जिला प्रशासन ने सरकारी डॉक्टर्स की प्राइव ेट प्रैक्टिस पर लगाया प्रतिबंध, पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्यवाही

जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर ब्रजेश नारायण सिंह ने जनपद के समस्त सरकारी चिकित्सकों को आगाह करते हुए कहा है कि शासन के निर्देश के अनुपालन में कोई भी सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकता। जिसके संबंध में समस्त डॉक्टर्स संज्ञानित हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सक का कार्य समाज में बहुत ही सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है और सभी चिकित्सक मरीज की पीड़ा को दूर करते हैं । अतः जनपद गौतम बुद्ध नगर के सभी सरकारी चिकित्सक इस महत्व को समझें और अपनी ड्यूटी पर समय पूर्वक उपस्थित होते हुए उत्तर प्रदेश सरकार एवं शासन के माध्यम से जन स्वास्थ्य के लाभार्थ हेतु चलाई जा रही संपूर्ण योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने सभी सरकारी चिकित्सकों को आगाह करते हुए सचेत किया है कि यदि कोई सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रेक्टिस करते हुए पाया जाता है तो इसे शासन के निर्देशों का उल्लंघन मानते हुए उनके विरुद्ध जिला प्रशासन की ओर से कार्यवाही करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। जिलाधिकारी ने इस संबंध में जनपद वासियों का भी आव्हान किया है कि उनके संज्ञान में यदि कहीं पर यह आता है सरकारी चिकित्सक समय पर अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं या प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं तो इस संबंध में डीएम वार रूम तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित उप जिलाधिकारी को अवगत करा सकते हैं, ताकि सम्बन्धित चिकित्सक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके। जिलाधिकारी ने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी निर्देश दिए हैं कि उनके द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों में इस संबंध में व्यापक स्तर पर होल्डिंग एवं बैनर लगा कर प्रचार प्रसार किया जाए और जन-सामान्य से फीडबैक आने पर संबंधित डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सरकारी डॉक्टर्स की प्राइवेट प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाने के उद्देश्य से जिला स्तर पर शासन के निर्देश के अनुपालन में कमेटी का गठन करते हुए उसकी बैठक भी नियमित रूप से प्रभावी की जाए ताकि इस प्रथा पर पूर्ण रुप से अंकुश लगाया जा सके।

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