नारी सशक्तिकरण तब तक चले जब तक महिलाएं हर तरह से मजबूत न हो जाएं – मुख्य विकास अधिकारी

नारी सशक्तिकरण तब तक चले जब तक महिलाएं हर तरह से मजबूत न हो जाएं - मुख्य विकास अधिकारी

नारी सशक्तिकरण ऐसा कार्यक्रम है जिसके लिए महीने या सप्ताह की कोई सीमा नहीं है, यह कार्यक्रम तब तक चलता रहना चाहिए जब तक महिलाएं वास्तव में सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त न हो जाएं और उनकी भागीदारी समाज के हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर ना हो जाए। इसके लिए प्रदेश से लेकर ग्राम स्तर के सरकारी अमले को सक्रिय रहने की आवश्यकता है। उक्त बातें नारी सशक्तिकरण अभियान के दौरान आईआईएमटी इंजीनियरिंग कॉलेज के सभागार में आयोजित नारी स्वावलंबन सम्मेलन में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह द्वारा कही गई। 

उन्होंने ग्राम स्तरीय नारी शक्ति दूतों एवं जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आई हुई महिला अध्यापिका, आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि नारी सशक्तिकरण नारी के स्वाभिमान रक्षा के साथ साथ उनको सम्मान पूर्वक जीवन यापन के लिए आवश्यक संसाधन मुहैया कराना है इसके लिए सरकारी तंत्र पूरी तरह तत्पर है।

उक्त सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पधारी हुई उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने महिलाओं का आह्वान किया की सशक्तिकरण की शुरुआत घर से होती है जो धीरे धीरे आस-पड़ोस समाज ग्राम क्षेत्र और  फिर पूरे देश में फैलती है उन्होंने महिलाओं के प्रति लैंगिक आधार पर भेदभाव की भावना को जड़ से समाप्त किए जाने पर बल दिया। कार्यक्रम को भाजपा महिला मोर्चा के जिला अध्यक्ष डिंपल आनंद ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक एवं जादू शो के माध्यम से नारी सशक्तिकरण के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार एवं भारत सरकार के द्वारा संचालित की योजनाओं की उपस्थित महिलाओं को जानकारी उपलब्ध कराई गई। 

 

कार्यक्रम में परियोजना निदेशक अवधेश सिंह यादव परियोजना अभियंता जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल कुमार सोनी अपर जिला सूचना अधिकारी राकेश चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह द्वारा किया गया 

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