Daily Archive: May 6, 2017

Blackmailing boyfriend behind Maid’s Suicide, arrested by police

Police has uncovered blackmailing angel into suicide of 24-year old maid who jumped to her death two days back.

Her alleged boyfriend Zeeshan has been found to be blackmailing her after clicking some obscene pictures.

Police went through her call details and reached to this conclusion after thorough investigation.

Zeeshan a painter by profession has been captured in this regard and will be produced in court for further action.

Also, the investigation is ongoing in case of another 18 years old neighbouring maid who had committed suicide yesterday in similar manner.

रेरा से होगा दलालो का सफाया

नोएडा ग्रेटर नोएडा – रेरा बिल लागु होने से लोगो में काफी खुशी है अब रियल एस्टेट के लोगो को फ्लैटों की बुकिंग के नाम पर दलालो को कमीशन नहीं देना पड़ेगा , सीधे एजेंट से फ्लेट ले सकते है, सड़क किनारे फ्लैट बुकिंग की दुकान खोलकर लोगों को झूठे सपने दिखाने वाले आने वाले दिनों में गायब हो जाएंगे। बिल्डर और निवेशक के बीच में सबसे महत्वपूर्ण और झूठ का पुलिंदा बांधने वाले दलालों का सफाया होना तय माना जा रहा है। रियल एस्टेट में अब सिर्फ ऐसे ब्रोकर और एजेंट बचेंगे, जो अपना पंजीकरण कराएंगे। पंजीकरण के समय एजेंट व ब्रोकर को सिक्योरिटी मनी भी जमा करानी होगी। यह कितनी होगी, अभी इसका निर्धारण नहीं किया गया है, लेकिन यह अनिवार्य होगी।

अब तक निवेशक जिन एजेंट और ब्रोकर के माध्यम से फ्लैट, दुकान या ऑफिस स्पेस बुक कराते थे, बुकिंग के बाद उनकी पूरी भूमिका खत्म हो जाती है। ऐसे में निवेशक और बिल्डर आमने सामने हो जाते हैं। ब्रोकर और एजेंट अपना कमीशन लेकर दूसरे शिकार की तलाश में लग जाते हैं। एजेंट प्रोजेक्ट के बारे में कुछ ऐसी जानकारी भी लोगों को दे देते हैं, जिसके छलावे में आकर वह निवेश कर देते हैं, जबकि बिल्डर द्वारा ऐसा कोई वादा नहीं किया जाता है। ऐसे में बिल्डर और निवेशक के बीच में विवादों के बढ़ने का बड़ा कारण ऐसे एजेंट और ब्रोकर हैं, जिनका काम तो बुकिंग कराना है, लेकिन उनकी जिम्मेदारी तय नहीं है। रेरा के लागू होने के बाद एजेंट का पंजीकरण होगा और जो वादे वह निवेशक से करेगा, उन्हें अगर बिल्डर पूरा नहीं करता है, तो इसके लिए एजेंट भी पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। निवेशक चाहेंगे तो एजेंटों को भी कार्रवाई के दायरे में खड़ा कर देंगे। एजेंटों का भागना भी आसान नहीं होगा, क्योंकि उसका पंजीकरण होगा। ऐसे में उसके पते लेकर बैंक डिटेल तक निवेशक और रेगुलेटरी अथॉरिटी को आसानी से उपलब्ध हो जाएगी। ऐसे में एजेंट चाहकर भी निवेशकों को सिर्फ फ्लैट बेचने के लिए गलत जानकारी नहीं दे सकेंगे। इसके अलावा जो भी एजेंट प्रापर्टी डीलिंग का कार्य करेंगे, उन्हें भी रेरा में पंजीकरण कराना होगा। जिससे उनकी भी निवेशकों की प्रति जिम्मेदारी तय हो जाएगी।

बीएसपी के उपाध्यक्ष आनंद कुमार के खिलाफ क ोर्ट ने दिए जांच के आदेश

नोएडा के एडिशनल न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने बीएसपी के उपाध्यक्ष और पूर्व सीएम मायावती के भाई आनंद कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार आनंद कुमार ने महिला से 13 लाख 70 हजार रुपए की धोखाधड़ी की थी। इस मामले में आनंद कुमार के अलावा राजीव शर्मा सहित कई अन्य के खिलाफ केस दर्ज का आदेश कोर्ट ने दिया है। एडिशनल न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मंजू जोशी की याचिका पर आईपीसी की धारा- 156 (3) के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। पीड़िता मंजू जोशी ने आरोप लगाया है कि आनंद कुमार ने खुद को एलेक्सर ब्यूलकान प्राइवेट लिमिटेड और इमपेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक बताया। फ्लैट की बुकिंग के लिए उन्होंने 13 लाख 70 हजार रुपए लिए थे। बता दें, कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-जीटा-1 स्थित आम्रपाली ग्रेंड में रहने वाले राजेंद्र कुमार शर्मा दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रीयल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन में कार्यरत थे। 2014 में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद उनके पति ने फ्लैट खरीदने का फैसला लिया। इस दौरान उनकी मुलाकात दीपक गुप्ता से हुई। दीपक ने उनकी मुलाकात नोएडा प्राधिकरण के कंसल्टेंट बताकर राजीव शर्मा से कराई। जिसने सस्ते में फ्लैट दिलाने का वादा किया था।

कलयुगी बेटे ने नशे में माँ को पीटा

ग्रेटर नोएडा – शराब की लत इंसान को किस कदर गिरा देती है इंसान कोई भी जुर्म करने से पीछे नहीं हटता है ऐसा ही एक मामला ग्रेटर नॉएडा में देखने को मिला , जब एक माँ ने लड़के को शराब पीने से मना किया तो एक कलयुगी लड़के ने सारी मर्यादा पार करके माँ के साथ मारा पीटा की , ग्रेटर नोएडा के डेरीन स्कनर गांव में शराब पीने से मना करने पर बेटे ने मां के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, मां के साथ अश्लील हरकत भी की। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है।
आरोप है कि वह रोज शराब के नशे में अपनी पत्नी और सात साल की बेटी के साथ मारपीट करता है। बीच-बचाव करने पर मां-बाप को भी पीटता है। मंगलवार रात आरोपी शराब के नशे में अपनी पत्नी को पीट रहा था। उसे बचाने आई मां के साथ भी मारपीट की। आरोप है कि आरोपी ने अपनी मां के कपड़े फाड़कर अश्लील हरकत की। बचाव में आए पिता को भी पीट-पीटकर जमीन पर गिरा दिया। इस पर पीड़ित पिता ने बादलपुर पुलिस को सूचित किया, जबकि आरोपी फरार है

प्रस्तावित एयरपोर्ट के आस-पास बननी शुरू अव ैध कॉलोनियां

ग्रेटर नोएडा -जब से योगी सरकार ने जेवर इंटरनैशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव पास किया है कई बिल्डर्स की चांदी हो गयी है अब यहां पर अवैध रूप से एयरपोर्ट के नाम पर जमीन काटी जा रही है जेवर इंटरनैशनल एयरपोर्ट की सुगबुगाहट के साथ ही इस इलाके में कॉलोनाइजर सक्रिय हो गए हैं। प्रस्तावित एयरपोर्ट के पास अवैध रूप से कॉलोनी काटी जाने लगी है। लोगों को लुभाने के लिए कॉलोनी का नाम ‘एयरपोर्ट नगर’ रखा गया है। कॉलोनाइजर यमुना अथॉरिटी की तर्ज पर अखबारों में बाकायदा विज्ञापन देकर ड्रॉ कराने की बात कर रहे हैं। वहीं प्रॉपर्टी डीलरों को भी मोटा कमीशन देने का ऑफर दिया जा रहा है। मामला संज्ञान में आने पर यमुना अथॉरिटी के सीईओ ने कॉलेनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जेवर इंटरनैशनल एयरपोर्ट को यूपी सरकार से मंजूरी मिल गई है। यमुना अथॉरिटी ने सर्वे के लिए राइट्स को पैसे भी दे दिए हैं। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस पर फैसला लेगा। हालांकि इसके साथ ही जेवर एरिया में कॉलोनाइजर भी सक्रिय हो गए हैं और अवैध रूप से कॉलोनी काटने का काम शुरू हो गया है। कॉलोनाइजर एयरपोर्ट को अप्रूव्ड बताकर प्लॉट खरीदने का लालच लोगों को दे रहे हैं। एक कॉलेनाइजर ने अपने कॉलोनी का नाम ‘एयरपोर्ट नगर’ रखा है। इसमें बताया गया है कि जेवर एयरपोर्ट से कॉलोनी की दूरी मात्र तीन-चार किमी है। यह भी दावा किया जा रहा है कि यमुना अथॉरिटी से काफी सस्ते रेट पर प्लॉट दिए जाएंगे। इसके लिए सोशल मीडिया के जरिए लोगों को मेसेज भेजे जा रहे हैं। बताया जाता है कि कॉलेनाइजरों ने ग्रेटर नोएडा के प्रॉपर्टी डीलरों को भी एक्टिव कर दिया है। प्लॉट बिकवाने पर मोटे कमीशन देने का ऑफर डीलरों को दिया जा रहा है। एक अन्य कॉलोनाइजर ने तो अखबारों में विज्ञापन देकर ड्रॉ कराने की बात कही है। योजना का नाम ‘यमुना एक्सप्रेसवे आवासीय भूखंड’ रखा गया है। 3 अप्रैल से इसका रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है और 11 मई को रजिस्ट्रेशन समाप्त होगा। कॉलेनाइजर ने दावा किया है कि प्लॉट का आवंटन ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। ड्रॉ की संभावित डेट 17 मई बताई गई है। कॉलोनाजइर ने 50 से 200 वर्ग मीटर तक प्लॉट्स के साइज रखे हैं। कॉलोनाइजर ने कस्टमर केयर नंबर, वेबसाइट और ईमेल आईडी भी जारी किए हैं। जेवर यमुना अथॉरिटी के नोटिफाइड एरिया में शामिल है। कोई भी शख्स नोटिफाइड एरिया में न तो कॉलोनी काट सकता है और न ही इस तरह की कोई स्कीम लॉन्च कर सकता है। जब तक यमुना अथॉरिटी अधिसूचित इलाके की जमीन का अधिग्रहण नहीं कर लेती, तब तक सिर्फ खेती के उद्देश्य से जमीन की खरीद-फरोख्त की जा सकती है। इस एरिया में स्कीम लॉन्च करने का अधिकार सिर्फ यमुना अथारिटी को है।

डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना अथॉरिटी पता ने बताया कि कुछ लोग प्रस्तावित एयरपोर्ट के पास अवैध रूप से कॉलोनी काट रहे हैं। कुछ कॉलोनाइजरों ने इसके लिए अखबारों में विज्ञापन भी दिया है। इसी आधार पर उन्हें चिह्नित कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे कॉलोनाइजरों के खिलाफ जल्द कार्रवाई के लिए एसएसपी से भी बात की जाएगी।

कानूनी शिकंजे से बचने के लिए विदेश भागने क ी फ़िराक में बिल्डर

नोएडा ग्रेटर नोएडा में बिल्डरों के अधूरे प्रोजेक्टों को लेकर पुलिस-प्रशासन के नए तेवरों से धोखाधड़ी में माहिर बिल्डरों में खलबली मच गई है। जिस तरह बेंको को कई हज़ार करोड़ का चुना लगाकर बिजनेसमैन विजय माल्या फरार हो गया। और अब भारत सरकार उस पर नकेल कस रही है ठीक उसी तरह उत्तर प्रदेश सरकार भी बिल्डरों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है , इससे लोगो को गुमरहा करके पैसा ठगने वाले बिल्डर काफी बैचेन हो गए है , कारवाई से बचने के लिए बहार भागने की जुगाड़ में लगे है , इनमें बड़े प्रोजेक्टों में शेयर कर पब्लिक से पैसा बटोरने वाले बिल्डर कानूनी शिकंजे से बचने के लिए विदेश भागने की तैयारी कर रहे हैं। इनमें कई विजय माल्या की तरह इंग्लैंड, फिनलैंड या ऐसे देशों में ठिकाना ढूंढ चुके हैं या ढूंढ रहे हैं, जहां से वापस भारत लाना मुश्किल हो। हाल ही में नोएडा व ग्रेटर नोएडा में आधा दर्जन बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पुलिस प्रशासन को बायर्स के तेवर और राज्य सरकार की मंशा के हिसाब से कानूनी कार्रवाई करनी होगी। आने वाले दिनों में ये तेवर और भी सख्त हो सकते हैं। इसकी वजह यह है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना अथॉरिटी के बिल्डरों पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये फंसे हैं। इसके साथ ही पब्लिक से भी इन बिल्डरों ने लगभग 20 हजार करोड़ रुपये ले रखे हैं। रियल एस्टेट के एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगभग एक लाख करोड़ रुपये बैंक व वित्तीय संस्थानों के भी तीनों शहरों में लगे हैं जो बिल्डर ने लोन के रूप में ले रखा है। ऐसे में कानूनी शिकंजा तेज होने के बाद अब बिल्डर व उनसे जुड़े डायरेक्टर कभी भी विदेश जा सकते हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि कई बिल्डरों ने मनी लॉन्ड्रिंग के जरिये रकम शिफ्ट कर विदेशों में संपत्ति बना रखी है। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के देश में इनवेस्ट की गई रकम में नोएडा के भी दो बिल्डरों के नाम सामने आए हैं।

उधर, केंद्र सरकार की बेनामी प्रॉपर्टी एक्ट के प्रभावी होने व इनकम टैक्स के सक्रिय होने का प्रेशर भी बिल्डरों के दिलोदिमाग पर छाया हुआ है। पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिन बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है, उनके पासपोर्ट व अन्य दस्तावेजों को लेकर जल्द ही कार्रवाई होने वाली है। इससे अथॉरिटी व बैंक के साथ-साथ पब्लिक में भी अपनी रकम डूबने की आशंका पैदा हो रही है।

गौरतलब है कि जनवरी, 14 में नोएडा के एक बिल्डर शिवकला ग्रुप के एमडी महिम मित्तल को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था। वह और उसका भाई असित मित्तल अभी भी जेल में है। आरोप है कि उनलोगों ने ग्रेटर नोएडा में शिवकला चार्म में 140 फ्लैट बनाए थे और 300 फ्लैट बेच डाले। 160 लोगों को वही फ्लैट बेच दिए जो पहले किसी अन्य को बेचे जा चुके थे। रेरा लागू होने के बाद यह शिकंजा और कसने वाला है।

गोरक्षक के नाम पर किसानो से की मारपीट

योगी सरकार ने जब से गोरक्षक का नियम लागु किया है है तब से हिन्दू संगठन के कुछ लोग ने गोरक्षक के नाम पर राजनीती करने में लगे है खुद ही कानून को अपने हाथो में लेकर फैसला करने में लगे है और वो सही गलत नहीं समझते है ऐसा ही एक मामला जेवर का है जो खुद को गोरक्षक बताकर किसानों से मारपीट करने के मामले में जेवर पुलिस ने 4 नामजद समेत 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि ये लोग कुछ समय से सक्रिय होकर जेवर इलाके में गौशाला कब्जाने की फिराक में थे।
गुरुवार दोपहर सिरसा मांचीपुर निवासी किसान जबर सिंह व भूपसिंह अपने बच्चों को दूध पिलाने के लिए गांव मेहंदीपुर से गाय खरीद कर गांव लौट रहे थे। आरोप है कि जेवर के करीब 10 से 12 लोगों ने खुद को गौ रक्षा दल का सदस्य बताते हुए उनसे गाय को लेकर उल्टे-सीधे सवाल करने के बाद मारपीट करने लगे। इसके बाद उनकी गाय को लूट कर ले जाने लगे। एसपी देहात सुनीति ने बताया कि रात में ही सीओ जेवर और एसडीएम जेवर ने घटना स्थल का दौरा किया। महेश, अशोक, गौरव व ओमप्रकाश निवासी जेवर समेत 10 लोगों के खिलाफ जेवर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
वहीं गौ रक्षा हिंदू दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेद नागर ने कहा है कि इन लोगों से उनके संगठन का कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, पीड़ित भूप सिंह का कहना है कि हमला करने वाले तो उन्हें मार ही देते। भीड़ में से किसी ने उनकी मदद नहीं की। जिला अस्पताल में डॉक्टर का कहना है कि घायलों की हालत खतरे से बाहर है।