एक्टिव सिटीजन टीम की तत्परता से तुरंत मिल ा खोया सामान, संस्था ने जताई ऑटो डाटा संग्रहण में पुलिस की मदद की इच्छा

आशीष केडिया

सामाजिक संस्था द्वारा आमजनों की मदद की अनूठी मिशाल आज ग्रेटर घटना में देखने को मिली.
आज दिन में मियू सेक्टर में रहने वाले अश्विनी शर्मा दिल्ली से चलकर परी चौक पहुँचे थे। उन्होंने घर जाने के लिए ऑटो लिया जहाँ उतारकर वो अपना किराया देने के दौरान जल्दीबाजी के कारण सामान से भरा बैग ऑटो में ही भूल गए। उन्होंने तत्काल कोड देने वाली संस्था एक्टिव सिटीजन टीम के हरेंद्र भाटी से संपर्क किया।

कोड संख्या २३२० की जानकारी निकालकर जब उसके मालिक असलम से संपर्क किया गया तो उसने बताया की मेने आटो बेच दिया है। खरीदने वाले के बाबत जानकारी निकाली गई जिससे उस ऑटो के नए मालिक सोनू से बात संभव हो पाई। सोनू ने बताया की बैग उसके ही ऑटो में है और परीचौक आकर उसने बैग वापस कर दिया। अश्विनी शर्मा की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने टीम के प्रयास और सहयोग की भरपूर प्रशंशा की।

टीम के सरदार मंजीत सिंह ने कहा की ऑटो कोड आम जनता के लिए सुरक्षा के दृष्टि से फायदेमंद है लेकिन इन दो वर्षो के दौरान ऑटो कई बार बेच भी दिए गए है जिससे मालिक का अनुमान लगाना मुश्किल भी हो जाता है। एक बार अभियान चलाकर इनके कोड का नवीनीकरण एवं अगर ऑटो बेचा गया है तो उसकी भी जानकारी अंकित की जाए। इस कार्य के लिए एक्टिव सिटीजन टीम पुलिस प्रशाशन का सहयोग करने के लिए तैयार है।

एक्टिव सिटीजन टीम सदस्य हरिंदर भाटी ने भी पुलिस से ऑटो कोड डाटा संग्रहण करने का अनुरोध किया है और संस्था द्वारा उसमे पूर्ण रूप से मदद करने का प्रस्ताव दिया है।

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