Daily Archive: February 27, 2018

जनपद दीवानी एव फौजदारी बार एसोसिएशन नोएडा ने मनाई विजय सिंह पथिक जयंती

आज जनपद दीवानी एव फौजदारी बार एसोसिएशन नोएडा दुवरा महान क्रांतिकारी विजय सिंह पथिक की जयंती एव चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि मनाई गयी।
जिसमे बार के अध्य्क्ष राजीव तोंगड एव कार्यकरिणी के साथ बाकी सभी अधिवक्तागण भी मौजूद रहे जिसपर *पूर्व सचिव डी. राहुल चौधरी एडवोकेट ने बताया कि विजय सिंह पथिक उर्फ़ भूप सिंह गुर्जर का जन्म 27 फ़रवरी 1882, एव भारत के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्हें राष्ट्रीय पथिक के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म बुलन्दशहर जिले के ग्राम गुठावली कलाँ के एक गुर्जर परिवार में हुआ था। उनके दादा इन्द्र सिंह बुलन्दशहर स्थित मालागढ़ रियासत के दीवान थे जिन्होंने 1857 के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम में अंग्रेजों से लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की थी।

पथिक जी के पिता हमीर सिंह गुर्जर को क्रान्ति में भाग लेने के आरोप में सरकार ने गिरफ्तार किया था। पथिक जी पर उनकी माँ कमल कुमारी और परिवार की क्रान्तिकारी व देशभक्ति से परिपूर्ण पृष्ठभूमि का बहुत गहरा असर पड़ा। युवावस्था में ही उनका सम्पर्क रास बिहारी बोस और शचीन्द्र नाथ सान्याल आदि क्रान्तिकारियों से हो गया था।1915 के लाहौर षड्यन्त्र के बाद उन्होंने अपना असली नाम भूपसिंह गुर्जर से बदल कर विजयसिंह पथिक रख लिया था। मृत्यु पर्यन्त उन्हें इसी नाम से लोग जानते रहे। मोहनदास करमचंद गांधी के सत्याग्रह आन्दोलन से बहुत पहले उन्होंने बिजौलिया किसान आंदोलन के नाम से किसानों में स्वतंत्रता के प्रति अलख जगाने का काम किया था।

ईशान इंस्टीट्यूट, ग्रेटर नॉएडा में मनी स् वतंत्रता सेनानी विजय सिंह पथिक की 134वी जयंती

महान स्वतंत्रता सेनानी विजय सिंह पथिक की 134वी जयंती नॉलेज पार्क स्थित ईशान इंस्टीट्यूट में मनाई गई। समारोह में शंकर सहाय सक्सेना द्वारा लिखित पथिक जी की जीवनी और डॉ लाल रत्नाकर द्वारा निर्मित चित्र का लोकार्पण किया गया।

इस अवसर पर "सामाजिक न्याय के योद्धा विजय सिंह पथिक" विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष जस्टिस वी ईश्वरैया ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद भी देश के दबे कुचले लोगों को सामाजिक न्याय नहीं मिल पाया है। इन वर्गों के साथ हर स्तर पर भेदभाव किया जाता है। वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने कहा कि देश में राजनीतिक न्याय तो लागू हो गया है किंतु सामाजिक और आर्थिक न्याय अभी लागू होना बाकी है। हालात इतने खराब हैं कि देश के 73 फीसदी संसाधनों पर एक फीसदी लोगों का कब्जा है।

सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ओमवीर सिंह मंडार ने कहा कि सरकार ने बड़ी चालाकी से पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को कमजोर कर दिया है। 54 प्रतिशत पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत सीटों तक सीमित कर दिया गया है जबकि 15 प्रतिशत सामान्य वर्ग के लिए 51 प्रतिशत सीटें आरक्षित कर दी गई हैं। विजय सिंह पथिक शोध संस्थान के अध्यक्ष राजकुमार भाटी ने अतिथियों का स्वागत किया और पथिक की के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ सुरेश पाटिल ने और संचालन यशवीर गुर्जर ने किया।

इस अवसर पर वीरेंद्र डाढ़ा, अजित दौला, वीरेन्द्र गुड्डू, दिनेश गुर्जर, प्रमोद भाटी, मनजीत सिंह, मनोज गर्ग, हरेन्द्र भाटी, इलम सिंह नागर, कर्मवीर सिंह, जयकरन भाटी, नरेंद्र नागर, बेगराज गुर्जर, श्याम वीर भाटी, राजू भाटी, इंद्र प्रधान, सुभाष प्रधान, हरपाल चौहान, कुलदीप मलिक, ओम रायजादा, बिजेन्द्र आर्य, जयवीर भाटी, दीपक भाटी, राजेश भाटी, सलमु सैफी और सुनील फौजी आदि शामिल थे।

सूरजपुर दादरी मुख्य मार्ग पर गड्ढों से परेशान लोगों का अनूठा विरोध, चारपाई डाल किया हव न!

आशीष केडिया

(27/02/2018) ग्रेटर नॉएडा : मुख्यमंत्री योगी के कमान सँभालने के बाद से ही प्रदेश सरकार ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान छेड़ा हुआ है। कुछ माह पूर्व जिला प्रसाशन की तरफ से भी सभी निवासियों से इस सम्बन्ध में ब्यौरा माँगा गया था और कई सम्बंधित समस्याओं का त्वरित निवारण करते हुए गौतम बुद्ध नगर में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के अभियान को बेहद सफल बताया गया था। हालाँकि इस अभियान के कुछ समय पश्चात ही सड़कों पर उभरे बड़े-बड़े गड्ढे लोगों की असुविधा का कारण बने हुए हैं।

ऐसा ही कुछ दुर्भाग्यपूर्ण हाल है दादरी – सूरजपुर मुख्य मार्ग का जहाँ से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। विशाल गड्ढों में पानी भरे होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को इस सड़क से गुजरने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। पास लगे इलाकों में बड़ी संख्या में इंडस्ट्रीज होने के कारण यहाँ आवागमन लगातार लगा रहता है और आम जनता समेत कंपनी मालिकों, कर्मचारियों, कामगारों को भी इन खस्ताहाल सड़कों से होकर प्रतिदिन गुजरना पड़ता है।

मंगलवार को इस समस्या से पीड़ित लोगों ने विरोध करने का अनूठा तरीका अपनाया। निवासियों ने गड्ढे के पास ही चारपाई डाल , इस सड़क के ठीक हो जाने के लिए हवन किया। पोस्टर्स ले कर बैठे लोगों ने सम्बंधित अधिकारी का नाम और नंबर भी गड्ढे से लगे खम्बे पर चस्पा किया हुआ है।

लोगों का आरोप है की कई दिनों से लगातार अवगत कराने के बावजूद इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और वह दिन ब दिन बढ़ती जा रही है।