Daily Archive: March 27, 2018

आरटीआई की संभावनाएं एवं चुनौतियां विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन, डॉ योगेंद्र नारायण ने गोपनीयता कानून को आरटीआई में बताया सबसे बड़ा रोड़ा!

(27/03/2018)
ग्रेटर नोएडा : अंग्रेजों के जमाने के गोपनीयता कानून को समाप्त कर देना चाहिए। आरटीआई कार्यकर्ता जिनकी हत्याा हो रही है, उस पर गंभीरता से विचारकर उनको सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए ताकि लोग निर्भय होकर आरटीआई के तहत सूचना प्राप्त कर सकें। ये बातें राज्य सभा के पूर्व महासचिव डॉ योगेन्द्रह नारायण ने नॉलेज पार्क 3 स्थित आईआईएमटी कॉलेज में ‘’सूचना का अधिकार-संभावनाए एवं चुनौतियां’’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में कही। आगे उन्होंंने कहा कि आरटीआई अभी सिर्फ शहरों तक सीमित होकर रह गया है, इसलिये ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जागरुक करने के लिए सार्थक पहल करने की आवश्यीकता है। इसके पहले आईआईएमटी कॉलेज समूह के प्रबंध निदेशक मयंक अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया।

पदमश्री एवं वरिष्ठि संपादक डॉ अलोक मेहता ने कहा कि आरटीआई जानकारी प्राप्तव करने का बहुत अच्छा औजार है। लेकिन इसका दुरूपयोग नहीं होना चाहिए। आरटीआई के तहत अगर कोइ गलत जानकारी मिल रही है तो पत्रकार की जिम्मेादारी है कि खबर प्रकाशित करने से पहले उसकी सत्यलता की जांच कर ले। उन्होंदने कहा कि आरटीआई के माध्य म से सत्ताज हासिल कर दिल्ली् के मुख्यममंत्री बनने वाले अरिवंद केजरीवाल की ही सरकार मे पारर्दशिता नहीं है।
पूर्वमंत्री एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यिक्ष नवाब सिंह नागर ने कार्यक्रम की अध्यवक्षता की। उन्होंाने कहा कि आरटीआई आमजन के हित में बहुत सशक्त और उपयोगी कानून है, वक्ताीओं ने जो सवाल उठायें है वो बहुत जायज हैं। मैं उनकी मांग को सरकार तक प्रेषित करने और उसका समाधान कराने की कोशिश करूंगा ।

आईआईएमटी कॉलेज समूह के प्रबंध निदेशक मयंक अग्रवाल ने कहा कि आरटीआई ने आम लोगों को मजबूत और जागरूक बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। आरटीआई जनता को सरकार से जुड़े सभी बातों को जानने का अधिकार देता है। उन्होंलने आये हुए अतिथियों का छात्रों के मार्गदर्शन करने के लिये धन्यवाद किया ।
आईआईएमटी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक डॉ राहुल गोयल ने आये हुए सभी अतिथियों का आभार व्यकक्तत किया एवं सभी छात्र-छात्राओं कों आरटीआई का सकारात्म क दिशा में उपयोग करने की सलाह दी।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के डीन प्रो अनिल निगम ने आरटीआई की चुनौतियों के बारे में विस्तानर से बताया और विषय प्रवर्तन करते हुए अतिथियों के समक्ष सवाल रखे।

शहरी आजीविका मिशन के तहत शहरी बेघरों को मि ल सकेगा आशियाना

अपर जिलाधिकारी प्रशासन परियोजना निदेशक जिला नगरीय विकास अभिकरण गौतमबुद्धनगर कुमार विनीत ने जानकारी देते हुये अवगत कराया है कि दीन दयाल अन्त्योंदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहरी बेघरो का शनिवार से लगभग 10 दिन तक सर्वे कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि उक्त योजना के तहत सर्वे कराने के लिए शासन के द्वारा लखनउ की संस्था गिरी इंस्टीट्यूट आॅफ डबलेपमेंट का चयन किया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि एजेंसी की 10 सदस्यों की टीम के द्वारा गुरूवार से नगर क्षेत्र दादरी जेवर, जहाॅगीरपुर, बिलासपुर, दनकौर तथा रबूपुरा में सर्वे प्रारम्भ किया गया। टीम प्रभारी गौरव श्रीवास्तव के नेतृत्व में सदस्यों के द्वारा अलग-अलग क्षेत्रांे में रात 9 बजे से 3 बजे एवं सुबह 10 बजे से 4 बजे तक रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, लेवर चैक आदि स्थानों का सर्वे कर ऐसे बेघरो का चिन्हिकरण किया जायेगा, जिनके पास रहने के लिए कोई आशियाना नही हैै। उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य पूर्ण होने के बाद ऐसे बेघरांे के लिए आश्रय गृह अथवा अन्य संसाधन की व्यवस्था की जायेगी, ताकि ऐसे बेघरो को आशियाना प्राप्त हो सकें।