सफलता डिग्रीओं से नहीं, आत्मविश्वास से मि लती है: सोनम वांगचुक

आज ग्रेटर नॉएडा के एनआईईटी संस्थान में 4000 से अधिक युवाओं को जॉब गिवर बनने की प्रेरणा देने के लिए इस क्षेत्र में अपरिमित योगदान देने वाले सोनम वांगचुक जो एक लद्दाखी अभियंता, अविष्कारक और शिक्षा सुधारवादी हैं को पथप्रदर्शक की भूमिका के लिए आमंत्रित किया गया । श्री सोनम वांगचुक ने दो बातों को जीवन का सार बताया एक शिक्षा और दूसरा पर्यावरण । उन्होंने सभी उपस्थित छात्रों से गुरु दक्षिणा में कम से कम एक पेड लगाने का वचन लिया ।

सोनम

वांगचुक ने छात्रों में ऊर्जा बरते हुए बताया कि बच्चे के पैदा होते ही माता पिता उसकी नौकरी के विषय में सोचना शुरू कर देते हैं यह हमारी 200 साल की गुलामी का परिणाम है और युवाओं को इससे बहार आना होगा । हमें भी विश्व के साथ चलना होगा । आप कुछ भी छोटे से छोटा काम शुरू करें जो आपकी रुचि का हो और असफलता से बिलकुल न डरें क्यूंकि असफलता उसी समस्या के 100 समाधान ढूढ़ने की प्रेरणा देती है । सफलता डिग्रीओं से नहीं आपके आत्मविश्वास से मिलती है । यह हमारी विडम्बना है कि हमारे देश में मजदूरों का सम्मान नहीं होता इसलिए हाथ के कारीगर भी विश्वस्तरीय नहीं बनते । युवाओं को मेरा सन्देश है कि अपने मालिक खुद बनो । असफलता के डर से बाहर निकलो क्यूंकि हम सबमें ईश्वर बसता है । याद रखो असफलता हमें सोचने को मजबूर करती है, हमें विनम्र बनाती है और सफलता यदि जल्दी मिल जाये तो अहंकार पैदा कर देती है, इसलिए असफलता तो जीवन में सफलता के लिए जरूरी तत्वों में से एक है । उन्होंने छात्रों का आवाहन किया कि सफल होने के लिए कभी अनैतिक संसाधनों का सहारा मत लेना और केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं जीव मात्र और प्रकृति का ध्यान रखना ।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय डॉ कर्ण सिंह ने युवाओं को जॉव गिवर बनने के लिए जरूरी अवयवों के विषय में बताया उन्होंने बताया कि आप दूसरों को देने की तब ही सोच सकते हैं जब आपका अंतःकरण इस प्रेरणा से भरा हो । इसके लिए एक स्वस्थ शरीर जरूरी है इसलिए व्यसनों से दूर रहें । मस्तिष्क में बल होना जरूरी है तभी आप नयी विद्याओं को सीख पाएंगे और समाज की जरूरतों को समझ कर उनके लिए समाधान ढून्ढ पाएंगे । तीसरा सामाजिक शक्ति का होना परम आवश्यक है , सब मिल जुल कर काम करें सबके विकास कि विषय में सोचें समाज टूट रहा है इसलिए हमारा देश भी कमजोर हो रहा है । सर्वधर्म सम्भाव जरूरी है । चौथी जरूरी चीज आपकी आत्मशक्ति है । उठो जागो और नए भारत का निर्माण करो । समय पर आरम्भ करना बहुत जरूरी है जो समय का आदर नहीं करते समय भी उनका आदर नहीं करता । कार्यक्रम में उभरते हुए संगीतज्ञ श्री सिद्दार्थ मोहन ने युवाओं में ऊर्जा का संचार किया उनकी प्रश्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया ।

इस अवसर पर केंद्रीय भविष्य निधि के कमिशनर वी पी जॉय, अखिल भारतीय तकनीकी संस्थान के स्किल डेवलपमेंट विभाग के निदेशक डॉ आर. एस. राठौर, डालमिया ग्रुप के एच आर हैड श्री अजीत मेनन, स्टेलर ग्रुप के चेयरमैन श्री रविमोहन सेठी, संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ ओ पी अग्रवाल संस्थान के मेंटर अशोक सिंह, संस्थान की अति प्रबंध निदेशिका डॉ नीमा अग्रवाल, संस्थान के कार्यकारी उपाध्यक्ष रमन बत्रा, संस्थान के निदेशक डॉ अजय कुमार, काफी संस्थाओं के निदेशक और अध्यापक भी उपस्थित रहे ।

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