Daily Archive: November 9, 2018

जांच करने कश्मीर पहुंची ग्रेटर नोएडा पुलिस खाली हाथ लौटी वापस

28 सितंबर को शारदा यूनिवर्सिटी से घर जाने के लिए बोलकर गया कश्मीरी छात्र एहतेशाम बिलाल आतंकी संगठन आइएसजेके से जुड़ गया था जिसकी जांच करने कश्मीर पहुंची ग्रेटर नोएडा पुलिस की स्पेशल टीम मंगलवार रात खाली हाथ वापस लौट आई है।

लापता छात्र बिलाल के खिलाफ कश्मीर के खानिहार थाने में दर्ज रिपोर्ट एवं दिल्ली व श्रीनगर एयरपोर्ट से मिली सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाने में छात्र के गुमशुदगी के केस की फाइल को बंद कर दिया है।

जांच के लिए कश्मीर पहुंची स्पेशल टीम ने बिलाल के परिवार व उसकी गर्लफ्रेंड से पूछताछ की लेकिन कोई ख़ास जानकारी टीम के हाथ नहीं लग पाई है।

आपको बता दें कि शारदा यूनिवर्सिटी में बीएमआईटी के प्रथम वर्ष की पढ़ाई करने वाला छात्र 28 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। छात्र के चचेरे भाई ने उसके लापता होने की रिपोर्ट ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाने में कराई थी। जिसके कुछ दिन बाद 2 नवंबर को बिलाल की एसॉल्ट राइफल व आइएसजेके के बैनर के साथ फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। जिसके बाद ग्रेटर नोएडा की एक स्पेशल पुलिस की टीम छात्र की पड़ताल करने कश्मीर गई थी। जांच में पता चला कि बिलाल दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर श्रीनगर पहुंचा था।

कश्मीर पुलिस ने भी बिलाल के खिलाफ आतंकी संगठन से जुड़ने का मामला दर्ज कर लिया है

कचैडा के किसानों ने पुलिस पर महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने का लगाया आरोप

कचैडा के किसानों ने पुलिस पर महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने का लगाया आरोप

प्रदर्शन करने व अधिग्रहण के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में जेल में बंद किए गए कचैडा के किसान तेरह दिनों के बाद लुक्सर जेल से बुधवार रात साढ़े 11 बजे छूटने के बाद सीधे खेतों पर पहुंचे और ट्रैक्टर चलाकर जमीन पर कब्जा लेने की मुहीम शुरू कर दी है।

किसानों ने गांव में पंचायत कर पुलिस प्रशासन और बिल्डर के खिलाफ आंदोलन चलाने के लिए 50 सदस्यों की टीम गठित की है। किसानों ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप भी लगाया है। किसानों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेताओं ने उनकी कोई मदद नहीं की। किसान 50-50 हजार रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर खुद छूटकर आए हैं। किसानों ने लिखित में प्रशासन को बॉन्ड दिया है कि वे 6 महीने तक कोई आंदोलन नहीं करेंगे और न ही किसी आंदोलन में हिस्सा लेंगे।

कचैड़ा के पूर्व प्रधान व किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुशील नागर ने बताया कि किसी भी राजनीतिक पार्टी ने उनकी कोई मदद नहीं की। बीजेपी ने प्रशासन और पुलिस पर दबाव बनाकर किसानों को 13 दिनों तक जेल में बंद रखा गया। 62 किसान धारा 151 और 24 किसानों पर 7 धाराओं में बीजेपी ने मुकदमे लगवाए। किसानों का कहना है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान महिलाओं के साथ छेड़छाड़ व अश्लील हरकतें कीं। किसानों ने कहा है कि डीएम व दादरी एसडीएम को बर्खास्त करने की मांग को लेकर वे कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने के लिए अपील दायर करेंगे।