Daily Archive: September 12, 2018

जेवर में एयरपोर्ट को लेकर 3720 किसानों ने दी सहमति , जेवर विधायक ने किया था जागरूक

जेवर में बनने वाले इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए लगभग 3720 किसानों ने आज सहमति दे दी है ।

आपको बता दे कि लगभग 1175 हैक्टेयर जमीन की सहमति मिलने के बाद जमीन का आंकडा 96 प्रतिशत तक पहुँच गया है ।

जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने रोही, दयानतपुर व किशोरपुर के भ्रमित किसानों को सहमति देने के लिए तैयार कर दिया है । जिससे साफ पता चल रहा है कि जल्दी से अब जेवर एयरपोर्ट बन जाएगा , क्योंकि अगर सभी किसान अपनी ज़मीन देने को तैयार हो जाएंगे तो ये कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

जैसा कि विदित है कि दिनांक 11 सितम्बर 2018 तक 3600 किसानों की सहमति के बाद आज दिनांक 12 सितम्बर 2018 को लगभग 120 कृषक और भूमिहीनों ने अपनी सहमति जेवर में एयरपोर्ट बनाये जाने के लिए प्रशासन को सौंपी है।

आज भी जिला प्रशासन, यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण व जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह द्वारा गठित टीमों ने गांवों में जाकर एयरपोर्ट के महत्व के बारे में किसानों को समझाते हुए सहमति प्राप्त की।

वहीं जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने गांव नगला गणेशी, दयानतपुर, रोही व नगला शरीफ खांन के किसानों के बीच में बैठकर उन्हे समझाया कि ’’फिलहाल प्रश्न एयरपोर्ट बनने के बाद क्या सुविधा मिलेगी, यह नही है, बल्कि हम यह तय करने जा रहे हैं कि हमारे क्षेत्र में दुनिया का बेहतरीन एयरपोर्ट बनने जा रहा है, वह बने अथवा नही, इस बात का है।

जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने आगे कहा कि "यदपि किसानों को विस्थापन व मुआवजा नीति को लेकर, कुछ लोग भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मैं उन सभी लोगों को मशविरा देना चाहूॅगा की धारा-11 की कार्यवाही के पश्चात हमारे पास सिर्फ और सिर्फ किसानों को बेहतर सुविधायें दिलवाने का कार्य ही शेष रह जायेगा और प्रदेश के मुख्यमंत्री की नजर जेवर क्षेत्र पर है तथा मुझे पूरी उम्मीद है कि यहां के किसानों के लिए जमीन की सहमति घाटे का सौदा नही होगा।

आईआईएमटी कॉलेज के छात्रों ने निकाली ‘‘जल बचाओ और कल बनाओ’’ जारूकता रैली

ग्रेटर नोएडा : नॉलेज पार्क 3 स्थित आईआईएमटी कॉलेज ऑफ लॉ द्वारा विश्व परिदृश्य की ज्वलंत समस्या ‘‘जल बचाओ और कल बनाओ’’ नामक विषय पर गांव सलेमपुर गुर्जर ग्रेटर नोएडा में एक जारूकता रैली अभियान तथा व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें गांव सलेमपुर गुर्जर तथा आस पास के अन्य गांव के संभ्रांत नागरिक भी उपस्थित रहे।
 कॉलेज के लगभग 200 छात्रों तथा अध्यापकों ने ग्रामीणों को ‘जल बचाओ’ अभियान के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय की उपनिदेशिका डा. मोनिका रस्तोगी ने कहा कि जल संकट तो हमारी भूलों और लापरवाहियों से ही उपजा है। हम अनावश्यक रूप से तथा अधिक मात्रा में जल का दोहन कर रहे हैं। दैनिक उपयोग में आवश्यकता से अधिक मात्रा में जल का अपव्यय करने की आदत ने जल संकट बढ़ा दिया है। बढ़ती जनसंख्या के कारण भी जल का उपभोग बढ़ता जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरूआत महाविद्यालय के चीफ प्राक्टर डा धीरेंद्र सिंह द्वारा उपस्थित जन-समूह को ‘जल संरक्षण’ की उपयोगिता से अवगत कराकर की गयी। एलएल.बी. के विभागाध्यक्ष प्रशांत मावी ने पेय-जल की उपयोगिता दर्शाते हुए समाज के प्रत्येक सजग व्यक्ति को समाज का मार्गदर्शक बनने का आह्वान किया। डा. मुनीश कुमार शर्मा ने मानवीय जीवन में जल की उपयोगिता एवं जल-संग्रह की विभिन्न संभावित विधियों की जानकारी दी।
 छात्रों में संजीव आर्या, रजनीश कुमार, तथा शुभ श्री पांडेय आदि ने भी अपने विचार व्यक्त कर पेय जल की निरंतर हो रही कमी पर चिंता व्यक्त की। इस अवसर पर ओमवीर प्रधान ,  मेंबर शर्मा, ब्रह्म सिंह , जय पाल सिंह , जयवीर सिंह , धरमवीर सिंह भाटी एवं सतीश सेठ आदि गणमान्य ग्रामीण जन, महिलायें , प्रोफेसर आशु गुप्ता, प्रोफेसर शैलेष त्रिपाठी, प्रोफेसर पंखुड़ी व प्रोफेसर कौशिकी आदि उपस्थित रही। कार्यक्रम के अन्त में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने वृक्षारोपण कर एवं गांव गांव घूमकर जन-जागरण रैली द्वारा जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
आईआईएमटी कॉलेज ऑफ लॉ के निदेशक डा पंकज द्विवेदी ने इस जन जागरूकता कार्यक्रम के लिए कॉलेज के शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई दी।

आईआईएमटी कॉलेज के छात्रों ने निकाली ‘‘जल बचाओ और कल बनाओ’’ जारूकता रैली

ग्रेटर नोएडा : नॉलेज पार्क 3 स्थित आईआईएमटी कॉलेज ऑफ लॉ द्वारा विश्व परिदृश्य की ज्वलंत समस्या ‘‘जल बचाओ और कल बनाओ’’ नामक विषय पर गांव सलेमपुर गुर्जर ग्रेटर नोएडा में एक जारूकता रैली अभियान तथा व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें गांव सलेमपुर गुर्जर तथा आस पास के अन्य गांव के संभ्रांत नागरिक भी उपस्थित रहे । कॉलेज के लगभग 200 छात्रों तथा अध्यापकों ने ग्रामीणों को ‘जल बचाओ’ अभियान के लिए प्रेरित किया।

महाविद्यालय की उपनिदेशिका डा. मोनिका रस्तोगी ने कहा कि जल संकट तो हमारी भूलों और लापरवाहियों से ही उपजा है। हम अनावश्यक रूप से तथा अधिक मात्रा में जल का दोहन कर रहे हैं। दैनिक उपयोग में आवश्यकता से अधिक मात्रा में जल का अपव्यय करने की आदत ने जल संकट बढ़ा दिया है। बढ़ती जनसंख्या के कारण भी जल का उपभोग बढ़ता जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरूआत महाविद्यालय के चीफ प्राक्टर डा धीरेंद्र सिंह द्वारा उपस्थित जन-समूह को ‘जल संरक्षण’ की उपयोगिता से अवगत कराकर की गयी। एलएल.बी. के विभागाध्यक्ष प्रशांत मावी ने पेय-जल की उपयोगिता दर्शाते हुए समाज के प्रत्येक सजग व्यक्ति को समाज का मार्गदर्शक बनने का आह्वान किया। डा. मुनीश कुमार शर्मा ने मानवीय जीवन में जल की उपयोगिता एवं जल-संग्रह की विभिन्न संभावित विधियों की जानकारी दी । छात्रों में संजीव आर्या, रजनीश कुमार, तथा शुभ श्री पांडेय आदि ने भी अपने विचार व्यक्त कर पेय जल की निरंतर हो रही कमी पर चिंता व्यक्त की। इस अवसर पर ओमवीर प्रधान , मेंबर शर्मा, ब्रह्म सिंह , जय पाल सिंह , जयवीर सिंह , धरमवीर सिंह भाटी एवं सतीश सेठ आदि गणमान्य ग्रामीण जन, महिलायें , प्रोफेसर आशु गुप्ता, प्रोफेसर शैलेष त्रिपाठी, प्रोफेसर पंखुड़ी व प्रोफेसर कौशिकी आदि उपस्थित रही। कार्यक्रम के अन्त में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने वृक्षारोपण कर एवं गांव गांव घूमकर जन-जागरण रैली द्वारा जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

आईआईएमटी कॉलेज ऑफ लॉ के निदेशक डा पंकज द्विवेदी ने इस जन जागरूकता कार्यक्रम के लिए कॉलेज के शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई दी।