हस्तशिल्पियों के जीवन स्तर व उनकी आर्थिक स्थिति में गुणात्मक सुधार लाने तथा पारम्परिक कलाआंे में वृद्धि करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार के द्वारा संचालित मुख्यमंत्री हस्तशिल्प योजना के तहत हस्तशिल्पियों को प्रतिमाह पेंशन के रूप में 500 रूपये दिये जायेगें।

उन्होंने उक्त योजना के संबध में विस्तार से जानकारी देेते हुये बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए हस्तशिल्पियांे की न्यूनतम आयु 60 वर्ष तथा विकलांग या महिला होने पर न्यूनतम आयु में 5 वर्ष की छूट दी जायेगी। विकलांग हस्तशिल्प को मुख्य चिकित्साधिकारी के द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र तथा समस्त हस्तशिल्पियांे को भारत सरकार के द्वारा जारी हस्तशिल्प पहचान पत्र लगाना अनिवार्य होगा।

उन्हांेेने यह भी बताया कि हस्तशिल्पियों की वार्षिक आय 1 लाख रूपये से कम हो, चार पहिया वाहन का स्वामी न हो, सरकारी, गैर सरकारी, अर्द्धसरकारी, एनजीओ, निजी संगठन मे नियमित वेतन भोगी कर्मचारी न हो तथा हस्तशिल्पियांे को एक ही पंेशन योजना का लाभ प्राप्त हो सकता है, यदि उनके द्वारा भारत सरकार/राज्य सरकार के द्वारा किसी भी पेंशन योजना का लाभ प्राप्त किया जा रहा है तो ऐसे हस्तशिल्पियों को उक्त योजना का लाभ नही दिया जायेगा।