार्य फादर मै थ्यू कुम्बलूमुटिल ने सम्मानित किया

सेंट जोसेफ स्कूल सेक्टर अल्फा-वन में आज प्रार्थना सभा के दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य फादर मैथ्यू कुम्बलूमुटिल ने स्कूल की बालीबाॅल टीम के सदस्यों को सम्मानित किया। ये खिलाड़ी कल लखीमपुर खेरी (बरेली) से राज्य स्तरीय बालीबाॅल प्रतियोगिता जीत कर आये हैं ।
ये राज्य स्तरीय प्रतियोगिता लखीमपुर खेरी की गुरुकुल अकादमी में आयोजित हुई थी जो 15 से 17 सितम्बंर 2017 तक चली थी।
इस प्रतियोगिता में सेंट जोसेफ की टीम गाजियाबाद श्रेत्र का प्रतिनिधित्वव कर रही थी जिसमें रितेष (कप्तान), वैभव, ध्रुव, सौरभ, चितरंजन, दीपान्शु एवं तन्मय तिवारी शामिल थे तथा अन्य 5 खिलाड़ी पिलखुआ से थे तथा बालिका वर्ग में भी स्कूल की पाँच छात्राऐं अंजली, धीरज, आयुषी, तनु, सानु, रिया, एवं शिवानी अरोरा थे तथा अन्य पाँच खिलाड़ी सेंट जेवियर स्कूल पिलखुआ से थे बालक वर्ग में टीम ने तीन लींग मैंच, एक सेमीफाइनल एवं एक फाइनल (बरेली के साथ) खेला था तथा बालिका वर्ग में भी 4 मैंच खेले तथा बालिका सेमी फाइनल से आगे नहीं बढ़ पायी वहीं बालकों ने सभी मैच जीतकर ट्राफी पर कब्जा किया बालक वर्ग की टीम अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता में भाग लेने जायेगी जो 5 से 7 अक्टूबर तक तमिल नाडू में खेली जायेगी आज फादर मैथ्यू ने इन सभी खिलाड़ियों को सम्मानित किया साथ ही टीम के कोच व मैनेजर श्री मनीष तिवारी जी को भी सम्मानित किया।

तहसील सदर में मनाया गया संपूर्ण समाधान दिव स

तहसील सदर में उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जनता की समस्याओं को अपने साथ बैठाकर सम्मान सहित अनुश्रवण करते जिलाधिकारी बी एन सिंह । साथ ही इस समाधन दिवस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार डीएफओ गिरीश श्रीवास्तव उप जिलाधिकारी सदर अंजनी कुमार सिंह शामिल हुए।