प्रस्तावित एयरपोर्ट के आस-पास बननी शुरू अव ैध कॉलोनियां

ग्रेटर नोएडा -जब से योगी सरकार ने जेवर इंटरनैशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव पास किया है कई बिल्डर्स की चांदी हो गयी है अब यहां पर अवैध रूप से एयरपोर्ट के नाम पर जमीन काटी जा रही है जेवर इंटरनैशनल एयरपोर्ट की सुगबुगाहट के साथ ही इस इलाके में कॉलोनाइजर सक्रिय हो गए हैं। प्रस्तावित एयरपोर्ट के पास अवैध रूप से कॉलोनी काटी जाने लगी है। लोगों को लुभाने के लिए कॉलोनी का नाम ‘एयरपोर्ट नगर’ रखा गया है। कॉलोनाइजर यमुना अथॉरिटी की तर्ज पर अखबारों में बाकायदा विज्ञापन देकर ड्रॉ कराने की बात कर रहे हैं। वहीं प्रॉपर्टी डीलरों को भी मोटा कमीशन देने का ऑफर दिया जा रहा है। मामला संज्ञान में आने पर यमुना अथॉरिटी के सीईओ ने कॉलेनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जेवर इंटरनैशनल एयरपोर्ट को यूपी सरकार से मंजूरी मिल गई है। यमुना अथॉरिटी ने सर्वे के लिए राइट्स को पैसे भी दे दिए हैं। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस पर फैसला लेगा। हालांकि इसके साथ ही जेवर एरिया में कॉलोनाइजर भी सक्रिय हो गए हैं और अवैध रूप से कॉलोनी काटने का काम शुरू हो गया है। कॉलोनाइजर एयरपोर्ट को अप्रूव्ड बताकर प्लॉट खरीदने का लालच लोगों को दे रहे हैं। एक कॉलेनाइजर ने अपने कॉलोनी का नाम ‘एयरपोर्ट नगर’ रखा है। इसमें बताया गया है कि जेवर एयरपोर्ट से कॉलोनी की दूरी मात्र तीन-चार किमी है। यह भी दावा किया जा रहा है कि यमुना अथॉरिटी से काफी सस्ते रेट पर प्लॉट दिए जाएंगे। इसके लिए सोशल मीडिया के जरिए लोगों को मेसेज भेजे जा रहे हैं। बताया जाता है कि कॉलेनाइजरों ने ग्रेटर नोएडा के प्रॉपर्टी डीलरों को भी एक्टिव कर दिया है। प्लॉट बिकवाने पर मोटे कमीशन देने का ऑफर डीलरों को दिया जा रहा है। एक अन्य कॉलोनाइजर ने तो अखबारों में विज्ञापन देकर ड्रॉ कराने की बात कही है। योजना का नाम ‘यमुना एक्सप्रेसवे आवासीय भूखंड’ रखा गया है। 3 अप्रैल से इसका रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है और 11 मई को रजिस्ट्रेशन समाप्त होगा। कॉलेनाइजर ने दावा किया है कि प्लॉट का आवंटन ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। ड्रॉ की संभावित डेट 17 मई बताई गई है। कॉलोनाजइर ने 50 से 200 वर्ग मीटर तक प्लॉट्स के साइज रखे हैं। कॉलोनाइजर ने कस्टमर केयर नंबर, वेबसाइट और ईमेल आईडी भी जारी किए हैं। जेवर यमुना अथॉरिटी के नोटिफाइड एरिया में शामिल है। कोई भी शख्स नोटिफाइड एरिया में न तो कॉलोनी काट सकता है और न ही इस तरह की कोई स्कीम लॉन्च कर सकता है। जब तक यमुना अथॉरिटी अधिसूचित इलाके की जमीन का अधिग्रहण नहीं कर लेती, तब तक सिर्फ खेती के उद्देश्य से जमीन की खरीद-फरोख्त की जा सकती है। इस एरिया में स्कीम लॉन्च करने का अधिकार सिर्फ यमुना अथारिटी को है।

डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना अथॉरिटी पता ने बताया कि कुछ लोग प्रस्तावित एयरपोर्ट के पास अवैध रूप से कॉलोनी काट रहे हैं। कुछ कॉलोनाइजरों ने इसके लिए अखबारों में विज्ञापन भी दिया है। इसी आधार पर उन्हें चिह्नित कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे कॉलोनाइजरों के खिलाफ जल्द कार्रवाई के लिए एसएसपी से भी बात की जाएगी।