Daily Archive: August 31, 2018

1 सितंबर से भारत निर्वाचन आयोग का विशेष सं क्षिप्त पुनरीक्षण अभियान

1 सितंबर से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चलने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने में जिला प्रशासन जुटा। बीएलओ एवं सुपरवाइजर का कराया गया प्रशिक्षण

जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर बीएन सिंह के निर्देशन में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में संचालित होने वाले 1 सितंबर से संक्षिप्त विशेष पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने में अधिकारियों के द्वारा अपनी कार्यवाही आरंभ कर दी गई है। इस क्रम में आज दादरी विधानसभा क्षेत्र में अभियान को संचालित बनाने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी कला केंद्र में दादरी तहसील से संबंधित बीएलओ एवं सुपरवाइजर का प्रशिक्षण आयोजित हुआ। जिसमें उप जिलाधिकारी दादरी अंजनी कुमार सिंह एवं उनके सहयोगी अधिकारियों द्वारा संचालित होने वाले कार्यक्रम के संबंध में विस्तार परक रूप से जानकारी सभी बीएलओ सुपरवाइजर को उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार तहसील सदर में भी बीएलओ एवं सुपरवाइजर का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। दोनों स्थानों पर बीएलओ को संचालित होने वाले कार्यक्रम के संबंध में बिंदुवार जानकारी देते हुए आयोग के निर्देशों अनुपालन करने के निर्देश दिए गए ताकि संचालित होने वाले अभियान के दौरान सभी मतदाताओं के नाम गुणवत्ता परक रुप से मतदाता सूची में दर्ज कराया जा सके। राकेश चौहान अपर जिला सूचना अधिकारी गौतम बुद्ध नगर।*

आनलाइन छात्रवृत्ति आवेदन करने की समय सीमा बढ़ा दी गई

जिला समाज कल्याण अधिकारी आनंद सिंह ने जानकारी दी है कि शासन द्वारा छात्रवृत्ति एवं प्रतिपूर्ति योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र छात्र छात्राओं को पहुंचाने के उद्देश्य से आनलाइन छात्रवृत्ति आवेदन करने की समय सीमा बढ़ा दी गई। पूर्व मे यह सीमा 31अगस्त 2018 थी जिसे अब बढ़ा कर 10 अक्टूबर 2018 कर दी गई है। अतः निर्धारित समय सीमा मे आवेदन कर योजना का लाभ उठाये। राकेश चौहान अपर जिला सूचना अधिकारी गौतम बुद्ध नग

किरायानामा के संबंध में करानी होगी रजिस् ट्री। अन्यथा की स्थिति में स्टाफ एक्ट के तहत ह ोगा मुकदमा दर्ज।

के संबंध में करानी होगी रजिस्ट्री। अन्यथा की स्थिति में स्टाफ एक्ट के तहत होगा मुकदमा दर्ज।

जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर बीएन सिंह ने अपने कैंप ऑफिस नोएडा के सभागार में स्टांप विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करते हुए उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में सभी प्रकार के किरायानामा के संबंध में रजिस्ट्री कराना आवश्यक होगा। उन्होंने निर्देश दिया है कि 1 सितंबर से 30 सितंबर तक समस्त प्रकार के किराए नामों में रजिस्ट्री कराने की कार्रवाई विभागीय अधिकारियों के द्वारा सुनिश्चित की जाए। 30 सितंबर के उपरांत यदि कोई प्रकरण किराए नामे का बिना पंजीकरण या रजिस्ट्री के पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध स्टांप एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्टांप विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाए और पीजी, होटल , मॉल, रहने के आवास समस्त प्रकार के किराए के भवन के संबंध में रजिस्ट्री कराना आवश्यक होगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को इस संबंध में एक माह अभियान चलाते हुए उसके उपरांत दंडात्मक कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। आयोजित बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केशव कुमार ए आई जी स्टांप एसके सिंह, अखिलेश दुबे तथा सब रजिस्ट्रार के द्वारा भाग लिया गया। l

Dogs are more dangerous than thieves at Eldeco Green Meadows Society

Dog bite

25 people in EGM victim of dog bites in 1 month

By Sumita Dixit

There have been more than 25 dog bite cases in Eldeco Green Meadows (EGM), a gated society complex in Greater Noida. Staff, guards, maids, children, adults and senior citizens have all been victims of stray dog bites. Four guards, six maids, one gardner, one presswala, one flower-delivery man, three mothers, four men, and more than five children have been bitten in just one month alone.

The RWA of EGM has been knocking all doors for help for a long time but no one has come to our help so far. When SPCA Noida was active, it promptly sent its van and a trained and empathic team for help. SPCA would sterilise and vaccinate the dogs and bring them back. This was assurance enough that the dogs won’t spread disease in the event of a bite. The problem started when SPCA became inactive. Greater Noida Authority does not have a trained team to catch dogs, nor a centre for sterilsation and vaccination nor a hospital to treat or keep dogs. As a result the stray dog population has suddenly increased in Greater Noida. In spite of several calls to the health department of Greater Noida Authority no timely help has arrived. The residents are left on their own to defend themselves or protect themselves from stay dog bites.

On August 19, (two weeks ago), a dog bit three people. Panic spread and people rushed to the guards for help. They tried to capture the dog. Kaveri Rana Bhardwaj of People for Animals (PFA) asked the guards why didn’t the guards try calling 100 number or animal helpline, the guards said that dog has bitten three people. The NGO did not once bother to look at the bites of the victims, nor did they make the effort to sensitise guards or people that if such a thing happens residents can call them, instead she shouted and yelled at the poor guards and the victims. Had PFA made the effort to inform people that people can actually call Police in a dog bite case or shared helpline numbers with Greater Noida RWAs?

The guards and help/maid cannot afford the expensive anti rabies treatment. While residents have paid towards the treatment, some of them had to go to Ram Manohar Lohia hospital Delhi as vaccines are out of stock in Greater Noida hospitals.

So, the Greater Noida Authority does not come to the rescue of people, because human life is cheap nor does the Authority have the wherewithal to run an effective sterilisation programme or a shelter to keep dogs and PFA on the other hand shouts and yells at poor guards who are trying to save people from further dog bites. Why should a city have an NGO that only shouts and yells, and does not run awareness and sensitisation programmes and nor does it share its helpline number with RWAs of Greater Noida Society and Sectors so that people can call for help or for the help for dogs? NGOs must spend more time in constructive efforts in helping people understand dog behaviour and how people can defend themselves from aggressive dogs. Rather than intimidating, NGOs must help make people sensitive to dog issues.

So, where does that leave the RWAs who selflessly take on the responsibility for the well-being and safety of its residents? The RWA does not get help from Authority and PFA says write an application to Greater Noida Authority and it will help. The ping-pong game is a clear example of system failure. If in the meantime there’s a death because of a dog bite, who will be responsible: PFA, CEO Greater Noida Authority, DM or Police or a body with no rights, the RWA? My question to everyone is, what is the solution? If you have a solution please give us one.

Application about Dog Menace in Eldeco Green Meadows has been sent to CEO, Greater Noida Authority, DM, SSP and Human Rights Commission.

Sumita Vaid Dixit, President, RWA, Eldeco Green Meadows

Eldeco Green Meadows is spread on an area of 20 acres. This complex has 951 apartments and more than 2000 residents. There are mostly young families with small children.

ग्रेटर नोएडा : लोकसभा चुनाव से पहले जिले के नेताओ का झुकाओ बसपा की तरफ बढ़ा ,

ग्रेटर नोएडा : देश के आम चुनाव के लिए बिगुल बच चुका है । एक तरफ बीजेपी सशित सरकार है तो वही दूसरी तरफ विपक्ष भी गठबंधन का जुगाड़ लगाकर केंद्र में सरकार बनाने का जुगत लगा रहा है। और विपक्ष को मजबूत करने के लिए गौतमबुद्ध नगर सहित प्रदेश में सबसे ज्यादा टिकट के दावेदारों की लाइन बहुजन समाज पार्टी के दरबार मे लग रही है । खासतौर से सुप्रीमो मायावती के ग्रह जनपद गौतमबुद्ध नगर में इसका ज्यादा असर दिख रहा है । पार्टी ने गठबधन का वादा कर चुकी है। इसी बात से अंदेशा लगाया जा रहा है ये सीट उसी के खाते में जाएगी । और सांसद का सपना देखने वाले यही सोचकर बैठें है अगर बहनजी का आशीर्वाद मिल जाए तो जीत पक्की है । इसी बात से उतसाहित सपा व कॉंग्रेस, या बीजेपी के रूठे हुए नेता भी यही चाहते है कि उन्हें ये मौका मिले । वैसे बसपा अपना उम्मीदवार पहले ही धोषित कर चुकी है लेकिन जानकारों का ये कहना है कि समय आने पर टिकट कट भी सकता है। अगर प्रदेश में चुनाव के दौरान सपा, काँग्रेस लोकदल, व बसपा के साथ आपस मे गठबंधन होता है और जनपद से संयुक्त उम्मीदवार होता है । तो जनपद में भाजपा के सासंद डॉ महेश शर्मा को मुश्किल आ सकती है। रूठे हुए नेता यही मानकर चल रहे है अगर बसपा का साथ मिल जाए तो किस्मत चमक सकती है। क्योंकि जनपद में जीत कुछ अलग ही मायने रखती है।

ग्रेटर नॉएडा : दादी पोते की जोड़ी मचाएगी धम ाल बिग बॉस के सीजन 12 में

ग्रेटर नोएडा: बिग बॉस में धमाल मचा चुके मनवीर भाटी के बाद ग्रेटर नॉएडा से इस बार दादी पोते की जोड़ी धमाल मचाने के लिए तैयार है। जल्द शुरू हो रहे बिग बॉस 12वे सीजन में ग्रेटर नोएडा के दादी -पोते की धमाल मचाने जा रही है । आपको बतादे कि मनवीर भाटी के बाद जिले के बोड़ाकी गांव के रॉबिन को बिग बॉस में एंट्री मिल सकती है । मुंबई में रॉबिन का इंटरव्यू हुआ , और दिलचस्प बात ये है कि रॉबिन की दादी को भी बिग बॉस में एंट्री मिल सकती है । इसके लिए बिग बॉस की कंटेस्टेंट का चयन करने वाली टीम गांव बोड़ाकी में जाकर रॉबिन की दादी का इंटरव्यू लेगी । अगर ऐसा होता है तो बड़े गर्व की बात होगी । दादी पोते की वजह से ग्रेटर नोएडा के साथ साथ उत्तर प्रदेश का नाम रोशन होगा।