पुलिस को उगाही करने से रोकना सेना के जवान क ो पड़ा महंगा

ग्रेटर नॉएडा – कोतवाली पुलिस पर सेना के जवान की बेेरहमी से पिटाई करने और अवैध वसूली का विरोध करने पर गलत तरीके से जेल भेजने का आरोप लगा है। फौजी की पिटाई के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमे फौजी के शरीर पर जख्मों के निशान हैं। इसके बाद से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर, पुलिस फौजी द्वारा पीसीआर के सिपाहियों से मारपीट करने का दावा कर रही है। जेवर कोतवाली के नीमका गांव निवासी अनुज कुमार शर्मा जम्मू के राजौरी सेक्टर में सेना की आरआर यूनिट में तैनात है। उसका कुछ दिनों पहले जम्मू से पठानकोट की 16 डिवीजन में ट्रांसफर हुआ था। पठानकोट जाने से पहले छुटटी लेकर वह गांव नीमका आया हुआ था। अनुज का आरोप है कि शाम के वक्त वह खुर्जा जेवर रोड स्थिति खेतों पर घूूमने के लिए गया हुआ था। इसी दौरान जेवर कोतवाली की एक पीसीआर उसके खेतों के सामने आकर वाहन चालकों से अवैध उगाही करने लगी। अनुज ने विरोध किया तो पुलिस ने उसे गाड़ी में बिठा लिया और जंगलों में ले जाकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। इससे उसके चेहरे के अलावा पूरे शरीर पर जख्म बन गए। आरोप है कि इसके बाद कोतवाली ले जाकर उल्टा उसी के खिलाफ मारपीट व सरकारी कार्य में बांधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज कर जेल भी भेज दिया। लेकिन रविवार से सेना के जवान अनुज कुमार शर्मा के साथ पुलिस द्वारा बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होना शुरू हो गया। इसके बाद लोग में जेवर पुलिस के खिलाफ गुस्सा है। वीडियो को देखने के बाद लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जमानत मिलने के बाद अनुज ने सोमवार को एसएसपी के यहां शिकायत भी की है। उसे जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। इसके बाद अनुज पठानकोट के लिए निकल गया। वहीं पुलिस का आरोप है कि अनुज ने पीसीआर सवार पुलिसकर्मी के साथ मारपीट कर वर्दी फाड़ दी थी। इसके बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया।

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