Monthly Archive: October 2018

सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर क्रॉस कंट ्री रेस का आयोजन

सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर जिला खेल अधिकारी सुनील चन्द्र जोशी और जिलाधिकारी बी एन सिंह द्वारा खेलो को बढ़ावा देने के लिए रन फॉर यूनिटी कंट्री रेस का आयोजन कराया जा रहा है जिसमें जिले के सैकड़ों बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। यह रेस शपथ के साथ शुरू की गई। रेस ग्रेनो के नॉलेज पार्क एक्सपो मार्ट से शुरू की गई।

30 October, 2018 13:55

आईआईएमटी कॉलेज ऑफ लॉ में अपराध नियंत्रण विषय पर विचार गोष्‍ठी

अध्यात्मिक तथा नैतिक मूल्यों का हृास किसी समाज में असहनशीलता को जन्म देता है। असहनशीलता अपराध की उत्पत्ति का एक बड़ा कारक है। उन्होंने कहा कि संविधान के मूल अधिकारों तथा मूल कर्तव्य जैसे भागों का उद्देश्य कहीं न कहीं नैतिक तथा प्राकृतिक मूल्यों की रक्षा करना है ये बाते न्यायाधीश वीर नायक सिंह ने आईआईएमटी कॉलेज ऑफ लॉ में अपराध नियंत्रण विषय पर आयोजित विचार गोष्‍ठी में कही। उन्होंने कहा कि कभी कभी नैतिक मूल्यों का हृास पुलिस को भी प्रभावित करता है, जिससे वह अव्यवहारिक पहलुओं को व्यवहारिक बनाने का प्रयास करती है। ऐसे में न्यायालय की भूमिका अहम हो जाती है। सिंह ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं में मादक दृव्यों का बढ़ता प्रयोग भी नैतिक मूल्यों के हृास का परिणाम है। आज का छात्र वर्ग नकारात्मक सोच से प्रभावित हुआ है। आगे उन्‍होंने कहा कि कहा कि विधि में रूचि किसी की व्यक्तिगत या पारिवारिक हो सकती है लेकिन छात्रों को यह ध्यान रखना चाहिए कि वह विधि के छात्र होने के साथ साथ देश के नागरिक भी हैं। भारत वह देश है जो वसुधैव कुम्बकम की धारणा में विश्वास करता है।

ग्रेटर नोएडा, आईआईएमटी कॉलेज आफ लॉ में अपराध नियंत्रण विषय पर विचार गोष्‍ठी का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि न्यायाधीश वीर नायक सिंह रहे। कालेज ऑफ लॉ के निदेशक डॉ. पंकज द्विवेदी ने मुख्य अतिथि को तुलसी का पौध सौंपकर उनका स्वागत किया। जिसके उपरांत अधिष्ठाता श्री राकेश जौली ने अपने स्वागत उद्बोधन में यह कहा कि उन्हें वीर नायक सिंह के साथ जब एक पुलिस अधिकारी के रूप में कार्य करने का मौका मिला तो उन्हें उनके साथ जीवन मूल्यों को समझने का मौका मिला।

आईआईएमटी कॉलेज ऑफ लॉ के निदेशक डॉ. पंकज द्विवेदी ने न्यायाधीश वीर नायक सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट किया। डॉ. द्विवेदी ने सिंह का धन्यवाद ज्ञापित किया कि उन्होंने छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान से अवगत कराया। इस अवसर पर डॉ. धीरेंद्र सिंह, डॉ. मोनिका रस्तोगी, प्रमोद कुमार शर्मा,प्रशांत मावी, आशू गुप्ता, शैलेष त्रिपाठी,मनीष अत्री, रूपेश मलिक, दीपिका भाटी, कौशिकी राय, अमृत लाल, पंखुडी श्रीवास्‍तव आदि उपस्थित रहे।

Greater Noida Posh Society Residents Accused for Using Religion as Business

In a unique kind of incident where on the name of religious sentiments people are trying to grab market area under the premises of a posh society in Greater Noida. The incident is of ATS Paradiso Society, Sector CHI-4, and Greater Noida were some of the residents sneaked idols of Lord Hanuman, Kaali Maa and a Shiv Ling and started demanding construction of temple.

One the resident of the society alleged that “in a very pre planed manner some the residents of the same society 4 men & 2 women) quietly sneaked idols of Lord Hanuman, Kaali Maa and a Shiv Ling carrying them in an auto so that guard cannot get aware of it. There after they placed idols on the road opposite to the society market (parking area) and very next morning they started worshiping them.

All this exercise was conducted with an agenda just to grab the market are which they want to convert in temple. They want to shut non-veg shops running there. “

The ATS society authorities asked residents to conduct a signature campaign so it can get clear how many of the residents are in favor and how many are against. For now around 250 people signed in against means they want a temple while 150 wants to have a temple there.

जी.एल. बजाज संस्थान में अमेजाॅन क्लाउड लिट रेसी दिवस हुआ आयोजित

जी.एल. बजाज. संस्थान में अमेजाॅन क्लाउड लिटरेसी दिवस का आयोजन आईसीटी अकादमी तथा ए.डबलु.एस. एज्यूकेट द्वारा आयोजित किया गया। आईसीटी अकादमी के स्टेट हेड (दिल्ली एन.सी.आर.) श्री आनंद बाबु तथा रिलेषनषिप मैनेजर लोकेष कुमार ने छात्र-छात्राओं को वर्तमान समय में क्लाउड कंप्यूटिंग के महत्व के बारे में बताया।

आनंद बाबु ने बताया कि कंप्यूटर साक्षरता के बाद अब क्लाउड साक्षरता वर्तमान समय की मांग है, क्योंकि हर व्यक्ति एंड्राॅयड फोन और कंप्यूटर से किसी ना किसी प्रकार से क्लाउड से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम मे संस्थान के लगभग 1000 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। 8 घंटे के इस मूल्यांकन आधारित पाठ्यक्रम को छात्रों ने 5 घंटे से भी कम समय में पूरा कर अमेजाॅन वेब सर्विस से डिजिटल प्रमाण पत्र प्राप्त किए। यह प्रमाण पत्र रोजगार परक है तथा कम्पनी साक्षातकार के समय यह अहम भूमिका निभा सकते है।

इसके साथ ही सभी छात्रों के अमेजाॅन अकाउन्ट में 75 डाॅलर क्रेडिट के रुप में प्राप्त हुए। यह क्रेडिट छात्र किसी भी तरह के सर्किफिकेट एक्जाम की फीस भरने, इ-बुक्स डाउनलोड करने या अमेलाॅन की किसी भी तरह की सर्विस को खरीदने के लिये इस्तेमाल कर सकते है।

कालजई उपन्यास राग दरबारी – समाज का पोस्टमा र्टम है , रागदरबारी।

रागदरबारी पचासवें वर्ष में

कालजई उपन्यास राग दरबारी के प्रकाशन के पचास वर्ष (2018 में) पूरे होने पर इसके प्रणेता श्रीलाल शुक्लजी को हृदय के अनंत गहराईयो से आदर के साथ स्मरण करने के साथ कुछ लिख रहा हूं .रागदरबारी जब पहली बार पढ़ा तो लगा की कोई इतना सटीक कैसे लिख सकता है? पढ़ने पर लगा की गांव की बकलोलई एवं रोजमर्रा की किचकिच और राजनीति का सीधा प्रसारण जैसे महाभारत के संजय सुना रहे हो तथा व्यास जी के शक्ल में शुक्ल जी उन्हें लिपिबद्ध कर रहे हो. पर पढ़ने पर यह भी महसूस होता है कि संजय आंख से देख कर भी तथा संवेदी उपग्रह की मदद से भी उतना वर्णन नहीं कर सकते जितना शुक्ल जी ने घुसकर लिख दिया है .साठ के दशक में लिखा गया यह उपन्यास कलयुग की कलकलाहट का वर्णन करता है ,जो तब भी बयान करता था आज तो और भी. समाज तथा उसके कारिंदो की धमाचौकड़ी का ऐसा खाका राग दरबारी में शुक्ल जी ने खींचा है कि सबकुछ सजीव लगता है . एक सौ नब्बे साल परतंत्र रहने वाला देश जब स्वतंत्र होता है तो विकास का मिश्रित मॉडल का प्रारंभिक 20 वर्षो में एक गांव में कैसा कचूमर निकलता है, उसका एफिडेविट है रागदरबारी। यूटोपियन टाइप की बात इस उपन्यास में नही है।जो कुछ है सबकुछ किसी न किसी बहाने आंख से गुजरा है।शुक्लजी डिप्टी कलेक्टर थे। डिप्टी कलेक्टर के रूप में खेत मेड नाली के झगड़े, प्रधानी और अन्य नाना प्रकार के चुनावों से सामना , विकास के लाभार्थियों के चयन से लेकर कई तरह के विकास सम्बधी जांचों का अनुभव तथा मजिस्ट्रेट के रूप में कचहरी यानी अदालत का कार्य ,शुक्लजी को इस उपन्यास को लिखने में बड़ी मदद किया है।कुछ क्रेडिट डिप्टी कलेक्टर की सेवा को भी है। गांव की गुटबंदी, निजी स्वार्थ की पराकाष्ठा तथा भ्रष्टाचार का खून में समाकर डी एन ए बनना सब कुछ दिखता है, इस उपन्यास में।यह सही मायनों में कालजई नहीं , युगजई या कहिए कई कालों की कालजई रचना है । जीवन के सफेद व काले पक्ष का वर्णन साथ साथ दिखता है ।मनुष्य का चरित्र तथा उसका समाज के सामने दोगलापन दोनों बराबर चलते हैं ।प्रजातंत्र ,प्लानिंग कमीशन ,थाना, तहसील पंचायत ,इंस्पेक्टर ,केस , डिप्टी ,वकील ,ट्रक ,ट्रक ड्राइवर का वर्णन जो साठ के दशक में हुआ था वह हू बहू आज भी इसी तरह विद्यमान है । आज के सोशल मीडिया पर छदम जागरूकता और प्रोपोगेंडा का दिखावा जो हमे दिखाई देता है ,वह राग दरबारी में शास्वत रूप में साठ के दशक में लिखा जा चुका है।रागदरबारी समाज का पोस्टमार्टम है । राग दरबारी समाज का कच्चा चिट्ठा भी है ।उत्तर भारत के आजकल के टिपिकल गांव बहुत खतरनाक हो गए हैं । मंडल -कमण्डल और 73 वे संविधान संशोधन के बाद गांव में घुसी रूट डेमोक्रेसी ने लोगों में गजब की गुटबंदी ला दिया है। अगर राग दरबारी आज लिखी जाती तो उसका नजारा कुछ और ही शानदार होता।खेत , चकरोड, मनरेगा ,धर्म, जाति ,राशन , की राजनीति आज सर चढ़कर बोल रही है .आज के गांव प्रधानी , विधायकी और संसदीय जीत के रेखागणित में उलझे है.रागदरबारी का एक बानगी देखिए –

"….. आप लोग देश का उद्धार इसी प्रकार करेंगे ?यह किंतु ,परंतु ,तथापि यह सब क्या है ?श्रीमान यह नपुंसकों की भाषा है . अकर्मण्य व्यक्ति इसी प्रकार अपने आप को और देश को वंचित करते हैं .आप का निर्णय स्पष्ट होना चाहिए. किंतु . परंतु.थू ."

चलते चलते एक बानगी और देख लीजिए –

"सभी मशीनें बिगड़ी पड़ी हैं. सब जगह कोई न कोई गड़बड़ी है. जान पहचान के सभी लोग चोट्टे हैं .सड़कों पर सिर्फ कुत्ते ,बिल्लियां और सूअर घूमते हैं हवा सिर्फ धूल उड़ाने के लिए चलती है .आसमान का कोई रंग नहीं .उसका नीलापन फरेब है .बेवकूफ लोग , बेवकूफ बनाने के लिए , बेवकूफो की मदद से ,बेवकूफो के खिलाफ बेवकूफी करते हैं ."

सचमुच आज कौन किस को बेवकूफ बना रहा है समझ में नहीं आता ।आज का जो परिदृश्य है उसमें हम हर दिन चित होते रहते हैं तथा बेवकूफी अब हमारे जीन में समा गई है ।अगर किसी दिन हम बेवकूफ नहीं बनते हैं तो हमें बहुत बुरा लगता लगता है। बेवकूफ बनना मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है ।वास्तव में राग दरबारी शिवपालगंज गांव और उसके अंदर के ताने बाने का वर्णन है ,जो पंच वर्षीय योजना के प्लानिंग कमीशन के नेहरू मॉडल और सतत विकास को धत्त बोलकर मूल्यहीनता को पूरी तरह आत्मसात कर चुका है। मूल्यहीनता ही इसकी विशेषता है और यही यथार्थ है। सरकारी कार्यालय का निष्ठुर और सामंतवादी रूप का अदभुत रेखाचित्र इसमे खींचा गया है।संस्थागत भ्रष्टाचार के विरूद्ध सत की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा भी दी है रागदरबारी ने। अगर रागदरबारी को सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए गीता कहे तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। इसमे सरकारी तबके के लिये ढेर सारे पाठ है ,जिससे बहुत कुछ सीखा जा सकता है।कमियों को जानना कोई बुरी बात नही होती। रागदरबारी पढ़ने से पता चलता है कि सिस्टम में खराबी बहुदलीय संसदीय लोकतंत्र की एक विशेषता है। इसके एक चरित्र वैद्यजी के बारे में लिखा गया है कि वैद्यजी थे, है और रहेंगे इसी प्रकार रागदरबारी था, है और रहेगा क्योंकि लोकतंत्र का चक्कलस यू ही सदियों तक जारी रहनेवाला है। और इसकी प्रासंगिकता के क्या कहने जनाब, घटनेवाली नहीं है, यह चक्कलस की समानुपातिक है,बढ़ती ही रहेगीं।

शैलेंद्र कुमार भाटिया
म.न 2A, सेक्टर -गामा1
ऑफिसर कॉलोनी, ग्रेटर नोएडा
मोबाइल 7042639359

मुठियानी में स्कूलों में जाकर मिड-डे मील की जांच की गई

मुठियानी में स्कूलों में जाकर मिड-डे मील की जांच की गई
आज डीएम बीएन सिंह के निर्देशन में ग्राम पंचायत मुठियानी की ग्राम पंचायत विकास योजना की चर्चा करते हुए कराए गए कार्यो के बारे में बताया गया। इस वित्तीय वर्ष में नए कार्यो को सम्मिलित करने के लिए ग्राम वासियो से पूछा गया जिन्हे सम्मिलित कराया जाना है प्राथमिक विद्यालय में निरिक्षण किया गया।
खंड विकास अधिकारी दादरी नेहा सिंह ने बताया कि यहां छात्रों को स्वेटर बांटे जा चुका है। इस दौरान मिड-डे मील की जांच की गई। उन्होंने बताया भोजन की क्वालिटी संतोषजनक है। प्राथमिक विद्यालय में सीएसआर के माध्यम से प्रोजेक्टर, स्क्रीन लगाई गई है। जिससे कक्षा 1, 2 के बच्चों को अध्ययन कराया जाता है। दिवाली से पहले गांव की सफाई व दवा छिड़काव के लिए निर्देशित किया गया है। गांव की अन्य समस्याओं को सुनते हुए सम्बंधित लोगों को निर्देश दिए गए है। आवास, शौचालय, नरेगा योजनाओ के बारे में बताते हुए गांव में लाभार्थियों के प्रस्ताव भी मांगे गए।

पॉल्युशन पर प्राधिकरण ने उठाये कड़े कदम स्टोन क्रेशर मशीन व जनरेटर किए जब्त

नोएडा में बढ़ते हुए वायु प्रदुषण के चलते हुए सिटी मजिस्ट्रेट की अगुआई में आज नोएडा प्राधिकरण वर्क सर्किल-9 एवं उत्तर प्रदेश प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड ने थाना एक्सप्रेस-वे की सहायता लेते हुए डूब क्षेत्र में बढ़ रहे वायु प्रदुषण के खिलाफ कार्रवाई की गई।

इस मामले में नोएडा प्राधिकरण द्वारा 3 स्टोन क्रेशर, 5 जनरेटर व एक सैंट्रो कार जब्त की है। वहीं 6 बोरवेलों को नष्ट किया गया है।

अपराधी छवि वाले ठेकेदारों के चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त करेगा जिला प्रशासन

जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर ब्रजेश नारायण सिंह ने समस्त जनपद वासियों का आह्वान करते हुए कहा है कि जनपद में अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के द्वारा अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर विभिन्न प्रकार की विधिक कार्रवाई दृढ़ता के साथ की जा रही है। जिला प्रशासन के संज्ञान में आ रहा है कि सरकारी ठेकेदारी का कार्य करने वाले कुछ ठेकेदार अपराधी कार्यों में संलिप्त हैं। ऐसे ठेकेदारों के जिला प्रशासन की ओर से जारी चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त करने की कार्यवाही प्रस्तावित की जा रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि विगत 1 वर्ष में ठेकेदारी कार्य के लिए जिला प्रशासन की ओर से जो चरित्र प्रमाण पत्र बनाए गए हैं उनकी सूची पीडीएफ फाइल में आम नागरिकों तक डीएम वार रूम से भेजी जा रही है। यदि किसी जनसामान्य के संज्ञान में ऐसे ठेकेदार की जानकारी हो तो वह उसके संबंध में जिला प्रशासन को जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। जानकारी देने वाले का नाम पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा और संबंधित ठेकेदार का चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

ऑनलाइन बुकिंग से हो जाएं सावधान फोन की जगह आ सकती है साबुन की टिक्की 

ग्रेटर नोएडा में ऑनलाइन बुकिंग करने पर फोन की जगह पैकिंग में मिली साबुन। अमेजन फोन की कीमत ₹15099 थी।  युवक ने आईसीआई क्रेडिट कार्ड से ₹15099 किए थे जमा जिसके बाद डिलीवरी ब्वॉय डिलीवरी करने पहुंचा तो फोन की जगह पैकेट में साबुन पकड़ा कर चला गया। डिलीवरी देते समय ग्राहक से पैकिंग खोलने को किया था मना, जिसके बाद भी ग्राहक ने पैकिंग खोलकर देखि तो उसमे साबुन निकली।  पीड़ित ने डिलीवरी ब्वॉय को बिसरख पुलिस के हवाले किया।  बिसरख पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर की जांच शुरू ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी के बिसरख थाना क्षेत्र का मामला