गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में विवादित निय ुक्तियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में विवादित नियुक्तियों का विषय फिर सुर्खियों में है। अब विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक व जीबीयू बचाओ मंच के संयोजक रहे डा० विकास पंवार ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बसपा व सपा शासन के दौरान हुई सभी गलत नियुक्तियों पर कड़ी कार्यवाही की माँग की है।ध्यान रहे कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्तियों व पुस्तकों की खरीद को लेकर माननीय लोकायुक्त महोदय द्वारा की गई जाँच में बहुत से शिक्षकों की नियुक्ति गलत पाई थी जिसका एक प्रतिवेदन माननीय लोकायुक्त द्वारा माननीय मुख्यमंत्री को 2013 में भेजा गया था। डा० विकास पंवार का कहना है कि इस प्रतिवेदन पर अभी तक सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी है।

डा० पंवार के अनुसार बसपा व सपा शासन के दौरान हुई अनियमितताओं व गलत नियुक्तियों से सम्बन्धित तथ्यों की जानकारी वर्तमान कार्यवाहक कुलपति डा० प्रभात कुमार को दी गई थी लेकिन डा० प्रभात कुमार व रजिस्ट्रार डा० अशोक कुमार के कार्यकाल में अनियमितता घटने के बजाय बढ रही है।लोकायुक्त की जाँच में आरोपी बनाये गये डीन डा० आनंद सिंह का कार्यकाल 1 वर्ष के स्थान पर 3 वर्ष का कर दिया गया है और उन्हें विनियमित करने का आश्वासन कुलपति व रजिस्ट्रार द्वारा दिया जा रहा है।डा० विकास पंवार के अनुसार बहुत से गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति भी विज्ञापन व वैधानिक प्रक्रिया के बिना विश्वविद्यालय में पूर्व सरकारों के दौरान की गई है।उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री योगी जी से मांग की है कि सभी गलत नियुक्तियों में नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों को हटाया जाये।व साथ ही गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति शीघ्र ही की जाये।डा पंवार का दावा है कि विश्वविद्यालय में अधिकांश नियुक्तियां गलत है और सही नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों का शोषण व उत्पीड़न होता है।

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