बैकलीज करने मे नप सकते है कई अधिकारी

ग्रेटर नोएडा इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बैकलीज पालिसी को हरी झण्डी तो दे दी है लेकिन इसके साथ अब तक की गयी बैकलीज के बारे मे प्राधिकरण को जॉंच करने के आदेश भी दिये है। यदि प्राधिकरण द्वारा बैकलीज के मामले मे सही तरीके से जॉंच की जाती है तो प्राधिकरण मे तैनाद रहे कई अधिकारी व वर्तमान मे तैनाद महाप्रबन्धक स्तर तक के अधिकरियो पर गाज गिरना तय है। ग्रेटर नोएडा मे करीब 3000 से अधिक किसानों के पक्ष में बैकलीज होनी है । कोमल देवी की याचिका पर हाई कोर्ट मे बैकलीज मामले मे सुंनवायी की गयी जिसमे कोमल देवी का आरोप था कि प्राधिकरण ने बैकलीज के मामले मे जमकर धाधॅंली की है। प्राधिकरण ने उचे रसूक वालो लोगो की तो 50 -50 वीघे जमीन बैक लीज के बहाने छोड दी है जबकि मूल कास्तकार को 3000 मीटर जमीन तक जमीन भी नही छोडी जिसको लेकर पिछले 2 साल से इलाहाबाद हाईकोर्ट मे बैकलील पालिसी को रदद करने पर सुनवाई चल रही थी । हाईकोर्ट ने कोमल देवी की याचिका मे सुनवायी करते हुए बैकलीज पालिसी को सही माना परन्तु अब तक की गयी बैकलीज के मामलो की जॉंच करने के आदेश दिये है। जिसके लिये कोर्ट ने प्राधिकरण को 2 माह का समय दिया है। कोर्ट ने प्राधिकरण को आदेश दिये है कि जिन मामलों में गड़बड़ी नही है उनकी बैकलीज करा दी जाय जिनमे गडबडी है उनकी जॉंच कर निरस्त की जाय ओर गडबडी करने वाले अधिकरियो पर कार्यवाही की जाये। यदि प्राधिकरण द्वारा सही तरीके से जॉंच की जाती है तो प्राधिकरण मे तैनाद रहे कई पूर्व अधिकारियों व प्लानिंग विभाग मे तैनाद एक वरिष्ठ अधिकारी पर गाज गिरना तय है। अधिकरियो को डर सता रहा है यदि सूबे मे सत्ता परिवर्तन होता है तो जॉंच मे लीपापोती करना भी मुश्किल हो जायेगा । गुरुवार को प्राधिकरण मे लीज बैक से जुडे अधिकरियो मे काफी बैचेनी दिखायी दी।