Daily Archive: August 13, 2017

मेगा ट्रेड फेयर (आईआईऍमटीऍफ़) में आज उमड़ी खर ीददारों की भीड़, चल रहे हैं भारी डिस्काउंट्स और ऑफर्स

इंडिया एक्सपो सेंटर ग्रेटर नोएडा में चल रहे इंडिया इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर में आज खरीददारों की भारी भीड़ रही। उपभोक्ताओं को रिझाने के लिए मेले में आए हुए प्रदर्शकों एवं व्यापारियों द्वारा डिस्काउंट्स और ऑफर्स का सिलसिला भी दिन भर जारी रहा।

छुट्टी का दिन होने के कारण लोग पुरे परिवार सहित इस व्यापार मेले में खरीददारी करते नजर आए। बच्चे, बूढ़े, युवक, युवतियाँ सब अपने-अपने पसंद की चीजों के स्टाल्स पर विभिन्न वस्तुओं को देखते-खरीदते रहे। आखिरी के दो दिन में उपभोक्ताओं को रिझाने का पूरा है प्रयास जहाँ एक तरफ इस व्यापार मेले में आने के लिए आयोजकों द्वारा बोटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन, अक्षरधाम मेट्रो और नॉएडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से मुफ्त शटल बस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है वहीँ दूसरी तरफ मेले में मौजूद प्रदर्शकों भी बेहतरीन ऑफर्स और प्रोडक्ट वैरायटी से लोगों को लुभाने में लगे हैं।

किचन प्रोडक्ट्स के स्टाल पर मौजूद अभिषेक बताते हैं,यूँ तो जो सामान हम यहाँ बेच रहे हैं वो बाहर भी मिल सकता है परन्तु यहाँ बिक्री ज्यादा होने के कारण हम फुटकर सामान भी थोक के दामों में दे रहे हैं। साथ ही उपभोक्ताओं को सीधे कंपनी के स्टाल से खरीददारी करने के कारण अतिरिक्त लाभ भी मिल रहे हैं। खरीददारों में भी इसको ले कर उत्साह है|

इस बड़े व्यापार मेले में दुनिया भर के 2 लाख से अधिक अद्वितीय उत्पादों की विशाल श्रंखला मौजूद है जो नई दिल्ली, नोएडा,ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद आदि के निवासियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

15 अगस्त तक चलेगा व्यापार मेला, दो लाख से ज्यादा देशी-विदेशी उत्पाद हैं मौजूद
चार तारीख से चला आ रहा यह व्यापार मेला 15 अगस्त तक जारी रहेगा। ग्रेटर नॉएडा में पहली बार आम जनता के लिए फुटकर- विक्रय वाले व्यापार मेले का आयोजन इतने बड़े स्तर पर किया गया है। यहाँ मौजूद 2 लाख से अधिक उत्पादों में हर उम्र के बड़े,बच्चे एवम वृद्धों के लिए मौजद है अनेक तरह की रोजमर्रा जरुरत की चीजें।

ग्रेटरनॉएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में लगी इस वृहद् उपभोक्ता प्रदर्शनी को हाल नंबर 1,3,5 एवं 7 में देखा जा सकता है। इस मेले में खरीददारी के अलावा खान-पान के लिए भी स्वादिष्ट व्यंजनों की सम्पूर्ण व्यवस्था है। इसके अलावा मेला स्थल की शुरुआत में ही फेडरल बैंक का मोबाइल एटीएम भी मौजूद है जिससे ग्राहक आसानी से कैश निकासी का लाभ उठा सकते हैं। प्रत्येक हॉल में डेबिट/क्रेडिट कार्ड स्वैपिंग की व्यवस्था भी हॉल के अंत में रखी गई है।

भारत, बांग्लादेश, नेपाल , श्रीलंका , थाईलैंड , इजिप्ट , टर्की , पाकिस्तान , अफगानिस्तान , यूएसए , कोरिया समेत 17 देशों के उत्पादक एवम व्यवसाई ने इस व्यापार मेले में हिस्सा लिया हुआ है।इसके साथ साथ गुजरात , राजस्थान , छत्तीसगढ़ , मध्यप्रदेश , उत्तर प्रदेश , झारखण्ड, उड़ीसा , पश्चिम बंगाल आदि 21 राज्य के व्यापारियों ने अपने राज्यों की विभिन्न विशेषताओं की प्रदर्शनी इंडिया इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर के माध्यम से इंडिया एक्सपो मार्ट में लगाई हुई है।

यह बिक्री-प्रदर्शनी 15 अगस्त, मंगलवार रात्रि 8 बजे तक जारी रहेगी और आम उपभोक्ता आखिरी घंटे तक यहाँ मौजूद विविध उत्त्पादों की ख़रीददारी कर सकते हैं। इंडिया इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर को जी एस मार्केटिंग एसोसिएट्स एवं इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड के सयुंक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया है।

शैलेन्द्र कुमार भाटिया की हिंदी कविता सं ग्रह ”सफेद कागज” का राज्यपाल राम नाईक ने किय ा विमोचन।

लखनऊ में चल रहे नेशनल बुक फेयर के उदघाटन में राज्यपाल रामनाईक ने पीसीएस अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया के प्रथम हिंदी कविता संग्रह " सफेद कागज " का विमोचन किया । इस काव्य संग्रह में भिन्न-भिन्न विषयों पर लिखी 152 अनूठी कवितायें हैं।

इस पुस्तक में रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी बातें के अनुभवों को कविताओं के रूप में लिखा गया है।
डॉ विधाकांत तिवारी ने इस पुस्तक की भूमिका लिखते हुए कहा है कि गांव,शहर, यथार्थ के विविध रूप, भ्रस्टाचार, अराजकता, भ्रष्टाचार, श्रमिक की दुर्दशा , मूल्यह्रास, जातिय अंहकार, न्याय एवं प्रशासनिक व्यवस्था की विसंगति, कलाकारों का शोषण, शिक्षा क्षेत्र में पतन , स्त्री की मानसिकता, शोषण की पराधीनता का यथार्थ जैसे विषयों पर सफेद कागज दूसरा रागदरबारी प्रतीत होता है ।

डॉ कुश चतुर्वेदी इस काव्य संग्रह पर बोलते हुए फरमाते है," बापू, गांव, पेड़, गंगा ,किसान ,कचहरी, बेटियां, नारी, स्त्री ,माँ, पिता, अन्नदाता जैसी नाम हमारी जिंदगी का हिस्सा है । इन्ही भावो को पिरोकर शैलेन्द्र जी ने कविताएं बनाई है । ये सफेद कागज किताब अपनेआप में बहुत कुछ कहे जाती है। इस किताब में सभी 152 कविताओं पढ़ने एवम समझने, सहजने योग्य हैं "।

शुरूआती जीवन का है कविताओं पर प्रभाव :

शैलेन्द्र कुमार भाटिया का जन्मस्थल गोरखपुर के साहो गौरा गांव है ।

वर्तमान में शैलेन्द्र भाटिया जी का स्थाई निवास रंधोली ,जनपद – बस्ती में है परन्तु कार्यस्थल गौतम बुद्ध नगर जिले में होने के कारण वो वहीँ निवास करते हैं।

शैलेन्द्र जी की शैक्षिक योग्यता शुरुआत दौर से ही काफी अच्छी रही है। इन्होंने मास्टर इन कप्यूटर साइंस सॉफ्टवेयर, तथा एम, ए ,(समाज शास्त्र ) से उत्तीर्ण किया हुआ है। इनके पिता स्व- श्री बंसीधर भाटिया रंधोली स्थित इंटर कॉलिज में प्रधानाचार्य होने के साथ-साथ एक प्रगति शील किसान भी थे । शैलेन्द्र भाटिया पर शुरू से अपने पिता के जीवन का काफी प्रभाव पड़ा । और उन्ही की प्ररेणा से प्रभावित होकर ये उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर डिप्टी कलेक्टर बने। वर्तमान में अपर कलेक्टर के रूप में कार्यरत है । शैलेन्द्र जी को लोकसेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए "शोभना सम्मान" से भी सम्मानित किया जा चुका है।

जीवन के विभिन्न दौर से गुजरने का प्रभाव शैलेन्द्र भाटिया जी की कविताओं में सहज ही नजर आता है। लोकापर्ण के अवसर पर शैलेन्द्र भाटिया को इस रचना के लिए उपस्थित अनेक गड़मान्य व्यक्तियों द्वारा बधाई दी गयी।

रोटरी क्लब ग्रीन ग्रेटर नोएडा द्वारा डेंट ल चैकप कैम्प का आयोजन किया गया ।

रोटरी क्लब ग्रीन ग्रेटर नोएडा ने S S A डेंटल क्लीनिक अल्फा 1 के सहयोग से डेंटल चैकप कैम्प का आयोजन कीया जिसमे दाँतो की निःशुल्क जाँच की गई ।
शहर के जरूरत मन्द लोगो के साथ साथ रोटरी क्लब के सदस्यों ने भी कैम्प का लाभ लिया और अपने दांतों की जांच कराई ।
SSA क्लिनिक के डॉक्टर श्री अभिषेक गोयल जी ने बताया कि आजकल के खान पान से दांतों में बीमारी होने के चांस ज्यादा हो रहे है इन बीमारियों से बचने के लिए नियमत रूप से दांतों की सफाई करनी चाहिए सुबह को मंजन (ब्रश) शाम को खाना खाने के बाद ब्रश जरूर करना चाहिए समय समय पर दातो का चैकप कराते रहना चाहिये ।
इस अवशर पर क्लब अध्यक्ष प्रीति अग्रवाल सेकेट्री डॉ के के शर्मा अमित राठी कपिल गुप्ता एम एल गुप्ता बी एम गोयल परवीन गर्ग विजेंद्र भाटी मुकुल गोयल अशोक अग्रवाल विनय गुप्ता जितेंद्र चौहान सी ऐ सालिन पौद्दार राकेश गोयल पवन गोयल आदि रोटेरियन उपस्थित रहे.

शैलेन्द्र कुमार भाटिया की हिंदी कविता सं ग्रह ” सफेद कागज ” का विमोचन राज्यपाल राम नाईक ने किया ।

लखनऊ में चल रहे नेशनल बुक फेयर के उदघाटन में राज्यपाल रामनाईक ने पीसीएस अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया के प्रथम हिंदी 152 कविता संग्रह " सफेद कागज " का विमोचन किया । इस पुस्तक में रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी बातें के अनुभवों को कविताओं में लिखा गया है । डॉ विधाकांत तिवारी ने भूमिका लिखते हुए कहा है । कि गांव,शहर, यथार्थ के विविध रूप, भरस्टाचार अराजकता श्रमिक की दुर्दशा , मूल्यह्रास, जातिय अंहकार, न्याय एवं प्रशासनिक व्यवस्था की विसंगति, कलाकारों का शोषण, शिक्षा क्षेत्र में पतन , स्त्री की मानसिकता, शोषण की पराधीनता का यथार्थ, में सफेद कागज दूसरा रागदरबारी प्रतीत होता है । डॉ कुश चतुर्वेदी फरमाते है । बापू, गांव, पेड़, गंगा ,किसान ,कचहरी, बेटियां, नारी, स्त्री ,माँ, पिता, अन्नदाता जैसी नाम हमारी जिंदगी का हिस्सा है । इन्ही भावो को पिरोकर शैलेन्द्र जी ने कविताएं बनाई है । ये सफेद कागज किताब अपनेआप में बहुत कुछ कहे जाती है। इस किताब में 152 कविताओं का संग्रह है ।
ज्ञात हो कि शैलेन्द्र कुमार भाटिया का जन्मस्थल गोरखपुर के साहो गौरा गांव में हुआ था। और वर्तमान में स्थाई निवास रंधोली ,जनपद – बस्ती है शैलेन्द्र जी की पढ़ाई योग्यता काफी अच्छी रही है। इन्होंने मास्टर इन कप्यूटर साइंस सॉफ्टवेयर, तथा एम, ए ,(समाज शास्त्र ) इनके पिता स्व- श्री बंसीधर भाटिया रंधोली के स्तिथ इंटर कॉलिज में प्रधानाचार्य के साथ वे प्रगति शील किसान भी थे । शैलेन्द्र भाटिया पर शुरू से अपने पिता के जीवन का काफी प्रभाव पड़ा । और उनकी की प्ररेणा से प्रभावित होकर ये उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर डिप्टी कलेक्टर बने। वर्तमान में अपर कलेक्टर के रूप में कार्यरत है । शैलेन्द्र जी को लोकसेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए "शोभना सम्मान" से सम्मानित किया जा चुका है। लोकापर्ण के अवसर पर शैलेन्द्र भाटिया को इस रचना के लिए बधाई दी गयी।