युवाओं को जागरूक करने अखिल विश्व गायत्री परिवार का युवा क्रांति रथ तीन नवम्बर को पहुंच ेगा ग्रेटर नॉएडा

सौरभ श्रीवास्तव

ग्रेटर नॉएडा के परीचौक में तीन नवम्बर को दोपहर करीब साढ़े बारह बजे अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा सितम्बर 2017 से पुरे भारतवर्ष में "युवा क्रांति रथ " यात्राओं का प्रारम्भ किया गया था जो 3 नवम्बर को नॉएडा होते हुए ग्रेटर नॉएडा के परीचौक एवं स्वर्ण नगरी स्थित प्रज्ञा विस्तार केंद्र पहुंचेगी |

ग्रेटर नॉएडा में जी डी गोयनका पब्लिक स्कूल, स्वर्ण नगरी और सावित्री बाई फुले बालिका इंटर कॉलेज, कासना में युवा व छात्र छात्राओं के बीच सम्बोधन और प्रजेंटेसन का कायक्रम किया जायगा। इसके बाद प्रज्ञा विस्तार केंद्र में युवा जागरण गायत्री दीपयज्ञ संपन्न होगा जिसमे शांतिकुंज के वरिष्ठ प्रतिनिधि युवाओं को सम्बोधित करते हुए राष्ट्र सेवा के कार्यो में जुटने का संकल्प करायेंगे| इस यज्ञ में सावित्री बाई फुले बालिका इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल रीमा डे तथा जी डी गोयनका पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डा. रेणु सहगल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी |

आज इस विषय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया गया की अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा युवा क्रांति रथ यात्रा चलाने का उदेश्य भारत के युवाओं को पाश्चात्य संस्कृति ( नशा, फैशन, फिजूल खर्ची, अस्त – वस्त दिनचर्या आदि ) के दुष्प्रभावों से बचाकर पर्यावरण, स्वछता तथा स्वास्थ के प्रति जागरूक और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार, संस्कारवान युवा नागरिक तैयार करना है | गायत्री परिवार पुरे भारतवर्ष के सभी प्रांतो के स्कूल और कालेजों में भारतीय संस्कृति यान परीक्षा तथा प्राइमरी स्कूलों में बाल संस्कार शालाओं के माध्यम से युवा पीढ़ी को राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का कार्य निरंतर करती आ रही है |

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शांतिकुंज (एनसीआर) जोन के केंद्रीय कार्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी जमुना प्रसाद साहू, गायत्री केंद्र के व्यवस्थापक तथा एन सी आर जॉन के क्षेत्रीय प्रभारी आर एन सिंह, भ. स. ज्ञान परीक्षा के प्रभारी उमाशंकर गुप्ता और प्रज्ञा विस्तार केंद्र के व्यवस्थापक एम् के शर्मा इस केंद्र की कार्यकारिणी समिति के सभी सदस्यों शैलेन्द्र सिंह, एस डी के शर्मा, डी डी तिवारी, संजीव शर्मा, मुकेश त्यागी, अशोक सिंह, डी पि इस चौहान के साथ उपस्थित रहे |