शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने एआईसीटीई चेयरमैन से मिल उठाया तकनीकी शिक्षा के बिगड़ते स्तर का मुद्दा, दिए सुधार हेतु सुझाव !

(31/01/2018) ग्रेटर नॉएडा :

टेक्निकल टीचर्स परिवार वेलफेयर सोसाइटी के तहत देश के निजी इंजीनियरिंग सस्थानो में कार्यरत शिक्षको के उत्पीडन व असमय बिना किसी कारण व नोटिस के कालेज प्रबंधको द्वारा सेवाओ से बर्खास्त करने के खिलाफ शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को ऐआईसीटीई के चेयरमैन प्रो अनिल सहस्र्बुधे व वाईस चेयरमैन प्रो पी एम पुनिया जी के साथ दिल्ली ऑफिस में मुलाक़ात की |


मुलाकात के पश्चात जानकारी देते हुए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य डॉ ए के तिवारी ने कहा, “ज्ञातव्य हो कि पूरे देश में लाखो की संख्या में निजी इंजीनियरिंग संस्थानों में शिक्षक कार्यरत है जिसमे लगभग 49000 शिक्षक उप्र के इंजीनियरिंग कालेजो में कार्यरत है | शिक्षको का कालेज प्रबंधको द्वारा वर्षो से उत्पीडन किया जा रहा है जिसका असर शैक्षिक गुणवत्ता में गिरावट पर पड़ रहा है | ऐआईसीटीई के चेयरमैन व वाईस चेयरमैन को लिखित प्रत्यावेदन देकर अवगत कराते हुए चेयरमैन महोदय से प्रमुखता से यह मांग रखी कि निजी संस्थानों में कार्यरत शिक्षको को छात्रों गुणवत्तापरक शिक्षा दिलवाने की आजादी मिले तथा ऐआईसीटीई अपने द्वारा बनाये नियमो को कालेजो पर अक्षरशः लागू करवाये जिससे शिक्षको का प्रबंधको द्वारा किसी भी तरह से उत्पीड़न न हो” |

इस विषय में ओर जानकारी देते हुए उन्होंने आगे बताया की, ” मालूम ही कि प्रबंधको द्वारा छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने से दूर रखा जाता है | शिक्षको को सिर्फ छात्रों से रट्टा लगवाकर किसी भी तरह से सेमेस्टर पास करवाने का दबाव प्रबंधको द्वारा बनाया जाता है ऐसा न करने वाले शिक्षको को कालेज से निकाल दिया जाता है जिससे इन कालेजो में अध्ययनरत छात्रों की गुणवत्तापरक शिक्षा नही मिल पाती और छात्र पास होने के बाद नौकरी के लिए दर दर की ठोकरे खानी को मजबूर होते है | यही नहीं ऐसे छात्र कई प्रतियोगी परीक्षाओ में प्रतिभाग करने में असहाय महसूस करते है | इसलिए हमने मांग राखी कि ऐआईसीटीई अप्रूवल हैण्डबुक 2017-18 के appendix 7 व 8 जिसमे शिक्षक छात्र अनुपात व शिक्षक कैडर अनुपात तथा मानक के अनुसार सैलरी का अनुपालन का वचन कालेजो ने ऐआईसीटीई को दिया था उसका अनुपालन कालेजो ने किया या नहीं इसकी जांच हो तथा फर्जी करने वाले कालेजो पर कड़ी कार्रवाई हो | अगर कोई कालेज इस नियम का लगातार उलंधन करता आ रहा है तो उस पर नियमो के हिसाब से अपराधिक कृत्य मानते हुए प्राथमिकी दर्ज कराते हुए नियमो के अनुसार करवाई की जाए तथा ऐसे कालेजो को चिन्हित करते हुए उनके सत्र 2018-19 के लिए अप्रूवल को भी रोका जाये “|

इस अवसर पर योग शिक्षक और समाज सेवी प्रोफेसर डॉ कुलदीप मालिक ने एआईसीटीइ चेयरमैन को योग और अध्यात्म पाठयक्रम को तकनीकी शिक्षा में शामिल करने के लिए धन्यवाद दिया, जिसकी *वेदार्णा फाउंडेशन* काफी लंबे समय से माँग कर रहा था..

इस अवसर पर प्रो ऐ के सिंह, प्रो कुलदीप मालिक, प्रो सुनील मिश्रा व प्रो संध्या तरार व प्रो दीनानाथ मौजूद रहे |

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