Monthly Archive: September 2017

श्री धार्मिक रामलीला सेक्टर पाई की संगीत मय सम्पूर्ण रामलीला प्रस्तुति में जुट रही भा री भीड़

ग्रेटर नोएडा के पाई क्षेत्र में स्थित रामलीला मैदान में धार्मिक रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला में प्रतिदिन भारी संख्या में स्त्री -पुरुष बच्चे रामकथा का संगीतमय मंचन देखने पधार रहे हैं।

नामचीन कलाकारों द्वारा प्रतिदिन मंचित हो रही इस अद्भुत लीला में गीत, संगीत और विशाल मंच के माध्यम से रामायण के मनमोहक दृश्यों का सजीव मंचन किया जा रहा है।

मंगलवार शाम नवरात्रि की पंचमी को भी यह रामलीला सम्पूर्ण भव्यता के साथ आयोजित की गई।

दर्शकों ने राम वन गमन, राम – केवट संवाद समेत रामायण के अन्य प्रसंगों का आनंद उठाया।

श्री धार्मिक रामलीला सेक्टर पाई1 बिरोडा ग्रेटर नोएडा में रामलीला के संस्थापक श्री सुशील गोस्वामी जी महाराज के कुशल निर्देशन में रामलीला का मंचन किया जा रहा है ।

इस अवसर पर आनंद भाटी शेरसिंह भाटी, अजय नागर, ममता तिवारी, राजकुमार नागर, ईलमसिंह ,ब्रजपाल नागर, चैनपाल प्रधान, बालकिसन शफीपुर, सुशील नागर, मनवीर नागर, देवेश चौधरी, सुभाष भाटी, धर्मेंद्र भाटी, राकेश नागर, प्रदीप पण्डित, गजेंद्र दत्त, महेश शर्मा बदोली नीलम यादव, अर्चना शर्मा ,शांति, पिंकी आदि गड़मान्या लोग उपस्थित रहे ।

स्कूल बसों के खिलाफ एक्टिव सिटीजन टीम का ए क्सन

बीते दिनों पहले गौतम बुद्ध नगर डीएम बी एन सिंह ने जिले के सभी स्कूलों के साथ मीटिंग कर सख्त निर्देश दिए थे की माह के अंत तक स्कूल प्रशासन अपनी बुनियादी व्यवस्था दुरुस्त कर ले अन्यथा सख्त कार्यवाही की जायेगी पर लगता है कि इसका असर अभी भी स्कूल प्रशासन पर नहीं पड़ा है I
आज ग्रेटर नोएडा के एक सामाजिक संगठन एक्टिव सिटीजन टीम ने लगातार हादसों का शिकार हो रहे स्कूली बच्चो बचाव में आगे आते हुए कई स्कूल बसों को रॉन्ग साइड में बस चलाते हुए पकड़ा और स्कूल बस चालको को और उसमें बैठे स्कूल के शिक्षकों को भी समझा कर रॉन्ग साइड जाने से रोका और इसकी सूचना स्कूल प्रशासन को भी दी गई जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने कहा कि इसकी जांच कर इसपर कार्यवाही की जायेगी और आगे से ऐसा नहीं हो गा इसका आश्वासन देते हुए एक्टिव सिटीजन टीम के इस कदम को सराहा भी।

श्री रामलीला कमेटी साइट 4 पहुँचे कैबिनेट म ंत्री नन्द गोपाल नंदी, भव्य आयोजन की दी बधाई !

(आशीष केडिया / सौरभ श्रीवास्तव )

श्री रामलीला कमेटी द्वारा विजयमहोत्सव 2017 का आयोजन साइट 4 स्थित सेन्ट्रल पार्क ग्रेटर नोएडा में किया जा रहा है । ग्रेटर नॉएडा की इस विख्यात रामलीला के दर्शन के लिए देश-प्रदेश के गड़मान्य अतिथियों का ताँता लगा हुआ है।

आज दोपहर 4 बजे रामलीला मंचन के भव्य मंच को देखने पहुँचे केबीनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता उर्फ नन्दी स्टाम्प व न्यायालय शुल्क ,पंजीयन एवम नागरिक उड्डयन विभाग मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार।

मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया की, "मंत्री जी आज शाम के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अथिति आमन्त्रित थे समय कम होने के कारण मंत्री जी अपने व्यस्थ सडयूल में से समय निलाल कर रामलीला ग्राउंड साइट 4 पहुंचे " |

रामलीला कमेटी के सदस्यों से मिलकर व भव्य मंच को देखकर मंत्री जी ने कमेटी की भूरी भूरी प्रशंशा करी और कहा की मैंने अपने जीवन में जितनी रामलीला देखी है उनमें मैने आज तक इतना बड़ा मंच नही देखा है।

कैबिनेट मंत्री नन्द गोआल बोले, " श्री रामलीला कमेटी ग्रेटर नोएडा इस सुन्दर कार्यक्रम के लिऐ धन्यवाद की पात्र है और कहा मुझे जब भी रामलीला कमेटी याद करेगी मै हमेशा कमेटी के साथ रहूँगा" ।


मंत्री जी साथ परम डेरी के MD राजीव परम भी पहुँचे ।

इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह, महासचिव विजेंदर आर्य, मनोज गर्ग, सौरव बंसल विनोद कसाना धर्मपाल भाटी कुलदीप शर्मा के के शर्मा श्यामबीर भाटी अमित गोयल मुकुल गोयल चाचा हिंदुस्तानी सतीश गोयल ओमबीर प्रधान पवन भाटी सत्ते नागर बोबु नागर सुनील प्रधान आदि लोग मौजूद रहे ।

स्कूली बसों के लिये जारी हुई परिवहन विभाग की गाइडलाइंस

उच्च न्यायलय और यूपी परिवहन विभाग स्कूली बच्चो के साथ हो रही घटनाओं को देखते हुए उनकी सुरक्षा के लिये स्कूली बसों के लिये नई गाइडलाइंस जारी की है जिससे बच्चे बसों में सफर करते वक्त सुरक्षित रहे । परिवहन विभाग ने यातायात पुलिस को निर्देश दिए है कि सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करने वाले स्कूल वाहनों की समय समय पर जाँच कर कारवाही की जाए। एसपी ट्रैफिक अनिल झा ने बताया कि स्कूली बसों में चालको का लाइसेंस व्यवसायिक और 5 साल पुराना होना चाहिये। फायर सेफ्टी, फर्स्ट एड बॉक्स, स्पीड लिमिट, सियनजी वाहनों की खास तौर पर चेकिंग होनी चाहिए। प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल पूरी तरह से बैन किया गया है । वही पंजीकृत वाहनों में क्षमता से डेढ गुना से अधिक बच्चो को बसों में नहीं बैठाया जायगा।

जीबियू में विदेशी छात्रों को परीक्षा में तलाशी से थी छूट, नियम बदलते ही धरे गए 3

परीक्षा हॉल में जाँच को लेकर होता था देशी – विदेशी छात्रों में भेद भाव

गौतमबुद्ध विश्ववविद्यालय में इन दिनों मिड टर्म की परीक्षाएं चल रही है। शुक्रवार को हुई परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों की जाँच करने पहुंचे उड़न दस्ते की टीम ने जाँच करना शुरू किया और विदेशी छात्रों की भी जाँच की इच्छा जताई तो वहां मौजूद कुछ शिक्षकों ने उन्हें ऐसा करने से रोकने लगे और कहा कि इससे पहले कभी भी विदेशी छात्रों की जाँच नहीं हुई है और शिक्षक दो गुटों में बट गए एक गुट विदेशी छात्रों की जाँच विरोध कर रहा था तो शिक्षकों का दूसरा गुट जाँच के पक्ष में था उनका कहना था कि नियम सब छात्रों के लिये एक जैसा होना चाहिए चाहे वो स्थानीय हो या फिर विदेशी।

विवि में पता करने पर सूत्रों से पता चला की 2008 से संचालित जीबीयू में कभी भी विदेशी छात्रों की परीक्षा के दौरान जाँच नहीं की गई है। सूत्रों ने यभी बताया कि यह सब एड्मिसन शीट के लिया किया जाता रहा है।

उड़न दस्ते ने शिक्षकों का तर्क सुन यह फैसला लिया की विदेशी छात्रों की भी जाँच हो गी और परीक्षा में बैठे विदेशी छात्रों की जाँच की तो 3 विदेशी छात्र नक़ल करते पकडे गए जिनमे से 2 विदेशी छात्रों को परीक्षा नहीं देने दिया गया जबकि 1 विदेशी छात्र को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। नक़ल करते पकड़े गए विदेशी छात्रों में 2 छात्रों जिसमें की पहला छात्र बीए इन बुद्धिज़्म व दूसरा एमफिल इन बुद्धिज़्म छात्र है इनके पास से नक़ल वाली पर्ची मिली थी जिसके कारण इनको परीक्षा देने से रोक दिया गया था तीसरा छात्र हाँथ में प्रश्न के उत्तर लिख कर लाया था ।
यह पहली बार हुआ था जब जीबीयू में परीक्षा के दौरान कोई विदेशी छात्रों की जाँच हुई हो और जाँच में नक़ल करते हुए 3 छात्र पकडे गए हों।

जब विवि के रजिस्टार से विदेशी छात्रों के नक़ल करते हुए पकड़े जाने के मामले में पूंछा गया तो ये कहते हुए किनारा कर लिया की मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है

जीबियू में विदेशी छात्रों को परीक्षा में तलाशी से थी छूट, नियम बदलते ही धरे गए 3

परीक्षा हॉल में जाँच को लेकर होता था देशी – विदेशी छात्रों में भेद भाव

गौतमबुद्ध विश्ववविद्यालय में इन दिनों मिड टर्म की परीक्षाएं चल रही है। शुक्रवार को हुई परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों की जाँच करने पहुंचे उड़न दस्ते की टीम ने जाँच करना शुरू किया और विदेशी छात्रों की भी जाँच की इच्छा जताई तो वहां मौजूद कुछ शिक्षकों ने उन्हें ऐसा करने से रोकने लगे और कहा कि इससे पहले कभी भी विदेशी छात्रों की जाँच नहीं हुई है और शिक्षक दो गुटों में बट गए एक गुट विदेशी छात्रों की जाँच विरोध कर रहा था तो शिक्षकों का दूसरा गुट जाँच के पक्ष में था उनका कहना था कि नियम सब छात्रों के लिये एक जैसा होना चाहिए चाहे वो स्थानीय हो या फिर विदेशी।

विवि में पता करने पर सूत्रों से पता चला की 2008 से संचालित जीबीयू में कभी भी विदेशी छात्रों की परीक्षा के दौरान जाँच नहीं की गई है। सूत्रों ने यभी बताया कि यह सब एड्मिसन शीट के लिया किया जाता रहा है।

उड़न दस्ते ने शिक्षकों का तर्क सुन यह फैसला लिया की विदेशी छात्रों की भी जाँच हो गी और परीक्षा में बैठे विदेशी छात्रों की जाँच की तो 3 विदेशी छात्र नक़ल करते पकडे गए जिनमे से 2 विदेशी छात्रों को परीक्षा नहीं देने दिया गया जबकि 1 विदेशी छात्र को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। नक़ल करते पकड़े गए विदेशी छात्रों में 2 छात्रों जिसमें की पहला छात्र बीए इन बुद्धिज़्म व दूसरा एमफिल इन बुद्धिज़्म छात्र है इनके पास से नक़ल वाली पर्ची मिली थी जिसके कारण इनको परीक्षा देने से रोक दिया गया था तीसरा छात्र हाँथ में प्रश्न के उत्तर लिख कर लाया था ।
यह पहली बार हुआ था जब जीबीयू में परीक्षा के दौरान कोई विदेशी छात्रों की जाँच हुई हो और जाँच में नक़ल करते हुए 3 छात्र पकडे गए हों।

जब विवि के रजिस्टार से विदेशी छात्रों के नक़ल करते हुए पकड़े जाने के मामले में पूंछा गया तो ये कहते हुए किनारा कर लिया की मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है